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आज डीएम के सामने रखा जाएगा पकड़े गए बॉयोडीजल पंप संचालकों का काला चिट्टा
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पूर्ति विभाग द्वारा बीते बृहस्पतिवार को गंगीरी के वाजिदपुर में भाजपा जिला उपाध्यक्ष उमेश राघव के चाचा सत्यपाल सिंह की जमीन पर पकड़े गए निर्माणाधीन फर्जी बॉयोडीजल पंप सहित वाजिदपुर में ही पकड़े गए दूसरे बॉयोडीजल पंप व कसेर में पकड़े गए तीसरे बॉयोडीजल पंप के संबंध में आज यानी सोमवार को डीएम के सामने तीनों का काला चिट्टा रखा जाएगा। पूर्ति विभाग ने अपनी ओर से कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है। अब डीएम स्तर से एक बार कागजों की जांच करने के बाद अग्रिम कार्रवाई का आदेश जारी किया जाएगा।
बता दें कि गंगीरी में पूर्ति विभाग ने तीन बॉयोडीजल पंप पकड़े थे। इनमें से वाजिदपुर में दो व कसेर में एक पंप पकड़ा गया था। वाजिदपुर में एक पंप निर्माणाधीन अवस्था में मिला, जिसे भाजपा के जिला उपाध्यक्ष उमेश राघव के चाचा सत्यपाल सिंह की जमीन पर स्थापित किया जा रहा था। इसकी पूर्ति विभाग से कोई एनओसी जारी नहीं हुई है। मौके पर कोई दस्तावेज भी नहीं मिलें। भाजपा नेता के चचेरे भाई अतुल को मौके से पकड़ा गया। उसने 24 घंटे का समय जमीन के कागजात पेश करने के लिए मांगा था। डीएसओ राजेश कुमार सोनी ने बताया कि बीते शुक्रवार को अतुल ने एग्रीमेंट के कागजात पेश किए, जिसमें एग्रीमेंट कर्मवीर के नाम पर पाया गया। वाजिदपुर में पकड़ा गया दूसरा पंप भी कर्मवीर सिंह का ही था। इसके पास खरीद-बिक्री का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला था। आशंका है कि एक ही एनओसी पर कर्मवीर दोनों पंप संचालन की तैयारी में था। वहीं, कसेर में पकड़े गए तीसरे पंप संचालक के पास भी खरीद-बिक्री का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला था। तीनों पंप फिलहाल सीज हैं। विभाग जांच में जुटा है। कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आज तीनों के संबंध में कागजी कार्रवाई पूरी कर डीएम के समक्ष फाइल पेश की जाएगी। डीएम स्तर से आगे की कार्रवाई का निर्णय होगा।
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बता दें कि गंगीरी में पूर्ति विभाग ने तीन बॉयोडीजल पंप पकड़े थे। इनमें से वाजिदपुर में दो व कसेर में एक पंप पकड़ा गया था। वाजिदपुर में एक पंप निर्माणाधीन अवस्था में मिला, जिसे भाजपा के जिला उपाध्यक्ष उमेश राघव के चाचा सत्यपाल सिंह की जमीन पर स्थापित किया जा रहा था। इसकी पूर्ति विभाग से कोई एनओसी जारी नहीं हुई है। मौके पर कोई दस्तावेज भी नहीं मिलें। भाजपा नेता के चचेरे भाई अतुल को मौके से पकड़ा गया। उसने 24 घंटे का समय जमीन के कागजात पेश करने के लिए मांगा था। डीएसओ राजेश कुमार सोनी ने बताया कि बीते शुक्रवार को अतुल ने एग्रीमेंट के कागजात पेश किए, जिसमें एग्रीमेंट कर्मवीर के नाम पर पाया गया। वाजिदपुर में पकड़ा गया दूसरा पंप भी कर्मवीर सिंह का ही था। इसके पास खरीद-बिक्री का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला था। आशंका है कि एक ही एनओसी पर कर्मवीर दोनों पंप संचालन की तैयारी में था। वहीं, कसेर में पकड़े गए तीसरे पंप संचालक के पास भी खरीद-बिक्री का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला था। तीनों पंप फिलहाल सीज हैं। विभाग जांच में जुटा है। कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आज तीनों के संबंध में कागजी कार्रवाई पूरी कर डीएम के समक्ष फाइल पेश की जाएगी। डीएम स्तर से आगे की कार्रवाई का निर्णय होगा।
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