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क्या चांद-तारों को भी भगवा रंग दे सकते हैं भाजपाई
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Thu, 23 Nov 2017 01:41 AM IST
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मुजाहिद किदवई, सपा
- फोटो : Amar Ujala
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सपा शासन में बनना शुरू हुआ जेल रोड ओवरब्रिज अब तैयार है। भाजपाइयों ने इसको भगवा रंग में रंगने की पेशकश कर नगर निगम चुनाव की राजनीति गरमा दी है। जिससे सपाइयों में आक्रोश है।
सपा से मेयर पद के प्रत्याशी मुजाहिद किदवई कहते हैं कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हमेशा विकास की राजनीति की है, यही उनकी पहचान है। उनके समय में ही जेल रोड ओवरब्रिज बनना शुरू हुआ। अब उसे यातायात के नियमों के मुताबिक पीले रंग से रंगा जा रहा है। पुल की दीवारों को भगवा रंग में रंगने की बात करने वाले भाजपाई क्या चांद तारों को भी भगवा रंग दे सकते हैं? जनता बहुत समझदार है, सब समझती है कि कौन काम कर रहा है कौन सिर्फ ‘नाम’ कर रहा है। मुजाहिद ने कुछ और सवालों के जवाब दिए। पेश हैं कुछ सवाल और उनके जवाब...।
सवाल : अलीगढ़ के मेयर के चुनाव में मुस्लिम मतदाताओं की भूमिका खासी अहम है। बसपा के मेयर प्रत्याशी मो. फुरकान भी मुस्लिम हैं। कांग्रेस के मधुकर शर्मा ब्राह्मण समुदाय के वोटों की ताकत दिखा कर मुसलमानों को अपने साथ जोड़ने में पूरा दम लगा रहे हैं। मुस्लिम मतदाताओं का रुझान आप किस ओर मानते हैं?
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जवाब : सपा एक सेक्युलर पार्टी है। हमारे लिए हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध सब भारतीय हैं। हां, कमजोर और आर्थिक व सामाजिक रूप से पिछड़े मुसलमानों के लिए सपा ने अब तक जो भी काम किया है, उससे लाखों मुसलमानों के दिल में उसकी एक खास जगह है। इसी वजह से मुसलिम समुदाय सपा को अपनी पार्टी मानता है। चुनाव में इस तबके का रुझान आने वाला वक्त तय करेगा।
सवाल : सपा की स्थानीय स्तर पर अंदरूनी राजनीति आपके चुनाव प्रचार में कहीं बाधक तो नहीं है? आपको टिकट मिलने के बाद टिकट के सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे पूर्व शहर विधायक जफर आलम प्रचार में साथ दे रहे हैं या नहीं?
जवाब : मेरे चुनाव कार्यालय खुलने से लेकर प्रचार तक सभी जगह पूर्व विधायक जफर आलम सहित सभी सपा नेता शामिल रहे हैं। सभी मिलजुल कर काम कर रहे हैं, कोई परेशानी नहीं है। टिकट देना पार्टी नेतृत्व का काम है और मांगना सबका हक है। मुझे चुनाव लड़ा कर पार्टी ने सभी स्थानीय नेताओं को मौका दिया है, मैं भी इन सबके बीच से ही हूं। मैं मेयर बना तो सपा का हर नेता, हर कार्यकर्ता खुद ब खुद मेयर होगा।
सवाल : आपके चुनाव लड़ने का उद्देश्य क्या है..? जनता आपको ही क्यों चुने..?
जवाब : उद्देश्य बिल्कुल साफ है। 22 वर्षों से जनता को धोखा दे रही भाजपा को कुर्सी से हटा कर नगर निगम को भ्रष्टाचार से और शहर को गंदगी कूड़े, सिल्ट और जाम से मुक्त बनाना है। पहले दिन से ही लोगों को परिवर्तन दिखेगा। अब लोग समस्याओं से आजिज आ चुके हैं इसलिए वो भाजपा को मेयर की कुर्सी से हटाना चाहते हैं।
सवाल : गंदगी, कूड़ा उठान, सिल्ट और नालों की सफाई को लेकर आप कैसे व्यवस्थाएं दुरुस्त करेंगे?
