{"_id":"6274250fb2abe757ca02116a","slug":"beware-of-cyber-hackers-aligarh-news-ali290861559","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ : साइबर हैकरों से रहें सावधान, बिना शोर लूट जा रहे ‘अरमान’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ : साइबर हैकरों से रहें सावधान, बिना शोर लूट जा रहे ‘अरमान’
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अभिषेक शर्मा
भागदौड़ भरी जिंदगी में डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन कामकाज बेशक समय की बचत का बड़ा साधन बना है मगर इसमें सुरक्षा संबंधी दुश्वारियां कुछ ज्यादा ही होती जा रही हैं। आलम ये है कि साइबर हैकर हर दिन नित-नए तरीके ईजाद कर मेहनत से कमाई गई रकम को ऐसे ठग ले जा रहे हैं, जिसका न शोर मचता है और न किसी को पता चलता है। सड़क पर होने वाली लूट का कम से कम शोर मचता है मगर इस लूट के बाद अपने सपनों पर पानी फिरता देखता रहता है। कहने को जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक पर पुलिस की साइबर टीमें लगातार जागरुकता अभियान चला रही हैं मगर इस जागरूकता पर साइबर हैकरों की ठगी भारी पड़ती दिख रही है। ऐसे में लोग खुद सचेत रहें, सावधान रहें और सजग रहें तो ज्यादा बेहतर है।
आलम यह है कि जिले में थानों से लेकर पुलिस अधिकारियों और साइबर सेल व साइबर थाने में दो से तीन दर्जन शिकायतें हर रोज पहुंच रही हैं। इनमें तरह-तरह के तरीकों से धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। हर प्रकरण में रुपये ठगे जा रहे हैं। ऐसे में एक लाख रुपये से अधिक की ठगी में साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर हैकरों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि एक लाख से कम की ठगी में साइबर सेल लगातार उनके खुलासे और ठगे गए रुपये वापस कराने में जुटी है।
लिंक पर क्लिक करते ही खाते से रकम पार
साइबर शातिर गूगल से सर्वे, ई-मेल की जानकारी का डाटा हासिल कर लेते हैं। सरकारी विभागों से मिलती जुलती ई-मेल आईडी अथवा वेबसाइट बनाकर लोगों को लिंक भेजते हैं। सरकारी नौकरी के लिए आवेदन मांगते हैं। नौकरी की तलाश में लोग उस वेबसाइट पर संपर्क करते हैं तो उन्हें ई-मेल के जरिये लिंक भेजा जाता है। लिंक पर क्लिक करने वाले व्यक्ति के कंप्यूटर व मोबाइल फोन में वायरस चला जाता है। इसके बाद शातिर उसे हैक कर खातों में सेंध लगा देते हैं और रकम पार हो जाती है।
विज्ञापन
लगातार ईजाद हो रहे ये नए तरीके
साइबर हैकरों द्वारा लगातार ठगी के तरीके ईजाद किए जा रहे हैं। कभी क्रेडिट कार्ड बनवाने के नाम पर, कभी केवाईसी के नाम पर, कभी ओएलएक्स पर बिक्री के नाम पर, कभी ईनाम निकलने के नाम पर, कभी बीमा पॉलिसी पर ईनाम के नाम पर ठगी होती है। इन दिनों साइबर हैकर ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले बच्चों को लालची ऑफर देकर, ऑनलाइन न्यूड कॉलिंग कर ब्लैकमेल कर, सेवानिवृत्तों के पीएफ खाते में अपडेट के नाम पर ठगी कर रहे हैं।
इन इलाकों में बने हैं ठगों के हब
एक जमाना था कि साइबर हैकरों का हब सिर्फ जामतारा हुआ करता था मगर साइबर टीमों की जांच में लगातार अपडेट होने और जानकारियां मिलने पर कई नए ठिकाने सामने आने लगे हैं। इनमें क्रेडिट कार्ड, इनाम, न्यूड ऑनलाइन कालिंग की ठगी का हब दिल्ली, एनसीआर, गुरुग्राम बना हुआ है। सिम संबंधी ठगी का हब महाराजगंज, सीतापुर, लखीमपुर व अमरोहा बना हुआ है। ओएलएक्स व पेटीएम संबंधी फ्राड का हब मथुरा का मेवात से सटा व अलीगढ़ के टप्पल से सटा क्षेत्र बना हुआ है।
