{"_id":"61b7a39c6ff51d643d6dd0ab","slug":"buses-off-the-road-due-to-non-receipt-of-parts-city-office-news-ali2804886171","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ः पार्ट्स न मिलने पर बसें सड़क से ‘उतरीं’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ः पार्ट्स न मिलने पर बसें सड़क से ‘उतरीं’
विज्ञापन
गांधीपार्क बस स्टेंड पर आगरा, मुरादाबाद की बसों का इंतजार करते यात्री।
- फोटो : CITY OFFICE
आगरा, मुरादाबाद, हाथरस, मथुरा, दिल्ली और एनसीआर रूट पर रोडवेज बसों की समस्या इन दिनों बरकार है। ऐसे में यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसका मूल कारण स्पेयर्स पार्ट्स न मिलने के चलते खराब बसें व स्टाफ की कमी है।
परिवहन निगम कोरोना से पहले प्रतिवर्ष मंडल को दस प्रतिशत बसों के हिसाब से रोडवेज बसें उपलब्ध कराता था। लेकिन वर्ष 2018 से एक भी बस नहीं मिली है। औसतन मंडल को प्रतिवर्ष कम से कम 60 बसें मिलनी चाहिए थीं। लेकिन तीन सालों में 180 बसों के सापेक्ष कुछ नहीं मिला। जबकि इतनी ही बस कंडम हो गई हैं। जिन्हें परिवहन निगम आज भी दौड़ाने में लगा हुआ है। खराब होने के बाद जिन स्पेयर्स पार्ट्स की जरूरत होती है। वह समय से नहीं आ रहे हैं। ऐसे में बसों की संख्या रूट पर कम होने लगी है। कई चालक छुट्टी पर रहते हैं। इससे बसों की संख्या और कम हो जाती है। यही वजह है कि बस अड्डों पर अब यात्रियों की भीड़ बसों का इंतजार करती रह जाती है।
--
नई बसों के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर सूचना दे चुके हैं। स्पेयर्स पार्ट्स क्रमानुसार आते रहते हैं। बसों को ठीक कर रहे हैं। एक-दो दिन स्टाफ कम होने से कुछ बस नहीं निकल पाई होंगी। प्रयास रहेगा कि एक-दो दिन में स्थिति काबू में पा लें। अधिक से अधिक बस रूट पर दौड़ाने के लिए दोनों एआरएम को निर्देशित कर दिया है।
विज्ञापन
-मो. परवेज खान, क्षेत्रीय प्रबंधक।
विज्ञापन
परिवहन निगम कोरोना से पहले प्रतिवर्ष मंडल को दस प्रतिशत बसों के हिसाब से रोडवेज बसें उपलब्ध कराता था। लेकिन वर्ष 2018 से एक भी बस नहीं मिली है। औसतन मंडल को प्रतिवर्ष कम से कम 60 बसें मिलनी चाहिए थीं। लेकिन तीन सालों में 180 बसों के सापेक्ष कुछ नहीं मिला। जबकि इतनी ही बस कंडम हो गई हैं। जिन्हें परिवहन निगम आज भी दौड़ाने में लगा हुआ है। खराब होने के बाद जिन स्पेयर्स पार्ट्स की जरूरत होती है। वह समय से नहीं आ रहे हैं। ऐसे में बसों की संख्या रूट पर कम होने लगी है। कई चालक छुट्टी पर रहते हैं। इससे बसों की संख्या और कम हो जाती है। यही वजह है कि बस अड्डों पर अब यात्रियों की भीड़ बसों का इंतजार करती रह जाती है।
विज्ञापन
--
नई बसों के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर सूचना दे चुके हैं। स्पेयर्स पार्ट्स क्रमानुसार आते रहते हैं। बसों को ठीक कर रहे हैं। एक-दो दिन स्टाफ कम होने से कुछ बस नहीं निकल पाई होंगी। प्रयास रहेगा कि एक-दो दिन में स्थिति काबू में पा लें। अधिक से अधिक बस रूट पर दौड़ाने के लिए दोनों एआरएम को निर्देशित कर दिया है।
विज्ञापन
-मो. परवेज खान, क्षेत्रीय प्रबंधक।