जवाब : शहर में कुल सात सेनेटरी वार्ड हैं। इन सभी वार्डों में रहने वाले प्रमुख शहरवासियों की टीम बनाकर रोजाना सफाई, कूड़ा उठान की मानीटरिंग होगी। सफाई रात दस बजे के बाद और सुबह सात बजे से पहले होगी। कूड़ा भी इसी दौरान उठेगा। नालों की सफाई मशीनों से होगी। सिल्ट सड़क पर नहीं फैलेगी। जो काम नहीं करेगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी लेकिन भेदभाव किसी के साथ नहीं होगा। अच्छा काम करने वाले सम्मानित होंगे।
सवाल : शहर में जाम और अतिक्रमण की समस्या रोज बढ़ती जा रही है, क्या होना चाहिए?
जवाब : अतिक्रमण हटे तो सड़कें चौड़ी होंगी और जाम कम होगा। दुकानदारों और भवन स्वामियों को साथ लेकर अतिक्रमण हटवाएंगे। बिजली के खंभे और दूसरे अवरोधक भी शिफ्ट कराएंगे। भारी वाहनों को तंग सड़कों में जाने से रोका जाएगा। स्कूलों की छुट्टी में समय अंतराल कराया जाएगा। ये छोटे-छोटे उपाय नियमित रूप से मानीटर होंगे और जाम कम होगा। दुबे का पड़ाव, आगरा रोड फ्लाईओवर बनवाएंगे।
सवाल : स्मार्ट सिटी में चयनित होेने के बावजूद अलीगढ़ में अब तक कोई बड़ा परिवर्तन नहीं दिखा, आप कैसे काम कराएंगे?
जवाब : अलीगढ़ स्मार्ट सिटी चुना गया, लेकिन छह महीने गुजर गए हैं, ऐसा एक भी काम नहीं हुआ जिससे इस खुशी को हम सब महसूस कर सकें। बड़ी-बड़ी बातें करने से पहले छोटे-छोटे काम पर फोकस करना होगा। सबसे पहले साफ सफाई का अहसास कराना होगा। गंदगी कूड़े से निजात मिले तो लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। भाजपा 22 वर्षों में ये एक काम भी पूरा नहीं कर पाई है।
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सपा से मेयर पद के प्रत्याशी मुजाहिद किदवई कहते हैं कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हमेशा विकास की राजनीति की है, यही उनकी पहचान है। उनके समय में ही जेल रोड ओवरब्रिज बनना शुरू हुआ। अब उसे यातायात के नियमों के मुताबिक पीले रंग से रंगा जा रहा है। पुल की दीवारों को भगवा रंग में रंगने की बात करने वाले भाजपाई क्या चांद तारों को भी भगवा रंग दे सकते हैं? जनता बहुत समझदार है, सब समझती है कि कौन काम कर रहा है कौन सिर्फ ‘नाम’ कर रहा है। मुजाहिद ने कुछ और सवालों के जवाब दिए। पेश हैं कुछ सवाल और उनके जवाब...।
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सवाल : अलीगढ़ के मेयर के चुनाव में मुस्लिम मतदाताओं की भूमिका खासी अहम है। बसपा के मेयर प्रत्याशी मो. फुरकान भी मुस्लिम हैं। कांग्रेस के मधुकर शर्मा ब्राह्मण समुदाय के वोटों की ताकत दिखा कर मुसलमानों को अपने साथ जोड़ने में पूरा दम लगा रहे हैं। मुस्लिम मतदाताओं का रुझान आप किस ओर मानते हैं?
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जवाब : सपा एक सेक्युलर पार्टी है। हमारे लिए हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध सब भारतीय हैं। हां, कमजोर और आर्थिक व सामाजिक रूप से पिछड़े मुसलमानों के लिए सपा ने अब तक जो भी काम किया है, उससे लाखों मुसलमानों के दिल में उसकी एक खास जगह है। इसी वजह से मुसलिम समुदाय सपा को अपनी पार्टी मानता है। चुनाव में इस तबके का रुझान आने वाला वक्त तय करेगा।
सवाल : सपा की स्थानीय स्तर पर अंदरूनी राजनीति आपके चुनाव प्रचार में कहीं बाधक तो नहीं है? आपको टिकट मिलने के बाद टिकट के सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे पूर्व शहर विधायक जफर आलम प्रचार में साथ दे रहे हैं या नहीं?
