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बच्चा चोरी प्रकरण ः बच्चा चोरी के साथ फर्जी शादी का गैंग भी चलाता था यह रैकेट
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अभिषेक शर्मा
महानगर पुलिस द्वारा पकड़ा गया बच्चा चोरी गैंग फर्जी शादी कराकर लोगों को ठगने का रैकेट भी चलाता था। मंगलवार को जब इस रैकेट की महिलाओं के नाम उजागर हुए तो यह तथ्य भी सामने आया। इस गैंग के कई ऐसे पीड़ित हैं जो सामाजिक लोक लाज के चलते अब कार्रवाई करने से बच रहे हैं और यह भी कह रहे हैं कि अब ऐसी महिलाओं से पीछा छूट गया और खुद ही पुलिस कार्रवाई में फंस गईं। गैंग के सदस्य मां बेटी के विषय में यह चर्चा दिनभर आम रही।
महानगर के महुआ खेड़ा थाना क्षेत्र से एक बच्ची के चोरी होने के बाद जब पुलिस पीछे लगी तो ऐसे रैकेट का खुलासा हुआ, जो बच्चों को चोरी कर उन्हें नि:संतान दंपतियों को बेचता था। खास बात यह थी यह रैकेट बच्चों को गोद देने का बहाना बनाकर रुपयों के लालच में बेचता था। रविवार रात पुलिस ने इस गिरोह के 16 लोगों को गिरफ्तार कर 5 बच्चे बरामद किए थे, जबकि मंगलवार को साहिबाबाद से भी एक बच्चा बरामद हुआ है।
रविवार रात गिरफ्तार 9 महिलाओं में से एक महिला के विषय में मंगलवार को समाचार पत्रों में नाम प्रकाशित होने के बाद स्पष्ट हुआ कि यह महिला और उसकी मां फर्जी शादी कर लोगों को ठगने का धंधा भी करती रही हैं। एक पीड़ित से जुड़े व्यक्ति ने बताया इसकी मां ने 4 और इसी तरह इस महिला ने भी कई शादियां कीं और शादियों के बाद यह महिलाएं उस व्यक्ति को या तो ठगकर चली आती थी या फिर फर्जी शिकायत कर मोटी रखा में वसूल कर उस से दूरी बना लेती थी, क्योंकि मामला महिलाओं से जुड़ा था और पीड़ितों की दूरी भी हो गई। इसलिए यह लोग अब किसी तरह की पुलिस कार्रवाई से बच रहे हैं और इसके पीछे सामाजिक लोक लाज भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
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एसएसपी कलानिधि नैथानी इतना ही बताते हैं कि इस रैकेट का सदस्यों के विषय में सभी जानकारी जुटाई जा रही हैं, जो तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। कोई पीड़ित है तो वह तथ्य सहित शिकायत भी कर सकता है।
बच्चा हुआ लापता, चोरी की आशंका
थाना रोरावर क्षेत्र के नादा पुल के पास कुछ परिवार सड़क किनारे झुग्गी झोपड़ी बनाकर रहते हैं। वहीं उन्हीं में से गूजर नाम का व्यक्ति भी अपने परिवार के साथ रहता है। 21 जुलाई को उनका 10 वर्षीय बेटा खेरेश्वर चोराहे के पास झुग्गी में अपने अन्य रिश्तेदार के पास गया था। दोपहर में करीब तीन बजे वह खेरेश्वर चौराहे के पास दुकान से कुछ सामान लेने गया था। मगर वापस नहीं लौटा। बच्चे की चिंता में परिवार इधर उधर भटकते रहे। थानों चौकियों के चक्कर काटे। निराश होने पर बच्चे के मामा मलखान एवं मामी शारदा देवी ने महिला थाने की शरण ली। महिला थाने से जलालपुर चौकी के लिए आदेश किया गया तब जाकर पीड़ित से शिकायत ली गई। बच्चे की मामी शारदा देवी ने बताया कि चौकी में शिकायत तो ले ली गई है । मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आशंका है कि कहीं बच्चा चोर ने ही हमारे बच्चे को उठाया हो जहां कई बच्चे मिले हैं वहां भी हमारा बच्चा नहीं है।
नहीं मिला एक बच्चे का परिवार, चाइल्ड लाइन संभाल रही
