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Aligarh: कार घर में खड़ी, हरियाणा में कट गया टोल, मैसेज देख व्यापारी का दिमाग चकराया, खुला राज तो रह गया दंग

Fri, 01 Mar 2024 05:10 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Fri, 01 Mar 2024 05:10 AM IST
सार

बलेनो कार की आगे की एचएसआरपी नंबर प्लेट कहीं गिर गई। इसके बाद नई नंबर प्लेट भी ऑनलाइन आवेदन करा दिया। 28 फरवरी की शाम उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि उनकी गाड़ी का 130 रुपये का टोल हरियाणा के रोहड़ में कटा है, जबकि गाड़ी घर पर खड़ी थी।

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Car number plate stolen in Aligarh, toll cut in Haryana
घर में खड़ी इसी कार का हरियाणा में कटा टोल - फोटो : स्वयं

विस्तार

अलीगढ़ महानगर के एक कार स्वामी के साथ एक अजीब-ओ-गरीब घटना हुई। उनकी कार की नंबर प्लेट पांच दिन पहले शहर में ही कहीं गिर गई या चोरी हो गई। इसके पांच दिन बाद उनकी नंबर प्लेट पर किसी अन्य वाहन का टोल हरियाणा के रोहड़ में कट गया। जब मोबाइल पर टोल कटने का मैसेज आया, तब उनके होश उड़ गए। उन्होंने आनन-फानन फास्टैग बंद कराया। बाद में पुलिस को भी इत्तिला दे दी है।

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शहर के तुर्कमान गेट बिच्छू वाली गली के राशिद खां मुंबई में क्राकरी का व्यापार करते हैं। इन दिनों अपने घर आए हुए हैं। वाकये के अनुसार 23 फरवरी की देर शाम वे नुमाइश की ओर घूमने निकले थे। इसी दौरान उनकी बलेनो कार संख्या डीएल 8 सी एएन-6328 की आगे की एचएसआरपी नंबर प्लेट कहीं गिर गई। उन्होंने भी यही माना कि नंबर प्लेट कहीं गिर गई होगी। इसके बाद 25 फरवरी को उन्होंने नई नंबर प्लेट भी ऑनलाइन आवेदन करा दी। 28 फरवरी की शाम उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि उनकी गाड़ी का 130 रुपये का टोल हरियाणा के रोहड़ में कटा है। जिस गाड़ी का टोल कटा, उस पर उन्हीं की नंबर प्लेट लगी थी। यह देख वे दंग रह गए। इस पर तत्काल उन्होंने अपने फास्टैग ऑपरेटर से संपर्क कर उसे ब्लॉक कराया। उनकी नंबर प्लेट लगाकर कोई वारदात न कर दे, इस अंदेशे के साथ पुलिस को भी इत्तिला दे दी। 
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एनपीआर रीडिंग से हुआ होगा ये संभव
इस विषय में टोल के जानकार बताते हैं कि देश भर में बड़े टोलों पर फास्टैग रीडिंग के साथ-साथ नंबर प्लेट रीडिंग कैमरे भी लगे रहते हैं। जब किसी गाड़ी का फास्टैग किसी तकनीकी कारण से रीड नहीं हो पाता या फास्टैग नहीं है तो फिर तत्काल एनपीआर कैमरा एक्टिव हो जाता है। उस कैमरे से कुछ ही पल में ऑपरेटर नंबर प्लेट की मदद से गाड़ी की पूरी डिटेल रीड कर लेता है। उसमें यह भी जान लेता है कि इस गाड़ी पर फास्टैग है या नहीं। अगर है तो उसमें बेलैंस है या नहीं। अगर बेलैंस होता है तो टोल कट जाएगा और नहीं है तो ऑपरेटर नकद भुगतान लेगा। बेलैंस कटने पर संबंधित नंबर प्लेट के वाहन स्वामी पर मैसेज पहुंच जाएगा। 
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इस तरह की घटना होना कोई मुश्किल नहीं है। कई मर्तबा लोग फास्टैग स्कैनर गाड़ी के साथ नहीं भी लाते और घर भूल आते हैं। तब भी एनपीआर कैमरे की मदद से टोल पर ऑनलाइन भुगतान हो सकता है। ऐसे प्रकरणों में जरूरी है कि अगर आपकी नंबर प्लेट गिर भी गई है तो तत्काल अपना फास्टैग ब्लॉक करवाएं। ताकि उस नंबर प्लेट का कोई दुरुपयोग न कर सके। -बजरंग सैनी, टोल मैनेजर एनएचएआई गभाना टोल

क्या है हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट

हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट को एल्युमिनियम से तैयार किया जाता है। इस प्लेट पर बाईं ओर के ऊपरी कोने पर क्रोमियम आधारित एक होलोग्राम लगा होता है, जिसमें वाहन की पूरी डिटेल होती है। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पर सुरक्षा के लिए यूनिक लेजर कोड भी होता है। यह कोड हर वाहन के लिए अलग-अलग होता है। खास बात यह है कि इस कोड को आसानी से हटाया नहीं जा सकता है। नए वाहनों के साथ ही इसे पुराने वाहनों पर भी लगाना जरूरी है।

क्या है इसकी खासियत और कैसे है लाभकारी 
अगर कभी कहीं कोई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाए तो वाहन पर लगी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से वाहन के मालिक समेत तमाम जरूरी जानकारी मिल जाती है। इससे वाहन सवार के परिजनों तक जानकारी पहुंचाई जा सकती है। अगर यह प्लेट एक बार टूट जाए तो फिर इसे जोड़ा नहीं जा सकता है। कोई भी इस प्लेट को कॉपी कर के नकली प्लेट नहीं बना सकता है। प्लेट के चोरी होने या दूसरे वाहन में दुरुपयोग होने की आशंका बहुत कम हो जाती है, जोकि आपके वाहन की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

प्लेट नहीं लगाने पर कितने का कटेगा चालान 
सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट 1989 के नियम 50 के मुताबिक, 1 अप्रैल 2019 को या उसके बाद खरीदे गए सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाना अनिवार्य है। बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के वाहन पाए जाने पर पहली बार 5000 रुपये, दूसरी बार 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। तीसरी बार में वाहन को जब्त कर लिया जाएगा। अगर आप हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए अप्लाई कर चुके हैं तो बुकिंग रसीद दिखाने पर चालान नहीं लगेगा।

कैसे लगवाएं हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को लगवाने के लिए सरकार द्वारा अधिकृत पंजीकरण पोर्टल पर जाएं। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट विद कलर स्टीकर पर क्लिक करें। बुकिंग डिटेल- वाहन नंबर, चेसिस नंबर, इंजन नंबर, पता, संपर्क सूत्र आदि भरें। अगर व्हीकल पर्सनल यूज के लिए है तो वाहन श्रेणी विकल्प के तहत ‘नॉन ट्रांसपोर्ट’ पर क्लिक करें। इस फॉर्म को सबमिट करें। इसके बाद आपके रजिस्टर नंबर पर एक यूजरनेम और पासवर्ड आएगा। यूजरनेम और पासवर्ड से लॉगिन कर पेमेंट करें, जिसकी आपको रसीद भी मिल जाएगी। इसके तीन से चार दिन बाद आपकी प्लेट बन जाती है। जब आपके वाहन का नंबर तैयार हो जाएगा, आपके मोबाइल नंबर इसकी सूचना मिल जाएगी।
 
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