जवाब : मेरे चुनाव कार्यालय खुलने से लेकर प्रचार तक सभी जगह पूर्व विधायक जफर आलम सहित सभी सपा नेता शामिल रहे हैं। सभी मिलजुल कर काम कर रहे हैं, कोई परेशानी नहीं है। टिकट देना पार्टी नेतृत्व का काम है और मांगना सबका हक है। मुझे चुनाव लड़ा कर पार्टी ने सभी स्थानीय नेताओं को मौका दिया है, मैं भी इन सबके बीच से ही हूं। मैं मेयर बना तो सपा का हर नेता, हर कार्यकर्ता खुद ब खुद मेयर होगा।
सवाल : आपके चुनाव लड़ने का उद्देश्य क्या है..? जनता आपको ही क्यों चुने..?
जवाब : उद्देश्य बिल्कुल साफ है। 22 वर्षों से जनता को धोखा दे रही भाजपा को कुर्सी से हटा कर नगर निगम को भ्रष्टाचार से और शहर को गंदगी कूड़े, सिल्ट और जाम से मुक्त बनाना है। पहले दिन से ही लोगों को परिवर्तन दिखेगा। अब लोग समस्याओं से आजिज आ चुके हैं इसलिए वो भाजपा को मेयर की कुर्सी से हटाना चाहते हैं।
सवाल : गंदगी, कूड़ा उठान, सिल्ट और नालों की सफाई को लेकर आप कैसे व्यवस्थाएं दुरुस्त करेंगे?
जवाब : शहर में कुल सात सेनेटरी वार्ड हैं। इन सभी वार्डों में रहने वाले प्रमुख शहरवासियों की टीम बनाकर रोजाना सफाई, कूड़ा उठान की मानीटरिंग होगी। सफाई रात दस बजे के बाद और सुबह सात बजे से पहले होगी। कूड़ा भी इसी दौरान उठेगा। नालों की सफाई मशीनों से होगी। सिल्ट सड़क पर नहीं फैलेगी। जो काम नहीं करेगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी लेकिन भेदभाव किसी के साथ नहीं होगा। अच्छा काम करने वाले सम्मानित होंगे।
सवाल : शहर में जाम और अतिक्रमण की समस्या रोज बढ़ती जा रही है, क्या होना चाहिए?
जवाब : अतिक्रमण हटे तो सड़कें चौड़ी होंगी और जाम कम होगा। दुकानदारों और भवन स्वामियों को साथ लेकर अतिक्रमण हटवाएंगे। बिजली के खंभे और दूसरे अवरोधक भी शिफ्ट कराएंगे। भारी वाहनों को तंग सड़कों में जाने से रोका जाएगा। स्कूलों की छुट्टी में समय अंतराल कराया जाएगा। ये छोटे-छोटे उपाय नियमित रूप से मानीटर होंगे और जाम कम होगा। दुबे का पड़ाव, आगरा रोड फ्लाईओवर बनवाएंगे।
सवाल : स्मार्ट सिटी में चयनित होेने के बावजूद अलीगढ़ में अब तक कोई बड़ा परिवर्तन नहीं दिखा, आप कैसे काम कराएंगे?
जवाब : अलीगढ़ स्मार्ट सिटी चुना गया, लेकिन छह महीने गुजर गए हैं, ऐसा एक भी काम नहीं हुआ जिससे इस खुशी को हम सब महसूस कर सकें। बड़ी-बड़ी बातें करने से पहले छोटे-छोटे काम पर फोकस करना होगा। सबसे पहले साफ सफाई का अहसास कराना होगा। गंदगी कूड़े से निजात मिले तो लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। भाजपा 22 वर्षों में ये एक काम भी पूरा नहीं कर पाई है।