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बसपा में लाखों के लेनदेन को लेकर घमासान

Fri, 12 Mar 2021 02:02 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला, अलीगढ़।
अमर उजाला, अलीगढ़। Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Fri, 12 Mar 2021 02:02 AM IST
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BSP leader fighting with each other
बसपा अलीगढ़ सेक्टर प्रभारी महेश चौधरी। - फोटो : CITY OFFICE
बहुजन समाज पार्टी की स्थानीय इकाई में वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद से शुरू हुई उठापटक लगातार जारी है। अब पार्टी की अलीगढ़ जिला इकाई पर जिला पंचायत सदस्य, ब्लाक प्रमुख पदों पर समर्थन देने के एवज में लाखों रुपये वसूलने के आरोप लग रहे हैं। रणवीर सिंह कश्यप, महेश चौधरी और सूरज सिंह, रतनदीप सिंह खेमा वसूली के आरोपों को लेकर आमने सामने आ गए हैं। बुधवार को रतनदीप सिंह पक्ष से मुकदमा लिखवाया गया था, अब विरोधी खेमे के चार नेताओं ने बन्ना देवी थाने में तहरीर देकर लाखों रुपये वसूलने का आरोप लगा कर सनसनी फैला दी है। इस प्रकरण पर अलीगढ़ से लखनऊ तक घमासान मच गया है।
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बुधवार को पार्टी के जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह के आवास पर हुई मारपीट के मामले में मुकदमा दर्ज हो गया है, जिसमें विशेष शर्मा, पूर्व महानगर अध्यक्ष संदीप पाटिल, अभय कुमार बंटी, राज कुमार गौतम, अनिल निगम, अमित निगम, कपिल सूर्यवंशी सहित एक अज्ञात को आरोपी बनाया गया है। रतनदीप सिंद के भाई कमलदीप सिंह से मारपीट करते हुए इन लोगों पर सोने की जंजीर और 36 हजार रुपये लूटने का आरोप है।
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इस मुकदमे में नामजद अभय कुमार बंटी ने बृहस्पतिवार को पहले मीडिया सेे बात करने बुलावा भेजा और उसके बाद खुद गायब हो गए। यही नहीं, उनका फोन भी बंद हो गया। शाम को चार नेताओं ने बन्ना देवी थाने में तहरीर देकर सूरज सिंह पर लाखों रुपये लेने का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष पर भी पैसे मांगने का आरोप लगा है।
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गौर हो कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार, पूर्व मंत्री ठा. जयवीर सिंह के भाजपा में जाने के बाद से पार्टी में लगातार उठापटक जारी है। पार्टी में अनुशासन के नाम पर निष्कासन, पैसों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप और जिला और मंडल स्तर पर संगठन में फेरबदल का सिलसिला जारी है। जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव के लिए पार्टी के दो पदाधिकारियों पर पैसों का लेनदेन का आरोप लग रहा है, हालांकि जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह इसका खंडन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रमुख मायावती को इसकी जानकारी दे दी गई है। उनके निर्देश पर कुछ बसपाइयों को निष्कासित कर दिया गया है।
रणवीर सिंह और महेश चौधरी बसपा से निष्कासित
जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह के सूत मिल आवास पर हुई मारपीट के मामले में पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए मुख्य सेक्टर प्रभारी जनपद एटा रणवीर सिंह कश्यप, मुख्य सेक्टर प्रभारी जनपद अलीगढ़ महेश चौधरी को बृहस्पतिवार को निष्कासित कर दिया। इन दोनों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगाया गया है।
अंदरखाने जिलाध्यक्ष के आवास पर मारपीट करने वाले दो लोग रणवीर सिंह कश्यप के करीबी बताए जा रहे हैं। दोनों नेताओं पर जिला पंचायत सदस्य पद के समर्थन हेतु पैसों का लेनदेन का भी आरोप लग रहा है, लेकिन स्पष्ट रूप से कोई पुष्टि नहीं कर रहा है कि किसने किसको कितने रुपये दिए। इससे पहले बुधवार को इगलास विधानसभा उपचुनाव लड़ चुके अभय कुमार बंटी, पूर्व महानगर अध्यक्ष संदीप पाटिल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बरौली राजकुमार गौतम को निष्कासित किया गया था।
सूरज और रतनदीप पर पैसे मांगने का आरोप
