Blood donation: आपका एक यूनिट रक्त, बचाएगा तीन जान, आओ मिलकर करें रक्तदान
अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से 14 जून को रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। अलीगढ़ के मलखान सिंह जिला अस्पताल में आयोजित होने वाले इस शिविर की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कई सामाजिक संगठन भी सहयोग कर रहे हैं।
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आपके द्वारा दान किया गया एक यूनिट रक्त तीन लोगों की जिंदगी बचा सकता है। इसलिए 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस पर सभी इस महादान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें और महादानी बनें।
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से 14 जून को रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। अलीगढ़ के मलखान सिंह जिला अस्पताल में आयोजित होने वाले इस शिविर की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कई सामाजिक संगठन भी सहयोग कर रहे हैं।
प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना और समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह आयोजन जिला अस्पताल परिसर में सुबह 9 बजे से शुरू होकर दोपहर तीन बजे तक चलेगा, जिसमें शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग हिस्सा लेंगे। आयोजन में अतिथि के रूप में पुलिस-प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ प्रमुख जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे, जो रक्तदानियों का उत्साहवर्द्धन करेंगे।
एक तो नियमित रक्तदान से शरीर स्वस्थ रहता है। दूसरा स्वास्थ्य विभाग के रक्तकोष में रक्त की कमी इस तरह के आयोजनों से पूरी होती है। 18 से 65 वर्ष आयु के लोग रक्तदान कर सकते हैं। -डॉ.जगवीर सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल
इस अभियान में सामाजिक संगठन सहयोग करें और जरूरतमंद लोगों की जान बचाने के लिए रक्तदान करें। इसे लेकर किसी भी तरह का डर या भ्रांति मन में न पालें। नियमित रक्तदान स्वस्थ शरीर की पहचान है। -डॉ.रामनाथ सिंह, सीएमओ
एसएसपी की अगुवाई में पुलिस टीम करेगी रक्तदान
जिला पुलिस की टीम भी रक्तदान के लिए आगे आ रही है। एसएसपी नीरज जादौन की अगुवाई में पुलिस लाइन से पुलिसकर्मियों की टीम इस आयोजन में शामिल होगी।
रक्तदान के फायदे
- शरीर में नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण को बढ़ावा मिलता है।
- रक्त में आयरन का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
- रक्तदान हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक है।
- मानसिक संतोष व सामाजिक जिम्मेदारी का अहसास होता है।
- एक यूनिट रक्त से तीन मरीजों की मदद संभव हो जाती है।
- नियमित रक्तदान से जरूरतमंद मरीजों को रक्त मिलता है।
महाराणा सिंघल ने किया 200 से ज्यादा बार रक्तदान
कस्बा बिजौली के राशन डीलर व विहिप नेता अशोक सिंघल के भतीजे महाराणा प्रताप सिंघल रिकॉर्ड बनाने के लिए 1989 से रक्तदान कर रहे हैं। करीब 64 वर्ष के महाराणा सिंघल बताते हैं कि इंदौर जाते समय 1989 में ट्रेन दुर्घटना में उनके पिता रामवीर सिंह सिंघल घायल हुए थे। तब उन्होंने पहली बार पिता को जरूरत पर रक्तदान किया था। तब से उन्होंने प्रण लिया और अपने शरीर को स्वस्थ रखने व लोगों की जरूरत को पूरा करने के लिए साल में दो से चार बार रक्तदान करते आ रहे हैं। उन्होंने तय किया कि वे रक्तदान करने के मामले में रिकॉर्ड बनाएंगे। अब तक 200 से ज्यादा बार रक्तदान कर चुके महाराणा सिंघल बताते हैं कि उनके पिता ने अंगदान व मां ने नेत्रदान किए थे। इसलिए वे भी उसी दिशा में प्रयासरत हैं।