{"_id":"62000d8c539a38770f2ee865","slug":"bsp-supremo-played-the-muslim-card-aligarh-news-ali2846372142","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ः इशारों-इशारों में मुस्लिम कार्ड खेल गईं बसपा सुप्रीमो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ः इशारों-इशारों में मुस्लिम कार्ड खेल गईं बसपा सुप्रीमो
विज्ञापन
लोगों का अभिवादन करतीं पूर्व मुख्यमंत्री व बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती।
- फोटो : CITY OFFICE
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आशीष श्रीवास्तव
बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशियों के समर्थन में रविवार को जनसभा करने आई बसपा सुप्रीमो मायावती इशारों-इशारों में मुस्लिम कार्ड खेल गईं। उन्होंने सीएए एवं एनआरसी का जिक्र किए बिना कहा कि पिछले दिनों धरना प्रदर्शन कर कुछ मुद्दों पर विरोध जताने पर दर्ज कराए गए मुकदमे वापस लिए जाएंगे। अलीगढ़ मंडल में वर्ग विशेष के खिलाफ व्याप्त अराजकता को बसपा का शासन आते ही समाप्त कर दिया जाएगा।
नुमाइश मैदान में करीब सवा घंटे तक चली जनसभा के दौरान बसपा सुप्रीमो मायावती ने दोहराया कि उनकी पार्टी सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की नीति पर कायम है और सरकार आने पर भी इसी एजेंडे के तहत काम करेगी। गरीबी, बेरोजगारी, दलित, अल्पसंख्यक, पिछड़ों का उत्थान हमारे एजेंडे में हमेशा से रहा है और इस बार भी हम इसी एजेंडे पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ मंडल में व्याप्त समस्याओं के समाधान पर उनका जोर रहेगा। किसी का नाम लिए बगैर उन्होंने विपक्षी पार्टियों के एजेंडे पर प्रहार करते हुए कहा कि हर पार्टी ने अपने अपने चुनावी घोषणा पत्र में लुभावने वायदे किए हैं। इनके बहकावे में न आएं। यह लोग चुनाव खत्म होने या फिर सत्ता में आने के बाद बदल जाएंगे। बसपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो चुनावी घोषणा पत्र जारी करने के बजाय काम करने में विश्वास रखती है।
प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था का मुद्दा हो, विकास या फिर युवाओं को रोजगार, इन सभी मामलों में बसपा के राज में जितना काम हुआ है, उतना विपक्षी पार्टियां नहीं करा सकी। कर्मचारियों के मर्म को छूते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश का कर्मचारी अपनी समस्याओं को लेकर धरना प्रदर्शन से लेकर तमाम आंदोलन कर चुका है। लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। हमारी सरकार आई तो हम आयोग का गठन कर उनकी समस्याओं का समाधान करा देंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देने समेत उनकी अन्य ज्वलंत समस्याओं पर सपा, भाजपा या कांग्रेस ने लुभावने वायदों के सिवाय कुछ नहीं किया है। बसपा का राज आने पर उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। बसपा मुखिया जाते जाते पार्टी कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दे गई। उन्होंने कहा कि बसपा को सत्ता में लाना है तो हर पोलिंग बूथ को टारगेट बनाओ और उस पर विजय प्राप्त करने के लिए पार्टी द्वारा घोषित उम्मींदवारों के कंधे से कंधा मिलाकर कड़ी मेहनत करो। तभी पूर्ण बहुमत की सरकार बन सकेगी।
विज्ञापन
मुझे सुनने का लंबे समय से कर रहे थे इंतजार....