रविवार रात बरामद किए गए पांच बच्चों में से एक बच्चा गाजियाबाद के रेलवे स्टेशन से चुराया गया था। इस बच्चे का परिवार अभी तक अलीगढ़ या गाजियाबाद पुलिस को नहीं मिला है। इस स्थिति में इस बच्चे को पुलिस ने चाइल्ड लाइन को सौंप दिया है। चाइल्ड लाइन के निदेशक ज्ञानेंद्र मिश्रा के अनुसार बच्चा हमारी और डॉक्टरों की निगरानी में है। उसका मेडिकल परीक्षण कराने के साथ-साथ अन्य तरह की सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। बच्चे के परिवार को तलाशने का काम पुलिस स्तर से किया जा रहा है। बच्चे का परिवार मिलने तक यह बच्चा हमारे पास रहेगा या फिर बाल कल्याण समिति के निर्देश पर उसके विषय में कोई निर्णय लिया जा सकेगा। बच्चा बेहद कमजोर है ऐसा लग रहा है कि बेहतर ढंग से परवरिश में होने के कारण यह हुआ है।
एक परिवार के पांच लोग गए जेल
बच्चा चोरी मामले में गैंग सरगना बबली उसके भाई दुर्योधन वधोनी के अलावा दोनों की बीवियां जेल चली गई हैं। इस तरह अब उनके परिवार में बच्चों की देखरेख का जिम्मा कुछ रिश्तेदारों के पास है। मंगलवार को उनके घर के पास लोग इस प्रकरण को लेकर जानकारी लेते रहे।
बेटे के लालच में खरीद लिया था बच्चा
अलीगढ़ में पकड़े गए खरीदार खैर निवासी सराफ संजय गोयल की पत्नी अलका गोयल ने बताया कि मेरे पति निर्दोष हैं। मेरे बेटे देव गोयल की 10 अप्रैल को इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। मेरे इकलौता बेटा था। उससे बड़ी मेरे पास दो बेटी रिया और रिद्धि हैं। मृत्यु के बाद पूरा परिवार डिप्रेशन का शिकार हो रहा था जिसके चलते परिचित ने किसी के माध्यम से बच्चा दिलाने का रास्ता दिखाया, जो हमारे परिवार में एक खुशी की तरह लगा। भावुक होकर हमने उस बच्चे को लगभग एक महीने पहले जल्दबाजी में ले लिया और जिसके चलते मेरे पति को आज यह दिन देखना पड़ा। लोगों का कहना है कि संजय गोयल कस्बे में एक अच्छे व्यापारी व समाज के प्रति अच्छा व्यवहार रहा है। सभी समाज के लोग उनके साथ जुड़े हैं।
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महानगर पुलिस द्वारा पकड़ा गया बच्चा चोरी गैंग फर्जी शादी कराकर लोगों को ठगने का रैकेट भी चलाता था। मंगलवार को जब इस रैकेट की महिलाओं के नाम उजागर हुए तो यह तथ्य भी सामने आया। इस गैंग के कई ऐसे पीड़ित हैं जो सामाजिक लोक लाज के चलते अब कार्रवाई करने से बच रहे हैं और यह भी कह रहे हैं कि अब ऐसी महिलाओं से पीछा छूट गया और खुद ही पुलिस कार्रवाई में फंस गईं। गैंग के सदस्य मां बेटी के विषय में यह चर्चा दिनभर आम रही।
महानगर के महुआ खेड़ा थाना क्षेत्र से एक बच्ची के चोरी होने के बाद जब पुलिस पीछे लगी तो ऐसे रैकेट का खुलासा हुआ, जो बच्चों को चोरी कर उन्हें नि:संतान दंपतियों को बेचता था। खास बात यह थी यह रैकेट बच्चों को गोद देने का बहाना बनाकर रुपयों के लालच में बेचता था। रविवार रात पुलिस ने इस गिरोह के 16 लोगों को गिरफ्तार कर 5 बच्चे बरामद किए थे, जबकि मंगलवार को साहिबाबाद से भी एक बच्चा बरामद हुआ है।
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रविवार रात गिरफ्तार 9 महिलाओं में से एक महिला के विषय में मंगलवार को समाचार पत्रों में नाम प्रकाशित होने के बाद स्पष्ट हुआ कि यह महिला और उसकी मां फर्जी शादी कर लोगों को ठगने का धंधा भी करती रही हैं। एक पीड़ित से जुड़े व्यक्ति ने बताया इसकी मां ने 4 और इसी तरह इस महिला ने भी कई शादियां कीं और शादियों के बाद यह महिलाएं उस व्यक्ति को या तो ठगकर चली आती थी या फिर फर्जी शिकायत कर मोटी रखा में वसूल कर उस से दूरी बना लेती थी, क्योंकि मामला महिलाओं से जुड़ा था और पीड़ितों की दूरी भी हो गई। इसलिए यह लोग अब किसी तरह की पुलिस कार्रवाई से बच रहे हैं और इसके पीछे सामाजिक लोक लाज भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