-इस अपराध से सिर्फ सावधानी और गोपनीयता से बचा जा सकता है। जरा से लालच में लापरवाही बरतने और खाते की जानकारियां शेयर करने पर आपको ठगी का शिकार होने से कोई नहीं बचा जा सकता। हां, साइबर ठगी में रुपये ट्रांसफर होने के मामले में जरूरी है कि सबसे पहले पुलिस से शिकायत करें। जितनी जल्दी पुलिस के पास शिकायत पहुंचेगी, पुलिस रुपये वापसी में उतना बेहतर काम कर पाएगी और रुपये दिला पाएगी। अगर शिकायत में देर कर दी तो कई बार रुपये वापस मिल पाना संभव नहीं हो पाता है।
-सुरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर रेंज साइबर थाना
ठगी होेने से ऐसे करें बचाव
- बैंक की ओर से खाते को लेकर कभी कोई डिटेल नहीं मांगी जाती है, आप कालर को अपनी निजी जानकारी न दें
- एटीएम पिन का पासवर्ड, ओटीपी समेत अन्य जानकारी भी किसी से शेयर न करें
- इंटरनेट पर किसी भी संदिग्ध लगने वाले लिंक को क्लिक न करें
- ऑनलाइन बुकिंग के दौरान प्रचलित मोबाइल एप का ही प्रयोग करें
- एटीएम केबिन में कार्ड प्रयोग करते समय सतर्क रहें और किसी से मदद न लें
- एटीएम में स्कैमर लगाकर शातिर लोगों की डिटेल चुरा लेते हैं
- मोबाइल पर किसी तरह की लाटरी व पुरस्कार के लालच में न पड़ें
-साल दर साल बढ़ा साइबर अपराध-
-2018 में 192 शिकायत आईं।
-2019 में 254 शिकायत आईं।
-2020 में 322 शिकायत आईं।
-2021 में 400 शिकायत आईं।
---
--वर्ष 2022 में अब तक का आंकड़ा--
-56 मुकदमे जिले के थानों में दर्ज।
-3 मुकदमे साइबर थाने में दर्ज हुए।
-200 शिकायत साइबर सेल में दर्ज।
-50 शिकायत साइबर थाने में दर्ज।
इस वर्ष अब तक दर्ज तीन बड़ी ठगी
केस- एक--
इगलास के अनिल कुमार बंसल से साइबर ठगों ने कस्टमर केयर अधिकारी बनकर उनके द्वारा कराई गई बीमा पॉलिसी पर अतिरिक्त बोनस का झांसा देकर 70 लाख रुपये की ठगी कर ली।
केस- दो
शहर के मक्खनलाल हॉस्पिटल संचालक से साइबर हैकरों ने कस्टमर केयर अधिकारी बनकर क्रेडिट कार्ड से संबंधित जानकारी करते हुए उनके खाते से साढ़े चार लाख रुपये की ठगी कर ली।
केस-तीन
सुरेंद्र नगर इलाके की शिक्षिका सिम्मी से रेलवे टिकट निरस्त कराने के बाद कस्टमर केयर अधिकारी बनकर एक एप डाउन लोड कराई और 1.49 लाख रुपये की ठगी की गई।
विज्ञापन
भागदौड़ भरी जिंदगी में डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन कामकाज बेशक समय की बचत का बड़ा साधन बना है मगर इसमें सुरक्षा संबंधी दुश्वारियां कुछ ज्यादा ही होती जा रही हैं। आलम ये है कि साइबर हैकर हर दिन नित-नए तरीके ईजाद कर मेहनत से कमाई गई रकम को ऐसे ठग ले जा रहे हैं, जिसका न शोर मचता है और न किसी को पता चलता है। सड़क पर होने वाली लूट का कम से कम शोर मचता है मगर इस लूट के बाद अपने सपनों पर पानी फिरता देखता रहता है। कहने को जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक पर पुलिस की साइबर टीमें लगातार जागरुकता अभियान चला रही हैं मगर इस जागरूकता पर साइबर हैकरों की ठगी भारी पड़ती दिख रही है। ऐसे में लोग खुद सचेत रहें, सावधान रहें और सजग रहें तो ज्यादा बेहतर है।
आलम यह है कि जिले में थानों से लेकर पुलिस अधिकारियों और साइबर सेल व साइबर थाने में दो से तीन दर्जन शिकायतें हर रोज पहुंच रही हैं। इनमें तरह-तरह के तरीकों से धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। हर प्रकरण में रुपये ठगे जा रहे हैं। ऐसे में एक लाख रुपये से अधिक की ठगी में साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर हैकरों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि एक लाख से कम की ठगी में साइबर सेल लगातार उनके खुलासे और ठगे गए रुपये वापस कराने में जुटी है।
विज्ञापन
लिंक पर क्लिक करते ही खाते से रकम पार
