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बैंकों से कर्ज की रफ्तार सुस्त, आवेदक पस्त
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अनिल कुमार सिंह। लीड बैंक मैनेजर
- फोटो : CITY OFFICE
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आशीष निगम
कारोबारी सुगमता में बेहतर प्रदर्शन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना सुस्ती की भेंट चढ़ गई है। लक्ष्य के अनुसार कर्ज की धनराशि मिलना दूर मार्जिन मनी से आधी धनराशि के ऋण भी पास नहीं हो पाए हैं। आधा सितंबर बीतने को है, लेकिन ये सुस्ती दूर नहीं हो पाई है।
जिले में मई से जुलाई के बीच जिला स्तरीय कमेटी से 179 लाभार्थियों के 24.38 करोड़ के लोन स्वीकृत हुए हैं। यह प्रस्ताव कर्ज देने के लिए बैंकों को भेजे गए। इनकी कुल मार्जिन मनी लगभग 6.90 करोड़ रुपये बन रही है, लेकिन अभी तक बैंकों से केवल 15 लाभार्थियों के 2.74 करोड़ रुपये पास हुए हैं। इनको किस्तों के अनुसार भुगतान होने लगा है।
इनकी कुल मार्जिन मनी 68.72 लाख रुपये बन रही है। अब तक पास हुए ये 2.74 करोड़ के ऋण कुल ऋण लक्ष्य के सापेक्ष बन रही मार्जिन मनी 6.90 करोड़ से आधे से भी कम है। यानी ये ऋण राशि कुल मार्जिन मनी से लगभग 4.16 करोड़ रुपये कम है।
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बाकी 164 आवेदक बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। इस बीच आवेदन प्रक्रिया आनलाइन हो चुकी है। जुलाई के बाद से नए आवेदनों पर प्रक्रिया जारी है। ये भी सुस्त है। अधिकारियों ने बताया कि उद्योग केंद्र की वेबसाइट से बैंकों को भेजे जा रहे आवेदनों में साफ्टवेयर से डाटा मिलान नहीं होने के कारण मंजूरी में दिक्कत आ रही है। इसे जल्द ही दूर किया जाएगा।
25 लाख से 10 लाख तक है मार्जिन मनी
योजना के अंतर्गत उद्योग के लिए 25 लाख तक एवं सर्विस सेंटर के लिए 10 लाख तक लोन बैंकों के माध्यम से दिया जाता है। इसमें राज्य सरकार द्वारा 25 प्रतिशत मार्जिन मनी लाभार्थी को उपलब्ध कराई जाती है, जो कि उद्योग क्षेत्र के लिए अधिकतम 6.20 लाख तथा सेवा क्षेत्र के लिए 2.50 लाख तक देय है। ये अनुदान उद्यम के दो वर्ष तक चलने के बाद अनुदान में परिवर्तित होती है।
ऋण मिला तो सीमेंट की ईंटें बना रहे धर्मेंद्र
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से लाभान्वित मुकुंद विहार कालोनी निवासी धर्मेंद्र ने बताया कि पढ़ाई होने के बाद वह पैसों की किल्लत के कारण अपना काम नहीं कर पा रहे थे। योजना पता चलने पर जनसेवा केंद्र से आवेदन किया। जिला उद्योग केंद्र से औपचारिकताएं पूरी होने के बाद विभाग व बैंक के माध्यम से 25 लाख रुपये का ऋण मंजूर हुआ। इससे एमएस इंटरलॉकिंग ब्रिक्स उद्योग स्थापित किया। इसमें चार लोगों को वह काम दे रहे हैं, जो चार हजार इंटरलॉकिंग ब्रिक्स बना देते हैं। मार्च से अब तक लगभग 1.50 लाख ईंट भी बेच चुके हैं।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में जिले के 179 लाभार्थियों के 24.38 करोड़ के ऋण स्वीकृत हुए हैं। अभी तक बैंकों के माध्यम से केवल 15 लाभार्थियों की 2.74 करोड़ रुपये के ऋण पास हुए हैं। मई से जुलाई मध्य तक के आवेदनों को बैंकों को भेजा गया है, लेकिन साफ्टयवेयर में परेशानी की समस्या है। इसे दूर कराया जा रहा है। जिलाधिकारी के समक्ष इस समस्या को रखा जाएगा।
श्रीनाथ पासवान, उपायुक्त उद्योग।
मैंने अभी कार्यभार संभाला है। अगर बैंकों में डाटा के कारण दिक्कत आ रही है तो सभी बैंकों के जिला कोआर्डिनेटर से इसका समाधान कराया जाएगा। बैंकों की समस्या होने पर कोई भी कार्यालय में मिल सकता है।
