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बुखार आते ही हो जाएं सावधान, नहीं पड़ेगी ऑक्सीजन की जरूरत
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बुखार और कोविड-19 से मिलते-जुलते लक्षण दिखते ही मरीज सावधान हो जाएं। चिकित्सक से संपर्क कर दवा लेना शुरू कर दें तो ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकारी दिशा-निर्देशों के तहत होने वाला इलाज काफी कारगर है।
यह कहना है पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय एल-2 के आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंकुर अग्रवाल का। उन्होंने कहा कि कोरोना के शुरुआती लक्षण को नजरअंदाज करना खतरे से खाली नहीं है। वर्तमान में सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद है।
निजी अस्पतालों में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। बुखार या खांसी की शुरुआत होते ही खासकर ग्रामीण इलाकों के लोग या तो इसे नजरअंदाज कर देते हैं या फिर अप्रशिक्षित डॉक्टरों के चंगुल में फंस जाते हैं। इसकी वजह से उन्हें सही इलाज नहीं मिल पाता है और फेफड़ों में संक्रमण फैल जाता है।
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डॉ. अंकुर का कहना है कि चिकित्सक की देखरेख में इलाज शुरू करने से अधिकतर लोग ठीक हो रहे हैं। सरकारी दिशा-निर्देशों के तहत होने वाला इलाज काफी कारगर है। डॉ. अंकुर ने बताया कि टीके से कोरोना से बचाव के लिए बहुत मजबूत सुरक्षा मिल रही है।
संक्रमण टीका लगने के बाद भी हो सकता है, लेकिन यह जानलेवा नहीं हो पाएगा। बचाव के चार तरीकों पर अमल करें। मास्क लगाएं, दो गज की दूरी का पालन करें। सैनिटाइजर और साबुन से बार-बार हाथ धोते रहें।
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यह कहना है पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय एल-2 के आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंकुर अग्रवाल का। उन्होंने कहा कि कोरोना के शुरुआती लक्षण को नजरअंदाज करना खतरे से खाली नहीं है। वर्तमान में सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद है।
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निजी अस्पतालों में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। बुखार या खांसी की शुरुआत होते ही खासकर ग्रामीण इलाकों के लोग या तो इसे नजरअंदाज कर देते हैं या फिर अप्रशिक्षित डॉक्टरों के चंगुल में फंस जाते हैं। इसकी वजह से उन्हें सही इलाज नहीं मिल पाता है और फेफड़ों में संक्रमण फैल जाता है।
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डॉ. अंकुर का कहना है कि चिकित्सक की देखरेख में इलाज शुरू करने से अधिकतर लोग ठीक हो रहे हैं। सरकारी दिशा-निर्देशों के तहत होने वाला इलाज काफी कारगर है। डॉ. अंकुर ने बताया कि टीके से कोरोना से बचाव के लिए बहुत मजबूत सुरक्षा मिल रही है।
संक्रमण टीका लगने के बाद भी हो सकता है, लेकिन यह जानलेवा नहीं हो पाएगा। बचाव के चार तरीकों पर अमल करें। मास्क लगाएं, दो गज की दूरी का पालन करें। सैनिटाइजर और साबुन से बार-बार हाथ धोते रहें।