बृहस्पतिवार को अभय कुमार बंटी ने थाना गांधी पार्क में दी तहरीर में कहा है कि उन्होंने अलीगढ़ मंडल सेक्टर प्रभारी सूरज सिंह को पैसे दिए हैं। अभय ने तहरीर में कहा है कि ग्राम पंचायत वार्ड-35 के जिला पंचायत सदस्य पद हेतु उन्होंने पार्टी का समर्थन मांगा था, जिसकी एवज में सूरज सिंह ने पांच लाख रुपये लिए थे। बुधवार को जब वह जिलाध्यक्ष से मिले तो उन्होंने पांच हजार आवेदन फीस और दो लाख रुपये और मांगे। नहीं देने पर उनके भाई कमलदीप सिंह ने मारपीट कर पर्स और सोने की चेन छीन ली। अभय के अनुसार उनको पुलिस की जांच का इंतजार है।
इसी सिलसिले में बसपा नेता अनिल कुमार ने वार्ड 46 के समर्थन हेतु 7 लाख रुपये, पूर्व महानगर अध्यक्ष संदीप पाटिल ने ब्लाक प्रमुख धनीपुर पद पर समर्थन हेतु 6 लाख रुपये, राजकुमार गौतम ने वार्ड नंबर 46 हेतु 7 लाख रुपये वसूलने का आरोप लगाया है। ये सभी आरोप सूरज सिंह पर लगे हैं। इसके अलावा जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह पर प्रति आवेदन पांच हजार रुपये और दो लाख रुपये अलग से मांगने का आरोप है।
इन सभी नेताओं ने बन्नादेवी थाने में इसकी तहरीर दी है। इस मामले में जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह ने दावा किया है कि अगर कोई पैसे मांगने का सबूत पेश कर दें, तभी उनकी बात मानी जा सकती है अन्यथा आरोप लगाना कोई बड़ी बात नहीं हैं। वहीं इस प्रकरण में पैसे लेने के आरोप के संबंध में अलीगढ़ मंडल सेक्टर प्रभारी सूरज सिंह से वार्ता नहीं हो सकी।
निष्कासित नेता आग बबूला, दोनों खेमों में ठनी
बसपा से निष्कासित हुए वरिष्ठ नेता रणवीर सिंह कश्यप और महेश चौधरी का खेमा आगबबूला हो गया है। इस मामले में बहन जी से जल्द से जल्द मिलने की तैयारी शुरू हो गई है। रणवीर सिंह व महेश चौधरी खेमा सीधे-सीधे सूरज सिंह और रतनदीप सिंह ग्रुप से भिड़ गया है।
पार्टी से निष्कासित महेश चौधरी ने कहा है कि सभी आरोप निराधार हैं। मुख्य सेक्टर प्रभारी सूरज सिंह पर पूर्व में एक मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें उन्होंने खुद समझौता कराया था। उसी मुकदमे की खुन्नस निकालते हुए उन्होंने निष्कासन कराया है। जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह और सूरज सिंह मिल कर भाजपा से आए लोगों को टिकट देकर उनसे उगाही करने में जुटे हैं। वह बसपा प्रमुख मायावती से मिल कर अपना पक्ष रखेंगे।
पार्टी से निष्कासित रणवीर सिंह कश्यप ने बताया कि वह पार्टी से तीन बार चुनाव लड़ चुके हैं। कई अहम पदों पर काम कर चुके हैं। हाल ही उनको एटा जनपद का मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाया गया था। उनके बाद वह एटा में काम संभाल रहे थे। इस बीच जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह और मुख्य सेक्टर प्रभारी सूरज सिंह के बारे में कई शिकायतें मिली थीं।
बताया गया था कि दोनों नेता भाजपा से आए लोगों को बसपा में जिला पंचायत सदस्य चुनाव के वास्ते समर्थन दे रहे हैं। पार्टी के कार्यकर्ताओं को तरजीह नहीं दी जा रही है। उसके बाद बुधवार को वहां मारपीट की खबर मिली है। ये कार्यकर्ताओं का आक्रोश है। बहन जी से मिल कर पूरी बात बताएंगे, वहां सुनवाई होगी।
सत्ता में चार बार रहने के बाद भी
प्रदेश में चार बार सत्ता सुख भोगने वाली बसपा की अलीगढ़ इकाई का कोई स्थायी जिला कार्यालय या महानगर कार्यालय नहीं है। सभी नेता अपने अपने घरों से पार्टी की राजनीति करते हैं। इससे गुटबाजी को हवा मिल रही है। इस संबंध में जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह कहते हैं कि सूत मिल चौराहे के पास स्थित उनके आवास पर ही जिला कार्यालय संचालित है।

नीचे जिला कार्यालय और ऊपर उनका आवास है। जहां बुधवार को कुछ हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के साथ पार्टी के कुछ नेताओं ने उनके परिजनों से मारपीट कर जान से मारने का प्रयास किया है। गौर हो कि वर्ष 1995 में, वर्ष 1997, वर्ष 2002 और वर्ष 2005 में बसपा की सरकार रही, इसके बावजूद एक भी कार्यालय नहीं बन पाया।

बसपा जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह।

बसपा जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह।- फोटो : CITY OFFICE

 

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