Yogi Adityanath: सीएम योगी अलीगढ़ आगमन, सिर्फ विकास का जायजा नहीं, 2027 के लिए टिकट और साख की अग्निपरीक्षा
अलीगढ़ जिला प्रशासन और नगर निगम युद्ध स्तर पर तैयारियों में जुट गया है। मुख्यमंत्री के वीवीआईपी कार्यक्रम को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक हुई। यहां तैयारियों की रूपरेखा तय की गई।
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 22 और 23 जून का अलीगढ़ दौरा महज एक प्रशासनिक या विकास कार्यों के लोकार्पण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव का शंखनाद है। नुमाइश मैदान में 22 जून को होने वाली जनसभा के बहाने भाजपा पश्चिमी यूपी में अपनी राजनीतिक बिसात बिछाने जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों और अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक तो इस दौरे के कई गहरे राजनीतिक मायने हैं, जिन्हें तीन प्रमुख बिंदुओं के जरिये समझा जा सकता है। पहला तो यह कि पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जिले की सभी सात सीटों पर एतिहासिक जीत दर्ज की थी। राजनीति की समझ रखने वाले जानते हैं कि किसी गढ़ को जीतना जितना मुश्किल होता है, उस जीत को बरकरार रखना उससे कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। मुख्यमंत्री योगी इस दौरे के जरिए जमीनी स्तर पर यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सभी सात सीटों पर पार्टी का दबदबा कायम रहे और किसी भी तरह की सत्ता विरोधी लहर को पनपने से पहले ही दबा दिया जाए।
दूसरा यह कि इस दौरे ने अलीगढ़ के मौजूदा विधायकों और जनप्रतिनिधियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। मुख्यमंत्री इस दौरान न केवल जनता की नब्ज टटोलेंगे, बल्कि संगठन के कार्यकर्ताओं से सीधा फीडबैक भी लेंगे। यह जानेंगे कि किस विधानसभा क्षेत्र में जनता का झुकाव किस तरफ है। किस जनप्रतिनिधि की कार्यशैली से जनता खुश है और किसकी छवि कमजोर हुई है। पार्टी सूत्रों का साफ कहना है कि मुख्यमंत्री के इस दौरे से मिलने वाला फीडबैक कई मौजूदा विधायकों का भविष्य तय करेगा।
यही वजह है कि सभी जनप्रतिनिधि हाई अलर्ट पर हैं और जनसभा में अपनी ताकत दिखाने के लिए भारी भीड़ जुटाने की होड़ में लग गए हैं।तीसरा यह कि चुनावी मशीनरी को सक्रिय करने के लिए मुख्यमंत्री खुद संगठन की स्थिति का आकलन करेंगे। टिकट की दावेदारी और स्थानीय गुटबाजी को दूर कर पूरी पार्टी को एक मंच पर लाना भी इस दौरे का एजेंडा है। नुमाइश मैदान का शक्ति प्रदर्शन यह तय करेगा कि कौन सा नेता जमीन पर कितना मजबूत है। इस तरह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा अलीगढ़ के विकास कार्यों को रफ्तार देने के साथ-साथ भाजपा के स्थानीय नेताओं के लिए एक लिटमस टेस्ट साबित होने जा रहा है।
भीषण गर्मी को देखते हुए नुमाइश मैदान में होंगे खास इंतजाम
अलीगढ़ जिला प्रशासन और नगर निगम युद्ध स्तर पर तैयारियों में जुट गया है। मुख्यमंत्री के वीवीआईपी कार्यक्रम को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक हुई। यहां तैयारियों की रूपरेखा तय की गई। भीषण गर्मी को देखते हुए जनसभा स्थल पर विशेष इंतजाम की तैयारी की गई है। नुमाइश मैदान में होने वाली जनसभा के लिए भीषण गर्मी को देखते हुए सभा स्थल पर खास इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा पंडाल में पर्याप्त शेड ठंडे पानी की व्यापक व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए टीमें मैदान में काम कर रही हैं ताकि रैली में आने वाले लोगों को कोई असुविधा न हो।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री अलीगढ़ वासियों को कई बड़े विकास कार्यों का तोहफा देंगे। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट में होने वाली समीक्षा बैठक में सीएम जनप्रतिनिधियों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए ढीले अधिकारियों पर सख्त रुख भी अपना सकते हैं।नगर निगम ने मुख्यमंत्री के काफिले वाले रूटों को चमकाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। वीवीआईपी रूटों पर विशेष सफाई और सड़कों को दुरुस्त किया जा रहा है। रास्तों में आने वाले पेड़ों की छंटाई की जा रही है और सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त किया जा रहा है।