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मिट्टी में दबकर एक की मौत, चार घायल
अलीगढ़/ब्यूरो
Updated Wed, 23 Mar 2016 02:01 AM IST
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होली के त्योहार पर घर की लिपाई के लिए मिट्टी खोदने गईं पांच युवती मिट्टी खोदते समय ढाय में दब गईं। इनमें से एक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चार अन्य घायल हो गईं। उनका उपचार चल रहा है हालांकि उन चारों की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
होली के त्योहार की तैयारियों के चलते गांवों में कच्चे घरों को मिट्टी से लीपा जाता है। गांव चालाकपुर में भी घरों को मिट्टी से लीपने के लिए गांव की ही साधना पुत्री वृसवीर सिंह, सुमन, लोकेश पुत्री सूरजपाल, लक्ष्मी, पूजा पुत्री जयंती प्रसाद खेतों से पीली मिट्टी लेने गईं थीं। गांव के ही सुखराम सिंह दिल्ली रहते हैंख् इनके खेत में पीली मिट्टी होने के कारण महिलाएं मिट्टी ले आती थीं।
यहां पर गहरी सुरंग सी बन गई थी। पांचों बच्चियां इसमें घुसकर मिट्टी खोद रही थीं। साधना ज्यादा अंदर जाकर मिट्टी खोदने लगीं। इसी दौरान अचानक भर भराकर ढाय गिर गई। पांचों बच्चियां उसमें दब गईं। पास में ही भट्ठा पर काम कर रहे मजदूर दौड़कर वहां पहुंचे।
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उन्होंने जल्दी अपने फावड़ों आदि से खुदाई करते हुए चार बच्चियों को तो सकुशल निकाल लिया। जबकि साधना को निकालने में थोड़ी देर हो गई। करीब 10 मिनट बाद साधना को बाहर निकाला जा सका। सभी को आनन फानन चिकित्सकों के पास ले जाया गया। जहां साधना को मृत घोषित कर दिया। होली के एक दिन पहले हुए इस दर्दनाक हादसे से गांव में खुशी का माहौल अचानक गम में बदल गया।
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होली के त्योहार की तैयारियों के चलते गांवों में कच्चे घरों को मिट्टी से लीपा जाता है। गांव चालाकपुर में भी घरों को मिट्टी से लीपने के लिए गांव की ही साधना पुत्री वृसवीर सिंह, सुमन, लोकेश पुत्री सूरजपाल, लक्ष्मी, पूजा पुत्री जयंती प्रसाद खेतों से पीली मिट्टी लेने गईं थीं। गांव के ही सुखराम सिंह दिल्ली रहते हैंख् इनके खेत में पीली मिट्टी होने के कारण महिलाएं मिट्टी ले आती थीं।
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यहां पर गहरी सुरंग सी बन गई थी। पांचों बच्चियां इसमें घुसकर मिट्टी खोद रही थीं। साधना ज्यादा अंदर जाकर मिट्टी खोदने लगीं। इसी दौरान अचानक भर भराकर ढाय गिर गई। पांचों बच्चियां उसमें दब गईं। पास में ही भट्ठा पर काम कर रहे मजदूर दौड़कर वहां पहुंचे।
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उन्होंने जल्दी अपने फावड़ों आदि से खुदाई करते हुए चार बच्चियों को तो सकुशल निकाल लिया। जबकि साधना को निकालने में थोड़ी देर हो गई। करीब 10 मिनट बाद साधना को बाहर निकाला जा सका। सभी को आनन फानन चिकित्सकों के पास ले जाया गया। जहां साधना को मृत घोषित कर दिया। होली के एक दिन पहले हुए इस दर्दनाक हादसे से गांव में खुशी का माहौल अचानक गम में बदल गया।