Aligarh News: शेरवानी फिजियोथेरेपी सेंटर के तीन डॉक्टरों पर मुकदमा दर्ज, पूर्व विधायक पुत्र आईसीयू में
सेंटर पर मौजूद डॉ. आसिफ, डॉ. शेरवानी व डॉ. रफीकुल्ला ने सुमित को लिटाकर हाथ-पांव पकड़े और गर्दन में गमछा डालकर खींचना शुरू किया। पूर्व विधायक ने विरोध किया तो डॉक्टरों ने अपमानित करते हुए बाहर जाने की हिदायत दी। इसी बीच सुमित के हाथ पैर आदि अंगों ने हिलना-डुलना तक बंद कर दिया।
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धौर्रा इलाके का कथित शेरवानी फिजियोथेरेपी सेंटर (एसएस हरबल थेरेपी सेंटर) का संचालन अवैध पाए जाने के बाद डाॅ. आसिफ, डाॅ. शेरवानी, डाॅ. रफीकुल्लाह पर मुकदमा दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट मिलने के बाद 25 जुलाई सुबह यह मुकदमा पूर्व विधायक शिव सिंह चक की तहरीर पर लिखा गया है, जिसमें इस सेंटर से जुड़े मौके पर मौजूद तीन डॉक्टरों को नामजद किया गया है।
मुकदमे के अनुसार, फिरोजाबाद के टूंडला चौराहा निवासी पूर्व विधायक शिव सिंह चक के बेटे सुमित को पीठ में दर्द व सर्वाइकल की शिकायत पर नौ जुलाई को कथित शेरवानी फिजियोथेरेपी सेंटर पर लाया गया था। पांच सौ रुपये रजिस्ट्रेशन और साढ़े तीन लाख रुपये उपचार के नाम पर मांगे गए। ठीक करने की गारंटी दी गई। इस पर दो लाख रुपये एडवांस दिए गए। बाकी डेढ़ लाख रुपये उपचार के बाद देने पर सहमति दी गई।
सेंटर पर मौजूद डॉ. आसिफ, डॉ. शेरवानी व डॉ. रफीकुल्ला ने सुमित को लिटाकर हाथ-पांव पकड़े और गर्दन में गमछा डालकर खींचना शुरू किया। पूर्व विधायक ने विरोध किया तो डॉक्टरों ने अपमानित करते हुए बाहर जाने की हिदायत दी। इसी बीच सुमित के हाथ पैर आदि अंगों ने हिलना-डुलना तक बंद कर दिया। यह देख विरोध किया तो डॉक्टर धमकाते हुए भागने लगे। इस पर पुलिस बुला ली गई। सुमित को आगरा ले जाया गया। वहां के निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि सुमित की गर्दन की हड्डी टूट गई है। तब से वह आईसीयू में है।
इंस्पेक्टर क्वार्सी ने बताया कि तीनों पर अपमानित करने, जानबूझकर गलत उपचार देने, जिससे जीवन पर संकट होने और तीनों आरोपियों की मंशा एक होने संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। बाकी साक्ष्यों, स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट आदि के आधार पर गिरफ्तारी आदि की कार्रवाई की जाएगी।
थेरेपी सेंटर के खिलाफ दी गई रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। यह मुकदमा खुद पूर्व विधायक की तहरीर के आधार पर दर्ज किया गया है। बाकी आगे की कार्रवाई जारी रहेगी। - डाॅ. दिनेश खत्री, एसीएमओ।