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अलीगढ़ः भैया जी, आपका मास्क किधर है ...
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नुमाइश में बिना मास्क पहने घूम रहे लोग।
- फोटो : CITY OFFICE
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राजा तिवारी
कोरोना संक्रमण फिर से रफ्तार पकड़ रहा है। इसके बावजूद लोग सावधानी नहीं बरत रहे हैं। जिला प्रशासन भी लापरवाही बरत रहा है। नुमाइश में प्रतिदिन 15 से 20 हजार की लोगों की भीड़ 12 द्वारों से दाखिल हो रही है। इन द्वारों पर न तो कोविड हेल्प डेस्क है और न ही मास्क के लिए लोगों को टोका जा रहा है। सख्ती न होने पर लोग लापरवाही बरत रहे हैं। हालांकि, नुमाइश में लगे लाउडस्पीकरों के माध्यम से भैया जी, आपका मास्क किधर है... आदि गानों व उद्घोषणाओं के जरिये कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की रही है।
जीटी रोड पर सारसौल की तरफ से नुमाइश में घुसने के लिए पहला गेट पुनिया द्वार है। इसके बाद भारत रत्न डॉ. आंबेडकर द्वार, राष्ट्रीय एकता द्वार, साक्षरता द्वार, सहस्त्राब्दी द्वार, अतिरिक्त द्वार, दूसरा अतिरिक्त द्वार, मित्तल द्वार, लाल ताल गार्डन, तीसरा अतिरिक्त द्वार (रेस्टोरेंट-ढाबों के लिए), अटोरिया द्वार और पुलिस चौकी के बगल में एक द्वार है। 15 से 20 हजार की भीड़ इन्हीं गेटों से नुमाइश में दाखिल होती हैं। जबकि चार हजार लोग नुमाइश के अंदर रहते हैं। कोविड हेल्प डेस्क के साथ यहां मास्क की चेकिंग और सैनिटाइजर का इस्तेमाल हो तो कुछ हद तक नुमाइश में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन हो सकेगा। लेकिन प्रशासन कोरोना प्रोटोकॉल, रात्रि कर्फ्यू और मास्क बिना सामान नहीं नियमों का पालन सिर्फ कागजों में करा रहा है।
लाउडस्पीकर पर यह बजता है ये गाना
मुंह में दबाके गुटखा पान, समझें खुद को भाई जान, जहां भी मन है थूक रहे हैं। कहीं भी थूक आएंगे, कोरोना फैलाएंगे। बैठक में आईं एक दीदी, बिना मास्क के घर से सीधी, महिलाएं सब देखकर बोली.. दीदी जी तुम्हारा मास्क किधर है। कहो जी मास्क किधर है। ... ओ दो गज दूर ही रहिए, हमेशा मास्क पहनिए।
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प्रशासन ने ये जारी की थी गाइडलाइन
जिला प्रशासन ने 27 दिसंबर को कोरोना के नए वैरिएंट के चलते गाइडलाइन जारी की थी। रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक पाबंदियों के लिए रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू किया गया। मास्क न पहनने वालों के चालान और मास्क लगाने के लिए पब्लिक एड्र्ेस सिस्टम से प्रचार करने का नियम लागू था। पब्लिक एड्रेस सिस्टम से उद्घोषणा तो हो रही है लेकिन मास्क न पहनने वालों के चालान नहीं हो रहे हैं। साथ ही प्रशासन ने अपील की थी कि दुकानदार बिना मास्क सामान न बेचेंगे। लेकिन नुमाइश में अधिकांश दुकानदारों के साथ-साथ लोग भी मास्क नहीं लगाते हैं।
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कोरोना संक्रमण फिर से रफ्तार पकड़ रहा है। इसके बावजूद लोग सावधानी नहीं बरत रहे हैं। जिला प्रशासन भी लापरवाही बरत रहा है। नुमाइश में प्रतिदिन 15 से 20 हजार की लोगों की भीड़ 12 द्वारों से दाखिल हो रही है। इन द्वारों पर न तो कोविड हेल्प डेस्क है और न ही मास्क के लिए लोगों को टोका जा रहा है। सख्ती न होने पर लोग लापरवाही बरत रहे हैं। हालांकि, नुमाइश में लगे लाउडस्पीकरों के माध्यम से भैया जी, आपका मास्क किधर है... आदि गानों व उद्घोषणाओं के जरिये कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की रही है।
जीटी रोड पर सारसौल की तरफ से नुमाइश में घुसने के लिए पहला गेट पुनिया द्वार है। इसके बाद भारत रत्न डॉ. आंबेडकर द्वार, राष्ट्रीय एकता द्वार, साक्षरता द्वार, सहस्त्राब्दी द्वार, अतिरिक्त द्वार, दूसरा अतिरिक्त द्वार, मित्तल द्वार, लाल ताल गार्डन, तीसरा अतिरिक्त द्वार (रेस्टोरेंट-ढाबों के लिए), अटोरिया द्वार और पुलिस चौकी के बगल में एक द्वार है। 15 से 20 हजार की भीड़ इन्हीं गेटों से नुमाइश में दाखिल होती हैं। जबकि चार हजार लोग नुमाइश के अंदर रहते हैं। कोविड हेल्प डेस्क के साथ यहां मास्क की चेकिंग और सैनिटाइजर का इस्तेमाल हो तो कुछ हद तक नुमाइश में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन हो सकेगा। लेकिन प्रशासन कोरोना प्रोटोकॉल, रात्रि कर्फ्यू और मास्क बिना सामान नहीं नियमों का पालन सिर्फ कागजों में करा रहा है।
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लाउडस्पीकर पर यह बजता है ये गाना
मुंह में दबाके गुटखा पान, समझें खुद को भाई जान, जहां भी मन है थूक रहे हैं। कहीं भी थूक आएंगे, कोरोना फैलाएंगे। बैठक में आईं एक दीदी, बिना मास्क के घर से सीधी, महिलाएं सब देखकर बोली.. दीदी जी तुम्हारा मास्क किधर है। कहो जी मास्क किधर है। ... ओ दो गज दूर ही रहिए, हमेशा मास्क पहनिए।
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प्रशासन ने ये जारी की थी गाइडलाइन
जिला प्रशासन ने 27 दिसंबर को कोरोना के नए वैरिएंट के चलते गाइडलाइन जारी की थी। रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक पाबंदियों के लिए रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू किया गया। मास्क न पहनने वालों के चालान और मास्क लगाने के लिए पब्लिक एड्र्ेस सिस्टम से प्रचार करने का नियम लागू था। पब्लिक एड्रेस सिस्टम से उद्घोषणा तो हो रही है लेकिन मास्क न पहनने वालों के चालान नहीं हो रहे हैं। साथ ही प्रशासन ने अपील की थी कि दुकानदार बिना मास्क सामान न बेचेंगे। लेकिन नुमाइश में अधिकांश दुकानदारों के साथ-साथ लोग भी मास्क नहीं लगाते हैं।