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विवि कैंपस के सीसीटीवी कैमरे रात में ही जांचे गए
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13 मई बृहस्पतिवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय परिसर में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर ऑफिस द्वारा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। रात में ही सभी सीसीटीवी कैमरों की ऑपरेटिंग को चेक किया गया।
साथ ही स्थानीय पुलिस प्रशासन ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ संपर्क कर मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस सहित कुछ संगठनों ने काले झंडे दिखाने की घोषणा कर दी है। इस बात को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में इस बात के इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं कि जब तक मुख्यमंत्री परिसर में बने रहेंगे तब तक कोई भी बाहरी व्यक्ति विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश न करे।
वैसे भी इस समय कोरोना वायरस संक्रमण के चलते विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित है। विश्वविद्यालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक बुधवार की देर रात कैंपस के सभी सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली को चेक किया गया। यह सुनिश्चित किया गया कि वह सही तरीके से काम कर रहे हैं और उनकी इमेज मॉनिटर पर साफ दिखाई दे रही है।
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इसके लिए रात में ही तकनीशियनों को बुला लिया गया। इसके अलावा विश्वविद्यालय के अनुशासन कार्यालय द्वारा स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी बाहरी व्यक्ति विश्वविद्यालय परिसर में बिल्कुल भी प्रवेश नहीं कर पाए। इस कार्य में स्थानीय पुलिस प्रशासन विश्वविद्यालय अनुशासन कार्यालय का सहयोग करेगा।
घोड़ों बग्गी की परंपरा का निर्वहन न हो सकेगा
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में यह परंपरा रही है कि विश्वविद्यालय में आने वाले अतिथियों को घोड़े की बग्गी द्वारा कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया जाता है। लेकिन इस समय बेहद जटिल परिस्थितियां हैं। इसलिए घोड़ों की बग्गी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बैठक स्थल तक पहुंचाए जाने की परंपरा का निर्वहन करना असंभव ही नजर आता है।
विश्वविद्यालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री का कार्यक्रम बहुत ही कम समय में सूचित किया गया। इसके चलते केवल सुरक्षा और आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। महामारी को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक आयोजनों से बचा जा रहा है।
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साथ ही स्थानीय पुलिस प्रशासन ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ संपर्क कर मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस सहित कुछ संगठनों ने काले झंडे दिखाने की घोषणा कर दी है। इस बात को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में इस बात के इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं कि जब तक मुख्यमंत्री परिसर में बने रहेंगे तब तक कोई भी बाहरी व्यक्ति विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश न करे।
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वैसे भी इस समय कोरोना वायरस संक्रमण के चलते विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित है। विश्वविद्यालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक बुधवार की देर रात कैंपस के सभी सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली को चेक किया गया। यह सुनिश्चित किया गया कि वह सही तरीके से काम कर रहे हैं और उनकी इमेज मॉनिटर पर साफ दिखाई दे रही है।
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इसके लिए रात में ही तकनीशियनों को बुला लिया गया। इसके अलावा विश्वविद्यालय के अनुशासन कार्यालय द्वारा स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी बाहरी व्यक्ति विश्वविद्यालय परिसर में बिल्कुल भी प्रवेश नहीं कर पाए। इस कार्य में स्थानीय पुलिस प्रशासन विश्वविद्यालय अनुशासन कार्यालय का सहयोग करेगा।
घोड़ों बग्गी की परंपरा का निर्वहन न हो सकेगा
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में यह परंपरा रही है कि विश्वविद्यालय में आने वाले अतिथियों को घोड़े की बग्गी द्वारा कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया जाता है। लेकिन इस समय बेहद जटिल परिस्थितियां हैं। इसलिए घोड़ों की बग्गी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बैठक स्थल तक पहुंचाए जाने की परंपरा का निर्वहन करना असंभव ही नजर आता है।
विश्वविद्यालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री का कार्यक्रम बहुत ही कम समय में सूचित किया गया। इसके चलते केवल सुरक्षा और आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। महामारी को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक आयोजनों से बचा जा रहा है।