फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Childline is showing the way home to the stray children

अलीगढ़ : चाइल्ड लाइन दिखा रही भटके बच्चों को घर की राह

Thu, 17 Feb 2022 12:41 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Feb 2022 12:41 AM IST
विज्ञापन
Childline is showing the way home to the stray children
चमन सिंह तोमर। आरपीएफ पोस्ट कमांडर - फोटो : CITY OFFICE
रिंकू शर्मा
विज्ञापन

रेलवे स्टेशन पर घर से नाराज होकर या भटक कर आने वाले बच्चों को सामाजिक संस्था चाइल्ड लाइन सही राह दिखाने का काम कर रही है। इसमें संस्था आरपीएफ व जीआरपी की मदद ले रही है। इतना ही नहीं संस्था जिले भर से लापता बच्चों को खोजने व उनके परिजनों तक पहुंचाने का काम कर रही है। हर माह संस्था स्टेशन पर भटकते हुए मिलने वाले 15-20 बच्चों को खोजकर उन्हें घर की राह दिखा रही है। पिछले छह माह में ही करीब 150 से अधिक बच्चों को उनके घर भेजा जा चुका है।
कंट्रोल रूम बन रहा सहायक
रेलवे स्टेशन पर बना सीसीटीवी कैमरा कंट्रोल रूम भटके हुए या घर से भाग कर आने वाले बच्चों को खोजने में खासा सहायक बन रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे स्टेशन पर करीब 26 कैमरे लगे हुए हैं। जिनकी मदद से आरपीएफ व चाइल्ड लाइन की टीम लापता बच्चों, नाराज होकर स्टेशन पहुंचने वाले बच्चों को खोजने का काम कर रही है। स्टेशन पर बने सीसीटीवी कंट्रोल रूम के पास ही चाइल्ड लाइन का दफ्तर व हेल्प डेस्क बनी हुई है। जहां हर वक्त किसी न किसी वालंटियर की तैनाती रहती है। जिनका काम स्टेशन पर भटकते हुए मिलने वाले बच्चों को अपनी सुपुर्दगी में लेकर उनकी देखरेख रखना और उन्हें घर तक पहुंचाने अथवा परिजनों को सूचना देकर स्टेशन पर बुलाना है।
विज्ञापन

सुरक्षा एप से लापता बच्चों को खोजने में मिल रही मदद
शहर से लापता होने वाले बच्चों के बारे में विस्तृत जानकारी देने के लिए एक सुरक्षा एप तैयार किया गया है। इसकी मदद से माता-पिता से बिछुड़े हुए बच्चों के नाम, पते, फोटो के अलावा उनसे जुड़ी हुई पूरी जानकारी को दूसरे शहरों में पुलिस से साझा किया जा सकता है। एप की मदद से दूसरे शहरों में पहुंचे बच्चों व शहर में मिलने वाले बच्चों को उनके शहर व घर तक पहुंचाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

150 से अधिक बच्चों को परिजनों से मिलवाया
चाइल्ड लाइन संस्था लापता बच्चों को खोजने के अलावा स्टेशन पर रूठकर आने वाले बच्चों को तलाश करती है, फिर उन्हें परिजनों तक सकुशल पहुंचाने का काम कर रही है। इसमें आरपीएफ व जीआरपी संस्था की भरपूर मदद कर रही है। अब तक संस्था 150 से अधिक बच्चों की हमदर्द बनकर उन्हें परिजनों से मिलवा चुकी है।

- चरन सिंह तोमर, पोस्ट कमांडर, आरपीएफ
काउंसलिंग के बाद बच्चों को भेजते हैं घर
स्टेशन या शहर भर में भटकते हुए बच्चों को खोजकर उनकी काउंसलिंग कराई जाती है। बाल कल्याण समिति के समक्ष पेशी कराकर उनके घर तक पहुंचाया गया है। जिले भर में भी लावारिस मिलने वाले बच्चों को पुलिस की मदद से उनके घर तक भिजवाया गया है।
- डॉ. ज्ञानेंद्र मिश्रा, निदेशक चाइल्ड लाइन संस्था
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed