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खुद का ई-रिक्शा चलाने वाले भी उद्यमी माने जाएंगे

Sat, 11 Jan 2020 01:18 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jan 2020 01:18 AM IST
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Census 2020
आशीष निगम
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चाय पान, पान मसाला की दुकान। चाट, पकौड़ी, कचौड़ी, खस्ता, बरुले, अंडा, कुल्चे-छोले, बिरयानी, मूंगफली आदि की ढकेल लगाने वाले अब उद्यम की श्रेणी में गिने जाएंगे। घर में आचार, पापड़, टिफिन, सिलाई, कढ़ाई, बुनाई सहित अन्य काम करने वाले भी इसी श्रेणी में होंगे। कुल मिला कर घर से लेकर सड़क और फुटपाथ के किनारे किसी भी तरह का काम करने वाले उद्यमी माने जाएंगे। जी हां, सातवीं आर्थिक गणना में ऐसे एक-एक काम की गिनती होगी और उसकी पूरी डिटेल आनलाइन अपलोड होगी। मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा, पशु आश्रय स्थल, स्कूल, कॉलेज, सिनेमा, पार्क, शोरूम, दुकान, गोदाम, फैक्ट्री आदि की गणना होगी। पूरे जिले में 3090 प्रगणक इस काम को पूरा कराएंगे। जिले में कार्यरत लगभग 600 कामन सर्विस सेंटर भी इसमें शामिल किए गए हैं।
कामन सर्विस सेंटर के डिस्ट्रिक मैनेजर विष्णुकांत शर्मा ने बताया कि गणना में पहली बार ईकोनॉमिक्स सेंसेस ईसी-7.0 एप का इस्तेमाल हो रहा है, पूरी गणना डिजिटल प्लेटफार्म पर होगी। इसका प्रशिक्षण भी हो रहा है। किसी भी घर, दुकान, गोदाम, फैक्ट्री में कुल 13 बिंदुओं पर सूचना मांगी जाएगी। ये सूचना एप पर उपलब्ध फॉर्मेट में भरी जाएगी। यही डाटा बाद में संकलित हो जाएगा। मालिक और कामगार में फर्क रखा गया है। मसलन, ई रिक्शा मालिक अगर खुद रिक्शा चला रहा है तो उसे उद्यम माना जाएगा और किराये में लाकर ई-रिक्शा चलाने वाले को कामगार कहा जाएगा। गौर हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 दिसंबर 2019 को इसकी शुरुआत की थी।
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आर्थिक गणना हमेशा अलग-अलग अंतराल में
आर्थिक गणना कभी भी एक तयशुदा अंतराल में नहीं हुई। पहली और दूसरी आर्थिक के बीच महज तीन वर्ष का अंतर था तो तीसरी पूरे दस वर्ष बाद कराई गई। चौथी आठ वर्ष बाद तो पांचवीं सात वर्ष बाद ही हो गई। छठवीं आठ वर्ष बाद तो अब सातवीं छह वर्ष बाद शुरू हो चुकी है। कुल मिलाकर इसका कोई समय तय नहीं है। जब सरकार की मर्जी होती है आर्थिक गणना शुरू हो जाती है। इस बार आर्थिक गणना के साथ जनगणना भी शुरू हो गई है।
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- पहली आर्थिक गणना 1977 में हुई
- दूसरी गणना महज 3 वर्ष बाद 1980 में हुई
- तीसरी 10 वर्ष बाद 1990 में की गई
- चौथी गणना 8 वर्ष बाद 1998 में हुई
- पांचवीं गणना 7 वर्ष बाद 2005 में हुई
- छठवीं गणना 8 वर्ष बाद 2013 में हुई
- सातवीं गणना 6 वर्ष बाद 2019 में शुरू
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