अनिल कुमार सिंह, लीड बैंक मैनेजर।
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कारोबारी सुगमता में बेहतर प्रदर्शन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना सुस्ती की भेंट चढ़ गई है। लक्ष्य के अनुसार कर्ज की धनराशि मिलना दूर मार्जिन मनी से आधी धनराशि के ऋण भी पास नहीं हो पाए हैं। आधा सितंबर बीतने को है, लेकिन ये सुस्ती दूर नहीं हो पाई है।
जिले में मई से जुलाई के बीच जिला स्तरीय कमेटी से 179 लाभार्थियों के 24.38 करोड़ के लोन स्वीकृत हुए हैं। यह प्रस्ताव कर्ज देने के लिए बैंकों को भेजे गए। इनकी कुल मार्जिन मनी लगभग 6.90 करोड़ रुपये बन रही है, लेकिन अभी तक बैंकों से केवल 15 लाभार्थियों के 2.74 करोड़ रुपये पास हुए हैं। इनको किस्तों के अनुसार भुगतान होने लगा है।
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इनकी कुल मार्जिन मनी 68.72 लाख रुपये बन रही है। अब तक पास हुए ये 2.74 करोड़ के ऋण कुल ऋण लक्ष्य के सापेक्ष बन रही मार्जिन मनी 6.90 करोड़ से आधे से भी कम है। यानी ये ऋण राशि कुल मार्जिन मनी से लगभग 4.16 करोड़ रुपये कम है।
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बाकी 164 आवेदक बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। इस बीच आवेदन प्रक्रिया आनलाइन हो चुकी है। जुलाई के बाद से नए आवेदनों पर प्रक्रिया जारी है। ये भी सुस्त है। अधिकारियों ने बताया कि उद्योग केंद्र की वेबसाइट से बैंकों को भेजे जा रहे आवेदनों में साफ्टवेयर से डाटा मिलान नहीं होने के कारण मंजूरी में दिक्कत आ रही है। इसे जल्द ही दूर किया जाएगा।
25 लाख से 10 लाख तक है मार्जिन मनी
योजना के अंतर्गत उद्योग के लिए 25 लाख तक एवं सर्विस सेंटर के लिए 10 लाख तक लोन बैंकों के माध्यम से दिया जाता है। इसमें राज्य सरकार द्वारा 25 प्रतिशत मार्जिन मनी लाभार्थी को उपलब्ध कराई जाती है, जो कि उद्योग क्षेत्र के लिए अधिकतम 6.20 लाख तथा सेवा क्षेत्र के लिए 2.50 लाख तक देय है। ये अनुदान उद्यम के दो वर्ष तक चलने के बाद अनुदान में परिवर्तित होती है।
ऋण मिला तो सीमेंट की ईंटें बना रहे धर्मेंद्र
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से लाभान्वित मुकुंद विहार कालोनी निवासी धर्मेंद्र ने बताया कि पढ़ाई होने के बाद वह पैसों की किल्लत के कारण अपना काम नहीं कर पा रहे थे। योजना पता चलने पर जनसेवा केंद्र से आवेदन किया। जिला उद्योग केंद्र से औपचारिकताएं पूरी होने के बाद विभाग व बैंक के माध्यम से 25 लाख रुपये का ऋण मंजूर हुआ। इससे एमएस इंटरलॉकिंग ब्रिक्स उद्योग स्थापित किया। इसमें चार लोगों को वह काम दे रहे हैं, जो चार हजार इंटरलॉकिंग ब्रिक्स बना देते हैं। मार्च से अब तक लगभग 1.50 लाख ईंट भी बेच चुके हैं।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में जिले के 179 लाभार्थियों के 24.38 करोड़ के ऋण स्वीकृत हुए हैं। अभी तक बैंकों के माध्यम से केवल 15 लाभार्थियों की 2.74 करोड़ रुपये के ऋण पास हुए हैं। मई से जुलाई मध्य तक के आवेदनों को बैंकों को भेजा गया है, लेकिन साफ्टयवेयर में परेशानी की समस्या है। इसे दूर कराया जा रहा है। जिलाधिकारी के समक्ष इस समस्या को रखा जाएगा।
श्रीनाथ पासवान, उपायुक्त उद्योग।
मैंने अभी कार्यभार संभाला है। अगर बैंकों में डाटा के कारण दिक्कत आ रही है तो सभी बैंकों के जिला कोआर्डिनेटर से इसका समाधान कराया जाएगा। बैंकों की समस्या होने पर कोई भी कार्यालय में मिल सकता है।
अनिल कुमार सिंह, लीड बैंक मैनेजर।