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नरौना के राजवीर फिलिंग स्टेशन पर लगी मिली चिप
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Thu, 04 May 2017 02:17 AM IST
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पल्सर बाक्स का फोटो खींचते एसएसपी राजेश पांडेय
- फोटो : Amar Ujala
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अतरौली के नरौना बारह नंबर स्थित मैसर्स शहीद राजवीर सिंह फिलिंग स्टेशन की एक डिस्पेंसर यूनिट में चिप लगी थी, जो रिमोट कंट्रोल से संचालित थी और इसी से ईंधन चोरी होता था। बुधवार को यहां अचानक पहुंची प्रशासनिक टीम ने 18 अप्रैल को लगाई गई सील खुलवा कर पूरा पंप चेक कराया।
यहां लगी चार डिस्पेंसर यूनिट में पेट्रोल की एक यूनिट में चिप लगी हुई थी, जिसको बाद में हटाया गया है। टीम के साथ पहुंचे एसएसपी राजेश पांडेय ने इसकी पुष्टि की है। वहीं जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने कहा है कि जिस डिस्पेंसर में चिप लगाए जाने की बात कही जा रही है उसको सघनता से जांचने के लिए लखनऊ से कुछ और एक्सपर्ट बुलाए जाएंगे।
दोबारा से इसको चेक कराया जाएगा। पेट्रोल डीजल डिस्पेंसिंग मशीन के तकनीकी जानकार मैडिको कंपनी के विकास चौहान ने बताया कि पेट्रोल डिस्पेंसर यूनिट में लगे पल्सर बाक्स में छेड़छाड़ किए जाने के प्रमाण मिले हैं। इसमें धूल जमी है और अंधेरा हो जाने के कारण बहुत स्पष्ट रूप से देखा नहीं जा सकता है। इससे आगे की जांच वह नहीं कर सकते। इस पर अफसर भी कुछ भ्रम की स्थिति में रहे। सवाल ये भी उठा कि जब अधिकांश मशीनों को विकास ने ही पहले से ही देखा है, तो उससे जांच क्यों कराई जा रही है।
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टीम में डिप्टी कलक्टर हिमांशु वर्मा, डीएसओ नीरज सिंह, आईओसी के डिप्टी मैनेजर विनायक गुप्ता, बांट माप विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी आरएस अकेला शामिल रहे। पंप की जांच पड़ताल लगभग पांच घंटे तक चली है। यहां के सेल्स और दूसरे रजिस्टर टीम ने कब्जे में ले लिए हैं। इन प्रपत्रों की भी जांच होगी। इससे पहले टीम ने दोपहर के वक्त दुबे का पड़ाव स्थित शिवा ऑटो मोबाइल्स पेट्रोल पंप की तीन घंटे तक जांच की। जिसमें उनकी चार डिस्पेंसर यूनिटों को खोल कर चेक किया गया। यहां सभी मशीनेें नियमानुसार सही मिलीं। पेट्रोल पंपों पर डिस्पेंसर यूनिटों की सघन जांच पड़ताल से डीलरों में खलबली मची है।
18 अप्रैल को हुआ था खुलासा
गुजरी 18 अप्रैल की सुबह मैसर्स राजवीर सिंह फिलिंग स्टेशन पर अतरौली के गांव शफीपुर निवासी राजेश ने चिप और रिमोट से पेट्रोल चोरी पकड़ी थी। राजेश ने अपनी कार का टैंक फुल करने को कहा था। टैंक में पहले से तीन चार लीटर तेल था, इसके बाद भी 40 लीटर का टैंक पूरा भर गया तो राजेश को शक हुआ। राजेश ने सेल्समैन की जेब चेक की तो उसमें रिमोट निकला। इस मामले में पंप संचालक लोकेश, दिनेश और सेल्समैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। दिनेश जेल में है। जबकि बाकी दोनो फरार हैं। तभी से पंप सील है और यहां दो-दो पुलिस कर्मियों की 12-12 घंटे की ड्यूटी लगाई गई थी। 18 अप्रैल के बाद बुधवार को पंप की सील तोड़ कर चेकिंग की गई है। अलीगढ़ में ये चोरी पकड़े जाने के बाद ही लखनऊ के कई पंपों पर इसका खुलासा हुआ।
