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घर निर्माण के सपनों पर गिरी नियम-कानून में बंधी ईंट
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एनजीटी के आदेश पर ईंट भट्ठों में पकाई इस बार अक्तूबर से शुरू नहीं हो पाएगी। फिलहाल, जिले के सभी 550 ईंट भट्ठे बंद हैं। इसका सीधा असर ईंटों की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। जून में आए आदेश के बाद बाजार में ईंट की कीमतों में इजाफा दर्ज किया जा रहा है, जिसका सीधा असर मकान निर्माण पर पड़ रहा है। हालांकि, भट्ठा संचालक बिक्री न होने का रोना रो रहे हैं। वहीं, कीमतों में वृद्धि आम व्यक्ति को परेशान कर रही है।
एनजीटी ने पिछले दिनों आदेश दिया था कि अलीगढ़ जनपद में ईंट भट्ठे अक्तूबर से ईंटों की पकाई शुरू करने के बजाय मार्च से जून तक चलेंगे। इस आदेश के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं ले पाया है। मगर ईंट भट्ठा एसोसिएशन ने सामूहिक रूप से भट्ठा शुरू न करने का निर्णय लिया है, जिसमें सादा, जिगजैग व हाइड आउट पद्धति पर संचालित सभी भट्ठे बंद हैं। यह भी तैयारी है कि अगर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्पष्ट आदेश नहीं दिया तो साल भर भट्ठे न चलाए जाएं। साथ ही, जिगजैग/हाइडआउट भट्ठों के निर्माण को लेकर भी निर्णय आए।
- हम कोयला निर्मित एक नंबर ईंट तैयार करते हैं। वैसे बाजार में इन दिनों बिक्री कम है। फिर भी ईंट की कीमत में प्रति हजार दो सौ रुपये की वृद्धि हुई है। इसकी वजह बिक्री कम होना है। - विशाल गर्ग, बीडीके ग्रुप
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- बाजार में बिक्री कम है। माल स्टॉक में है। भट्ठा कब शुरू होंगे, कुछ कहा नहीं जा सकता। कई पहलुओं की वजह से बाजार में ईंट की कीमतों में मामूली इजाफा हो रहा है। - प्रेमप्रताप सिंह, केएन ग्रुप
1200 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंची निर्माण की कीमत
भवन निर्माण की कीमत में लगातार इजाफा दर्ज किया जा रहा है। कुछ समय पहले तक औसत कीमत 800 रुपये प्रति वर्ग फुट अनुमानित थी। मगर अब यह कीमत 1200 रुपये तक पहुंच गई है। इसके पीछे लगातार कीमतों में उतार चढ़ाव माना जा रहा है। बिल्डर कामराज खान बताते हैं कि भवन निर्माण सामग्री की कीमतों में इजाफे के साथ-साथ सर्किल रेट में वृद्धि के कारण भी इन दिनों कीमतें बढ़ी हुई हैं।
बालू-बदरपुर, सीमेंट के दाम गिरे
भवन निर्माण सामग्री के थोक विक्रेता राकेश लोधी बताते हैं कि महंगाई के चलते बाजार में बिक्री कम हो रही है। दूसरी वजह बारिश का मौसम भी है। बारिश के मौसम में निर्माण कार्य थम जाते हैं। इस कारण एकाएक बालू की कीमतों में 26 रुपये से 21 रुपये फुट, बदरपुर की 85 रुपये से 75 रुपये फुट व सीमेंट की बोरी में 50 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि जून में कीमतों में 25 फीसदी का इजाफा हुआ था, मगर अब कीमतें गिरी हैं। उम्मीद है कि दीपावली के आसपास कीमतें फिर बढ़ेंगी।
ये है ताजा तस्वीर
- एक नंबर ईंट 6800 से 7200 रुपये तक (कोयला निर्मित)
- अव्वल ईंट 6500 से 6800 रुपये तक (कोयला निर्मित)
