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एएमयू वीसी को काले झंडे. गिरफ्तारी पर हंगामा, धरना

Mon, 27 Jan 2020 11:27 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jan 2020 11:27 PM IST
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Black flags, go back slogans shown to AMU VC
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में गणतंत्र दिवस पर रविवार को एसएस हाल (साउथ) में चल रहे कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को कला झंडा दिखाया गया और वीसी गो बैक के नारे लगाए गए।
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इसके बाद प्रॉक्टर टीम ने तीन छात्रों सहित चार लोगों को पकड़ लिया और थाना सिविल लाइन के सुपुर्द कर दिया। विरोध में कैंपस में धरना-प्रदर्शन और हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद तीन छात्रों को दोपहर बाद रिहा कर दिया गया, जबकि विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र अहमद फराज मुर्तजा को पुलिस ने धारा 151 में जेल भेज दिया।
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इससे आक्रोशित लोगों ने पुरानी चुंगी स्थित एएमयू गेट के बाहर मुरादाबाद नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर करीब छह घंटे तक उग्र प्रदर्शन किया। देर रात प्रशासन ने सोमवार सुबह अहमद फराज मुर्तजा को रिहा करने का भरोसा दिया, तब जाम खोला गया। सोमवार को आरोपी को जमानत के बाद रिहा कर दिया गया। इसके बाद मामला शांत हुआ।
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एएमयू में पिछले डेढ़ महीने से सीएए, एनआरसी, एनपीआर, जेएनयू हिंसा, एएमयू में हुई हिंसा के विरोध में धरना-प्रदर्शन चल रहा है। कुलपति प्रो. तारिक मंसूर और रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद आईपीएस के इस्तीफे की मांग भी की जा रही है। छात्रों ने गणतंत्र दिवस के समारोह का बहिष्कार करने और बाब-ए-सैयद पर ध्वजारोहण की घोषणा की थी।
रविवार को कुलपति प्रो. तारिक मंसूर एसएस हाल (साउथ) स्थित स्ट्रेची हाल में ध्वजारोहण के बाद संबोधन कर रहे थे। इस दौरान कुछ छात्रों ने वीसी गो बैक के नारे लगाते हुए काला झंडा दिखाना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद प्राक्टर टीम ने छात्र सिद्धार्थ गुलाटी, रफीउद्दीन व ताहिर आजमी और एक पूर्व छात्र अहमद मुर्तजा फराज को पकड़ लिया। इस पर अन्य छात्रों ने प्रॉक्टर कार्यालय का घेराव करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस प्रशासन ने तीन छात्रों को तो छोड़ दिया लेकिन पूर्व छात्र अहमद मुर्तजा फराज को धारा 151 में जेल भेज दिया गया। अहमद मुर्तजा फराज विधि का छात्र था और लॉ फैकल्टी से कोर्ट मेंबर भी रह चुका है।
अहमद मुर्तजा को जेल भेजने के विरोध में फिर से शाम साढ़े छह बजे पुरानी चुंगी पर जाम लगा दिया गया। कैंपस में जगह-जगह छात्रों ने प्रदर्शन किया। रविवार देर रात तक हजारों की भीड़ पुरानी चुंगी पर मुरादाबाद नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन करती रही। इस दौरान भाजपा, मोदी, अमित शाह से आजादी के नारे भी लगाए गए।
कुलपति और रजिस्ट्रार मुर्दाबाद के नारे भी लगे। बाद में पांच छात्र-छात्राओं का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम-एसएसपी से वार्ता के लिए गया। जहां तय हुआ कि पूर्व छात्र को अब जमानत पर सोमवार सुबह ही छोड़ा जा सकता है। वार्ता से लौटने के बाद देर रात करीब 11.30 बजे जाम खोल दिया गया। इसके बाद एएमयू के पुरानी चुंगी गेट के अंदर सोमवार सुबह से फिर से धरना शुरू कर दिया गया। दोपहर बाद आरोपी अहमद मुर्तजा फराज को जमानत पर रिहा कर दिया गया और वह कैंपस में पहुंच गया। इसके बाद ही धरना वहां से खत्म हुआ।

दो प्रोफेसरों ने ली अहमद फराज की जमानत
कुलपति को काले झंडे दिखाने के आरोप में जेल भेजे गए पूर्व एएमयू छात्र अहमद फराज की जमानत एएमयू के दो प्रोफेसरों ने ली है। इनमें राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर मुहीबुल हक और प्रो. इमराना नसीम शामिल हैं। प्रो. मुहीबुल हक ने बताया कि जमानत के बाद अहमद फराज को रिहा कर दिया गया है। रविवार को जमानत में कुछ तकनीकी समस्या आ गई थी। तीन छात्रों को रविवार को ही प्राक्टर आफिस से छोड़ दिया गया था। वह शोध के लिए आवेदक है और अपनी पीएचडी के लिए दिए गए टेस्ट के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।
अहमद मुर्तजा फराज को 151 में दाखिल किया गया। सोमवार सुबह दो प्रोफेसरों ने जमानत ली है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर एएमयू में शांति भंग का प्रयास किया था।
- रंजीत सिंह, एसीएम द्वितीय
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