जनसभा में आई कार्यकर्ताओं की भीड़ का उत्साह बढ़ाते हुए बसपा मुखिया मायावती ने कहा कि आपके जोश को देखकर लगता है कि आप मुझे सुनने का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे और बसपा की सरकार बनाकर मुझे पांचवी बार मुख्यमंत्री बनाने को उत्सुक हैं। पार्टी द्वारा विधानसभा चुनाव में उतारे गए प्रत्याशियों को जिताकर वर्ष 2007 की तरह आप पूर्ण बहुमत से बसपा की सरकार बनाओ, हम आपको भ्रष्टाचार मुक्त शासन देकर प्रदेश को पुन: विकास के पथ पर अग्रसर कर देंगे।
विज्ञापन
बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशियों के समर्थन में रविवार को जनसभा करने आई बसपा सुप्रीमो मायावती इशारों-इशारों में मुस्लिम कार्ड खेल गईं। उन्होंने सीएए एवं एनआरसी का जिक्र किए बिना कहा कि पिछले दिनों धरना प्रदर्शन कर कुछ मुद्दों पर विरोध जताने पर दर्ज कराए गए मुकदमे वापस लिए जाएंगे। अलीगढ़ मंडल में वर्ग विशेष के खिलाफ व्याप्त अराजकता को बसपा का शासन आते ही समाप्त कर दिया जाएगा।
नुमाइश मैदान में करीब सवा घंटे तक चली जनसभा के दौरान बसपा सुप्रीमो मायावती ने दोहराया कि उनकी पार्टी सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की नीति पर कायम है और सरकार आने पर भी इसी एजेंडे के तहत काम करेगी। गरीबी, बेरोजगारी, दलित, अल्पसंख्यक, पिछड़ों का उत्थान हमारे एजेंडे में हमेशा से रहा है और इस बार भी हम इसी एजेंडे पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ मंडल में व्याप्त समस्याओं के समाधान पर उनका जोर रहेगा। किसी का नाम लिए बगैर उन्होंने विपक्षी पार्टियों के एजेंडे पर प्रहार करते हुए कहा कि हर पार्टी ने अपने अपने चुनावी घोषणा पत्र में लुभावने वायदे किए हैं। इनके बहकावे में न आएं। यह लोग चुनाव खत्म होने या फिर सत्ता में आने के बाद बदल जाएंगे। बसपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो चुनावी घोषणा पत्र जारी करने के बजाय काम करने में विश्वास रखती है।
विज्ञापन
प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था का मुद्दा हो, विकास या फिर युवाओं को रोजगार, इन सभी मामलों में बसपा के राज में जितना काम हुआ है, उतना विपक्षी पार्टियां नहीं करा सकी। कर्मचारियों के मर्म को छूते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश का कर्मचारी अपनी समस्याओं को लेकर धरना प्रदर्शन से लेकर तमाम आंदोलन कर चुका है। लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। हमारी सरकार आई तो हम आयोग का गठन कर उनकी समस्याओं का समाधान करा देंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देने समेत उनकी अन्य ज्वलंत समस्याओं पर सपा, भाजपा या कांग्रेस ने लुभावने वायदों के सिवाय कुछ नहीं किया है। बसपा का राज आने पर उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। बसपा मुखिया जाते जाते पार्टी कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दे गई। उन्होंने कहा कि बसपा को सत्ता में लाना है तो हर पोलिंग बूथ को टारगेट बनाओ और उस पर विजय प्राप्त करने के लिए पार्टी द्वारा घोषित उम्मींदवारों के कंधे से कंधा मिलाकर कड़ी मेहनत करो। तभी पूर्ण बहुमत की सरकार बन सकेगी।
विज्ञापन
मुझे सुनने का लंबे समय से कर रहे थे इंतजार....
जनसभा में आई कार्यकर्ताओं की भीड़ का उत्साह बढ़ाते हुए बसपा मुखिया मायावती ने कहा कि आपके जोश को देखकर लगता है कि आप मुझे सुनने का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे और बसपा की सरकार बनाकर मुझे पांचवी बार मुख्यमंत्री बनाने को उत्सुक हैं। पार्टी द्वारा विधानसभा चुनाव में उतारे गए प्रत्याशियों को जिताकर वर्ष 2007 की तरह आप पूर्ण बहुमत से बसपा की सरकार बनाओ, हम आपको भ्रष्टाचार मुक्त शासन देकर प्रदेश को पुन: विकास के पथ पर अग्रसर कर देंगे।