नरौना बारह नंबर के मैसर्स राजवीर फिलिंग स्टेशन की चेकिंग में एक मशीन में चिप लगी हुई थी। इसके साक्ष्य मिले हैं। इस पंप को सील किया जाएगा। इसका लाइसेंस निरस्त कराया जाएगा और मुकदमा दर्ज करने के बाद गिरफ्तारी होगी। जांच के लिए तकनीकी जानकार आ गए हैं। कुछ और एक्सपर्ट बुलाए जा रहे हैं।
- राजेश पांडेय, एसएसपी
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यहां लगी चार डिस्पेंसर यूनिट में पेट्रोल की एक यूनिट में चिप लगी हुई थी, जिसको बाद में हटाया गया है। टीम के साथ पहुंचे एसएसपी राजेश पांडेय ने इसकी पुष्टि की है। वहीं जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने कहा है कि जिस डिस्पेंसर में चिप लगाए जाने की बात कही जा रही है उसको सघनता से जांचने के लिए लखनऊ से कुछ और एक्सपर्ट बुलाए जाएंगे।
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दोबारा से इसको चेक कराया जाएगा। पेट्रोल डीजल डिस्पेंसिंग मशीन के तकनीकी जानकार मैडिको कंपनी के विकास चौहान ने बताया कि पेट्रोल डिस्पेंसर यूनिट में लगे पल्सर बाक्स में छेड़छाड़ किए जाने के प्रमाण मिले हैं। इसमें धूल जमी है और अंधेरा हो जाने के कारण बहुत स्पष्ट रूप से देखा नहीं जा सकता है। इससे आगे की जांच वह नहीं कर सकते। इस पर अफसर भी कुछ भ्रम की स्थिति में रहे। सवाल ये भी उठा कि जब अधिकांश मशीनों को विकास ने ही पहले से ही देखा है, तो उससे जांच क्यों कराई जा रही है।
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टीम में डिप्टी कलक्टर हिमांशु वर्मा, डीएसओ नीरज सिंह, आईओसी के डिप्टी मैनेजर विनायक गुप्ता, बांट माप विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी आरएस अकेला शामिल रहे। पंप की जांच पड़ताल लगभग पांच घंटे तक चली है। यहां के सेल्स और दूसरे रजिस्टर टीम ने कब्जे में ले लिए हैं। इन प्रपत्रों की भी जांच होगी। इससे पहले टीम ने दोपहर के वक्त दुबे का पड़ाव स्थित शिवा ऑटो मोबाइल्स पेट्रोल पंप की तीन घंटे तक जांच की। जिसमें उनकी चार डिस्पेंसर यूनिटों को खोल कर चेक किया गया। यहां सभी मशीनेें नियमानुसार सही मिलीं। पेट्रोल पंपों पर डिस्पेंसर यूनिटों की सघन जांच पड़ताल से डीलरों में खलबली मची है।
18 अप्रैल को हुआ था खुलासा
गुजरी 18 अप्रैल की सुबह मैसर्स राजवीर सिंह फिलिंग स्टेशन पर अतरौली के गांव शफीपुर निवासी राजेश ने चिप और रिमोट से पेट्रोल चोरी पकड़ी थी। राजेश ने अपनी कार का टैंक फुल करने को कहा था। टैंक में पहले से तीन चार लीटर तेल था, इसके बाद भी 40 लीटर का टैंक पूरा भर गया तो राजेश को शक हुआ। राजेश ने सेल्समैन की जेब चेक की तो उसमें रिमोट निकला। इस मामले में पंप संचालक लोकेश, दिनेश और सेल्समैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। दिनेश जेल में है। जबकि बाकी दोनो फरार हैं। तभी से पंप सील है और यहां दो-दो पुलिस कर्मियों की 12-12 घंटे की ड्यूटी लगाई गई थी। 18 अप्रैल के बाद बुधवार को पंप की सील तोड़ कर चेकिंग की गई है। अलीगढ़ में ये चोरी पकड़े जाने के बाद ही लखनऊ के कई पंपों पर इसका खुलासा हुआ।
नरौना बारह नंबर के मैसर्स राजवीर फिलिंग स्टेशन की चेकिंग में एक मशीन में चिप लगी हुई थी। इसके साक्ष्य मिले हैं। इस पंप को सील किया जाएगा। इसका लाइसेंस निरस्त कराया जाएगा और मुकदमा दर्ज करने के बाद गिरफ्तारी होगी। जांच के लिए तकनीकी जानकार आ गए हैं। कुछ और एक्सपर्ट बुलाए जा रहे हैं।
- राजेश पांडेय, एसएसपी