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एसएसपी कलानिधि नैथानी इतना ही बताते हैं कि इस रैकेट का सदस्यों के विषय में सभी जानकारी जुटाई जा रही हैं, जो तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। कोई पीड़ित है तो वह तथ्य सहित शिकायत भी कर सकता है।
बच्चा हुआ लापता, चोरी की आशंका
थाना रोरावर क्षेत्र के नादा पुल के पास कुछ परिवार सड़क किनारे झुग्गी झोपड़ी बनाकर रहते हैं। वहीं उन्हीं में से गूजर नाम का व्यक्ति भी अपने परिवार के साथ रहता है। 21 जुलाई को उनका 10 वर्षीय बेटा खेरेश्वर चोराहे के पास झुग्गी में अपने अन्य रिश्तेदार के पास गया था। दोपहर में करीब तीन बजे वह खेरेश्वर चौराहे के पास दुकान से कुछ सामान लेने गया था। मगर वापस नहीं लौटा। बच्चे की चिंता में परिवार इधर उधर भटकते रहे। थानों चौकियों के चक्कर काटे। निराश होने पर बच्चे के मामा मलखान एवं मामी शारदा देवी ने महिला थाने की शरण ली। महिला थाने से जलालपुर चौकी के लिए आदेश किया गया तब जाकर पीड़ित से शिकायत ली गई। बच्चे की मामी शारदा देवी ने बताया कि चौकी में शिकायत तो ले ली गई है । मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आशंका है कि कहीं बच्चा चोर ने ही हमारे बच्चे को उठाया हो जहां कई बच्चे मिले हैं वहां भी हमारा बच्चा नहीं है।
नहीं मिला एक बच्चे का परिवार, चाइल्ड लाइन संभाल रही
रविवार रात बरामद किए गए पांच बच्चों में से एक बच्चा गाजियाबाद के रेलवे स्टेशन से चुराया गया था। इस बच्चे का परिवार अभी तक अलीगढ़ या गाजियाबाद पुलिस को नहीं मिला है। इस स्थिति में इस बच्चे को पुलिस ने चाइल्ड लाइन को सौंप दिया है। चाइल्ड लाइन के निदेशक ज्ञानेंद्र मिश्रा के अनुसार बच्चा हमारी और डॉक्टरों की निगरानी में है। उसका मेडिकल परीक्षण कराने के साथ-साथ अन्य तरह की सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। बच्चे के परिवार को तलाशने का काम पुलिस स्तर से किया जा रहा है। बच्चे का परिवार मिलने तक यह बच्चा हमारे पास रहेगा या फिर बाल कल्याण समिति के निर्देश पर उसके विषय में कोई निर्णय लिया जा सकेगा। बच्चा बेहद कमजोर है ऐसा लग रहा है कि बेहतर ढंग से परवरिश में होने के कारण यह हुआ है।
एक परिवार के पांच लोग गए जेल
बच्चा चोरी मामले में गैंग सरगना बबली उसके भाई दुर्योधन वधोनी के अलावा दोनों की बीवियां जेल चली गई हैं। इस तरह अब उनके परिवार में बच्चों की देखरेख का जिम्मा कुछ रिश्तेदारों के पास है। मंगलवार को उनके घर के पास लोग इस प्रकरण को लेकर जानकारी लेते रहे।
बेटे के लालच में खरीद लिया था बच्चा
अलीगढ़ में पकड़े गए खरीदार खैर निवासी सराफ संजय गोयल की पत्नी अलका गोयल ने बताया कि मेरे पति निर्दोष हैं। मेरे बेटे देव गोयल की 10 अप्रैल को इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। मेरे इकलौता बेटा था। उससे बड़ी मेरे पास दो बेटी रिया और रिद्धि हैं। मृत्यु के बाद पूरा परिवार डिप्रेशन का शिकार हो रहा था जिसके चलते परिचित ने किसी के माध्यम से बच्चा दिलाने का रास्ता दिखाया, जो हमारे परिवार में एक खुशी की तरह लगा। भावुक होकर हमने उस बच्चे को लगभग एक महीने पहले जल्दबाजी में ले लिया और जिसके चलते मेरे पति को आज यह दिन देखना पड़ा। लोगों का कहना है कि संजय गोयल कस्बे में एक अच्छे व्यापारी व समाज के प्रति अच्छा व्यवहार रहा है। सभी समाज के लोग उनके साथ जुड़े हैं।