साइबर शातिर गूगल से सर्वे, ई-मेल की जानकारी का डाटा हासिल कर लेते हैं। सरकारी विभागों से मिलती जुलती ई-मेल आईडी अथवा वेबसाइट बनाकर लोगों को लिंक भेजते हैं। सरकारी नौकरी के लिए आवेदन मांगते हैं। नौकरी की तलाश में लोग उस वेबसाइट पर संपर्क करते हैं तो उन्हें ई-मेल के जरिये लिंक भेजा जाता है। लिंक पर क्लिक करने वाले व्यक्ति के कंप्यूटर व मोबाइल फोन में वायरस चला जाता है। इसके बाद शातिर उसे हैक कर खातों में सेंध लगा देते हैं और रकम पार हो जाती है।
विज्ञापन
लगातार ईजाद हो रहे ये नए तरीके
साइबर हैकरों द्वारा लगातार ठगी के तरीके ईजाद किए जा रहे हैं। कभी क्रेडिट कार्ड बनवाने के नाम पर, कभी केवाईसी के नाम पर, कभी ओएलएक्स पर बिक्री के नाम पर, कभी ईनाम निकलने के नाम पर, कभी बीमा पॉलिसी पर ईनाम के नाम पर ठगी होती है। इन दिनों साइबर हैकर ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले बच्चों को लालची ऑफर देकर, ऑनलाइन न्यूड कॉलिंग कर ब्लैकमेल कर, सेवानिवृत्तों के पीएफ खाते में अपडेट के नाम पर ठगी कर रहे हैं।
इन इलाकों में बने हैं ठगों के हब
एक जमाना था कि साइबर हैकरों का हब सिर्फ जामतारा हुआ करता था मगर साइबर टीमों की जांच में लगातार अपडेट होने और जानकारियां मिलने पर कई नए ठिकाने सामने आने लगे हैं। इनमें क्रेडिट कार्ड, इनाम, न्यूड ऑनलाइन कालिंग की ठगी का हब दिल्ली, एनसीआर, गुरुग्राम बना हुआ है। सिम संबंधी ठगी का हब महाराजगंज, सीतापुर, लखीमपुर व अमरोहा बना हुआ है। ओएलएक्स व पेटीएम संबंधी फ्राड का हब मथुरा का मेवात से सटा व अलीगढ़ के टप्पल से सटा क्षेत्र बना हुआ है।
-इस अपराध से सिर्फ सावधानी और गोपनीयता से बचा जा सकता है। जरा से लालच में लापरवाही बरतने और खाते की जानकारियां शेयर करने पर आपको ठगी का शिकार होने से कोई नहीं बचा जा सकता। हां, साइबर ठगी में रुपये ट्रांसफर होने के मामले में जरूरी है कि सबसे पहले पुलिस से शिकायत करें। जितनी जल्दी पुलिस के पास शिकायत पहुंचेगी, पुलिस रुपये वापसी में उतना बेहतर काम कर पाएगी और रुपये दिला पाएगी। अगर शिकायत में देर कर दी तो कई बार रुपये वापस मिल पाना संभव नहीं हो पाता है।
-सुरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर रेंज साइबर थाना
ठगी होेने से ऐसे करें बचाव
- बैंक की ओर से खाते को लेकर कभी कोई डिटेल नहीं मांगी जाती है, आप कालर को अपनी निजी जानकारी न दें
- एटीएम पिन का पासवर्ड, ओटीपी समेत अन्य जानकारी भी किसी से शेयर न करें
- इंटरनेट पर किसी भी संदिग्ध लगने वाले लिंक को क्लिक न करें
- ऑनलाइन बुकिंग के दौरान प्रचलित मोबाइल एप का ही प्रयोग करें
- एटीएम केबिन में कार्ड प्रयोग करते समय सतर्क रहें और किसी से मदद न लें
- एटीएम में स्कैमर लगाकर शातिर लोगों की डिटेल चुरा लेते हैं
- मोबाइल पर किसी तरह की लाटरी व पुरस्कार के लालच में न पड़ें
-साल दर साल बढ़ा साइबर अपराध-
-2018 में 192 शिकायत आईं।
-2019 में 254 शिकायत आईं।
-2020 में 322 शिकायत आईं।
-2021 में 400 शिकायत आईं।
---
--वर्ष 2022 में अब तक का आंकड़ा--
-56 मुकदमे जिले के थानों में दर्ज।
-3 मुकदमे साइबर थाने में दर्ज हुए।
-200 शिकायत साइबर सेल में दर्ज।
-50 शिकायत साइबर थाने में दर्ज।
इस वर्ष अब तक दर्ज तीन बड़ी ठगी
केस- एक--
इगलास के अनिल कुमार बंसल से साइबर ठगों ने कस्टमर केयर अधिकारी बनकर उनके द्वारा कराई गई बीमा पॉलिसी पर अतिरिक्त बोनस का झांसा देकर 70 लाख रुपये की ठगी कर ली।
केस- दो
शहर के मक्खनलाल हॉस्पिटल संचालक से साइबर हैकरों ने कस्टमर केयर अधिकारी बनकर क्रेडिट कार्ड से संबंधित जानकारी करते हुए उनके खाते से साढ़े चार लाख रुपये की ठगी कर ली।
केस-तीन
सुरेंद्र नगर इलाके की शिक्षिका सिम्मी से रेलवे टिकट निरस्त कराने के बाद कस्टमर केयर अधिकारी बनकर एक एप डाउन लोड कराई और 1.49 लाख रुपये की ठगी की गई।