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अलीगढ़ः कोयला संकट : करीब 400 मेगावाट गिरा बिजली उत्पादन
Sat, 16 Apr 2022 12:56 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Sat, 16 Apr 2022 12:56 AM IST
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कोयला संकट से हरदुआगंज तापीय परियोजना में करीब 400 मेगावाट बिजली उत्पादन कम हुआ है। 110 मेगावाट की सात नंबर यूनिट कई दिनों से बंद है। 660 मेगावाट की यूनिट में भी क्षमता से कम उत्पादन हो रहा है।
कोयले की कमी की वजह से 6 अप्रैल 2022 को रात 9:14 बजे 110 मेगावाट की यूनिट बंद हो गई थी, जो अब तक चालू नहीं हो सकी है। इसी तरह 660 मेगावाट की यूनिट में भी करीब 380 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। अभी 250 मेगावाट (8 एवं 9 नंबर) की दो यूनिट में पूरा उत्पादन हो रहा है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि 660 मेगावाट की यूनिट पूरी क्षमता से चलाने के लिए पांच रैक कोयला चाहिए, जबकि दो से चार रैक के बीच कोयला आ रहा है।
बिजली उत्पादन में गिरावट होने से कई जिलों की बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। महाप्रबंधक सुनील कुमार का कहना है कि यह सही है कि कोयला कुछ कम आ रहा है लेकिन इतना कम नहीं आ रहा है कि यूनिट बंद हो जाए। 660 मेगावाट की यूनिट को कोयला सप्लाई किया जा रहा है, इसलिए सात नंबर यूनिट बंद हुई है।
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सराय सुल्तानी में 12 घंटे बाद हुई बिजली आपूर्ति
अलीगढ़। हाथरस अड्डा स्थित ट्रांसफार्मर फूंकने से सराय सुल्तानी एवं बराई स्ट्रीट आदि क्षेत्र में 12 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसकी वजह से क्षेत्र के लोग भीषण गर्मी में बहुत परेशान रहे। पानी की भी दिक्कत हुई। हाथरस अड्डा स्थित ट्रांसफार्मर में रात करीब दो बजे आग लगी थी। उसके बाद से शुक्रवार दो बजे तक आपूर्ति बाधित रही। सराय सुल्तानी के महेद्रपाल वार्ष्णेय ने बताया कि 12 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है। अधिशासी अभियंता पी राम ने बताया कि ट्रांसफार्मर में आग लगने से दिक्कत हुई है। ट्रांसफार्मर तक ट्राली नहीं पहुंचने से थोड़ी परेशानी हुई। अब आपूर्ति शुरू हो गई है।
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कोयले की कमी की वजह से 6 अप्रैल 2022 को रात 9:14 बजे 110 मेगावाट की यूनिट बंद हो गई थी, जो अब तक चालू नहीं हो सकी है। इसी तरह 660 मेगावाट की यूनिट में भी करीब 380 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। अभी 250 मेगावाट (8 एवं 9 नंबर) की दो यूनिट में पूरा उत्पादन हो रहा है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि 660 मेगावाट की यूनिट पूरी क्षमता से चलाने के लिए पांच रैक कोयला चाहिए, जबकि दो से चार रैक के बीच कोयला आ रहा है।
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बिजली उत्पादन में गिरावट होने से कई जिलों की बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। महाप्रबंधक सुनील कुमार का कहना है कि यह सही है कि कोयला कुछ कम आ रहा है लेकिन इतना कम नहीं आ रहा है कि यूनिट बंद हो जाए। 660 मेगावाट की यूनिट को कोयला सप्लाई किया जा रहा है, इसलिए सात नंबर यूनिट बंद हुई है।
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सराय सुल्तानी में 12 घंटे बाद हुई बिजली आपूर्ति
अलीगढ़। हाथरस अड्डा स्थित ट्रांसफार्मर फूंकने से सराय सुल्तानी एवं बराई स्ट्रीट आदि क्षेत्र में 12 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसकी वजह से क्षेत्र के लोग भीषण गर्मी में बहुत परेशान रहे। पानी की भी दिक्कत हुई। हाथरस अड्डा स्थित ट्रांसफार्मर में रात करीब दो बजे आग लगी थी। उसके बाद से शुक्रवार दो बजे तक आपूर्ति बाधित रही। सराय सुल्तानी के महेद्रपाल वार्ष्णेय ने बताया कि 12 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है। अधिशासी अभियंता पी राम ने बताया कि ट्रांसफार्मर में आग लगने से दिक्कत हुई है। ट्रांसफार्मर तक ट्राली नहीं पहुंचने से थोड़ी परेशानी हुई। अब आपूर्ति शुरू हो गई है।