- अव्वल ईंट 5500 से 6000 रुपये तक (बिना कोयला निर्मित)
- खांचा ईंट 4300 से 4800 रुपये तक (बिना कोयला निर्मित)
- तलसा ईंट 3000 से 3400 रुपये तक (बिना कोयला निर्मित)
- पीला ईंट 2500 से 3000 रुपये तक (बिना कोयला निर्मित)
- नोट : ईंट की कीमत प्रति हजार रुपये।
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एनजीटी ने पिछले दिनों आदेश दिया था कि अलीगढ़ जनपद में ईंट भट्ठे अक्तूबर से ईंटों की पकाई शुरू करने के बजाय मार्च से जून तक चलेंगे। इस आदेश के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं ले पाया है। मगर ईंट भट्ठा एसोसिएशन ने सामूहिक रूप से भट्ठा शुरू न करने का निर्णय लिया है, जिसमें सादा, जिगजैग व हाइड आउट पद्धति पर संचालित सभी भट्ठे बंद हैं। यह भी तैयारी है कि अगर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्पष्ट आदेश नहीं दिया तो साल भर भट्ठे न चलाए जाएं। साथ ही, जिगजैग/हाइडआउट भट्ठों के निर्माण को लेकर भी निर्णय आए।
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- हम कोयला निर्मित एक नंबर ईंट तैयार करते हैं। वैसे बाजार में इन दिनों बिक्री कम है। फिर भी ईंट की कीमत में प्रति हजार दो सौ रुपये की वृद्धि हुई है। इसकी वजह बिक्री कम होना है। - विशाल गर्ग, बीडीके ग्रुप
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- बाजार में बिक्री कम है। माल स्टॉक में है। भट्ठा कब शुरू होंगे, कुछ कहा नहीं जा सकता। कई पहलुओं की वजह से बाजार में ईंट की कीमतों में मामूली इजाफा हो रहा है। - प्रेमप्रताप सिंह, केएन ग्रुप
1200 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंची निर्माण की कीमत
भवन निर्माण की कीमत में लगातार इजाफा दर्ज किया जा रहा है। कुछ समय पहले तक औसत कीमत 800 रुपये प्रति वर्ग फुट अनुमानित थी। मगर अब यह कीमत 1200 रुपये तक पहुंच गई है। इसके पीछे लगातार कीमतों में उतार चढ़ाव माना जा रहा है। बिल्डर कामराज खान बताते हैं कि भवन निर्माण सामग्री की कीमतों में इजाफे के साथ-साथ सर्किल रेट में वृद्धि के कारण भी इन दिनों कीमतें बढ़ी हुई हैं।
बालू-बदरपुर, सीमेंट के दाम गिरे
भवन निर्माण सामग्री के थोक विक्रेता राकेश लोधी बताते हैं कि महंगाई के चलते बाजार में बिक्री कम हो रही है। दूसरी वजह बारिश का मौसम भी है। बारिश के मौसम में निर्माण कार्य थम जाते हैं। इस कारण एकाएक बालू की कीमतों में 26 रुपये से 21 रुपये फुट, बदरपुर की 85 रुपये से 75 रुपये फुट व सीमेंट की बोरी में 50 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि जून में कीमतों में 25 फीसदी का इजाफा हुआ था, मगर अब कीमतें गिरी हैं। उम्मीद है कि दीपावली के आसपास कीमतें फिर बढ़ेंगी।
ये है ताजा तस्वीर
- एक नंबर ईंट 6800 से 7200 रुपये तक (कोयला निर्मित)
- अव्वल ईंट 6500 से 6800 रुपये तक (कोयला निर्मित)
- अव्वल ईंट 5500 से 6000 रुपये तक (बिना कोयला निर्मित)
- खांचा ईंट 4300 से 4800 रुपये तक (बिना कोयला निर्मित)
- तलसा ईंट 3000 से 3400 रुपये तक (बिना कोयला निर्मित)
- पीला ईंट 2500 से 3000 रुपये तक (बिना कोयला निर्मित)
- नोट : ईंट की कीमत प्रति हजार रुपये।