{"_id":"5f833e638ebc3e9b804f23d6","slug":"claim-no-stray-burn-on-october-9","type":"story","status":"publish","title_hn":"दावा : 9 अक्तूबर को कहीं नहीं जली पराली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दावा : 9 अक्तूबर को कहीं नहीं जली पराली
Sun, 11 Oct 2020 10:59 PM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Sun, 11 Oct 2020 10:59 PM IST
विज्ञापन
पराली जलाने के बाद उड़ता धुआं
- फोटो : अमर उजाला
पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ लगातार कार्रवाई असरकारी रही। कृषि विभाग के अनुसार, नौ अक्टूबर को सेटेलाइट के रडार पर एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ।
उच्चतम न्यायालय व एनजीटी की सख्ती के बाद पराली जलाने वालों पर कृषि विभाग द्वारा की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई असरकारी साबित हुई है। सेटेलाइट मैपिंग के जरिये 14 मामले पकड़े गए। साथ ही 21 किसानों पर एफआईआर और 5 विभागीय कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई से पराली जलाने की घटनाएं एकाएक थम गई हैं।
9 अक्तूबर को सेटेलाइट के मैप पर एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ। बताते चले कि सेटेलाइट मैपिंग व्यवस्था में रिपोर्ट एक दिन बाद आती है। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने स्वीकार किया कि 9 अक्तूबर को पराली जलाने का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ है। उन्होंने किसानों से पराली न जलाकर उसको जैविक खाद के रूप में प्रयोग करने की अपील की है।
विज्ञापन
उच्चतम न्यायालय व एनजीटी की सख्ती के बाद पराली जलाने वालों पर कृषि विभाग द्वारा की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई असरकारी साबित हुई है। सेटेलाइट मैपिंग के जरिये 14 मामले पकड़े गए। साथ ही 21 किसानों पर एफआईआर और 5 विभागीय कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई से पराली जलाने की घटनाएं एकाएक थम गई हैं।
9 अक्तूबर को सेटेलाइट के मैप पर एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ। बताते चले कि सेटेलाइट मैपिंग व्यवस्था में रिपोर्ट एक दिन बाद आती है। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने स्वीकार किया कि 9 अक्तूबर को पराली जलाने का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ है। उन्होंने किसानों से पराली न जलाकर उसको जैविक खाद के रूप में प्रयोग करने की अपील की है।
विज्ञापन