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अमर उजाला समृद्धि संवाद में शहर के व्यवसायियों ने बताए अपने अनुभवः बेहतर योजना, गुणवत्ता और आपूर्ति ग्राहकों की पहली पसंद

Wed, 18 Sep 2019 08:48 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 18 Sep 2019 08:48 PM IST
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Batter planning, quality and supply the first choice of customers
अमर उजाला समृद्धि संवाद कार्यक्रम में भाग लेते शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी। - फोटो : CITY OFFICE
अमर उजाला की ओर से ‘समृद्धि संवाद’ का दूसरा आयोजन बुधवार शाम चार बजे तालानगरी यूनिट में हुआ। जिसमें रियल एस्टेट, एफएमसीजी और सराफा व्यवसायियों ने अपने-अपने अनुभव और त्योहारी सीजन की उम्मीदें बताईं। ज्यादातर लोगों ने कहा कि मंदी का असर नहीं है, बल्कि लेन-देन अब नंबर एक की रकम से होने से कारोबार की दशा बदली है। जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।
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रियल एस्टेट में रेरा के नियम लागू होने के बाद बहुत सी चीजें सुधर गई हैं। अब खरीददार को सब कुछ बताना पड़ता है, दिखाना पड़ता है। इसके बाद ही उसे बेचा जा सकता है। खरीददार के साथ धोखाधड़ी करने पर सख्त सजा का प्रावधान है। इसी तरह से सराफा और एफएमसीजी के बाजार में भी बदलाव की बयार बह रही है। नवरात्रि और दीपावली के सीजन में इसका असर देखने को मिलेगा। व्यापारियों में आशा है और उनकी ऊर्जा हर संवाद के बाद बेहतर हो रही है।
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अब विकास गांव से हो रहा है। नियम कानून के साथ बनाए गए सही प्रोजेक्ट आज भी हाथोंहाथ लिए जा रहे हैं। बड़े शहरों में जो प्रोजेक्ट अधूरे थे, उनकी वजह से परेशानी हुई है। अलीगढ़ में ऐसा नहीं है। रियल एस्टेट अब रियल ग्राउंड पर है। जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिली है।
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-ठा. श्यौराज सिंह, वैष्णो इंफ्राट्रैक प्राइवेट लिमिटेड
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साल भर से प्रापर्टी का काम सुधरा है। अब लोग देखने आ रहे हैं और अपनी पसंद के अनुसार मकान ले रहे हैं। अब सही आदमी ही खरीददार है, केवल पैसा लगाने के उद्देश्य से मकान लेने वाले कम हुए हैं। इसलिए इस क्षेत्र में बड़े स्तर पर सुधार हो रहा है। जिसका भविष्य में बड़ा फायदा मिलेगा।
-विजय यादव,बॉयन्त बिल्डटैक प्राइवेट लिमिटेड
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वक्त रहते हुए जिन लोगों ने अपने काम को टैक्स देकर नंबर एक में बढ़ावा दिया था। उनके सामने कोई समस्या नहीं है। जो लोग टैक्स से बचते रहे अब उनके सामने कुछ समस्याएं हैं। ये वक्त के साथ दूर होंगी। अलीगढ़ में रियल एस्टेट आगे बढ़ रहा है। उचित प्रोजेक्ट आज भी गुलजार हैं।
-संजीव पाराशर, ग्रीन पार्क अपार्टमेंट
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हरेक अर्थव्यवस्था और कारोबार उतार चढ़ाव होता रहता है। जिसे हम सुधार भी कहते हैं। बेहतर स्कीम, समय से डिलीवरी, गुणवत्ता पूर्ण निर्माण आज भी ग्राहकों की पहली पसंद हैं। हम लगातार लोगों को उनके सपने के घर की चाबी दे रहे हैं। आधारभूत ढांचा सही हो जाए तो प्रापर्टी का काम तेज रफ्तार पकड़ेगा।
-प्रवीण मंगला, ओजोन सिटी
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भारत में खेती के बाद रियल एस्टेट ही सबसे बड़ा काम है। हाल ही में प्रापर्टी के दाम स्थिर हुए हैं। अब इसमें अनावश्यक तेजी नहीं है। ये सबसे बेहतर समय है अपने लिए घर बनाने का। जो लोग इसको समझ रहे हैं वो लगातार अपना घर ले रहे हैं। ऐसे लोगों का आना जारी है। ग्राहक संख्या भी बढ़ रही है।
-नरेंद्र सांगवान, सागवान सिटी
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अगर जरूरत से ज्यादा निर्माण होगा तो खरीददार कम हो ही जाएंगे। यही रियल एस्टेट के साथ है। अगर ज्यादा निर्माण होगा तो मकान खाली ही रहेंगे। हां सरकार को व्यापारियों को समय-समय पर आवश्यकता अनुसार राहत देने के लिए टैक्स कम करते रहने की जरूरत है। जिससे परेशानी कम हो।
-बांके बिहारी बंसल, रसिक टॉवर
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बाजार में उम्मीद है। रोशनी की किरण है। हर दिन एक नई ऊर्जा है। रियल एस्टेट में आने वाले दिनों में और बेहतर मांग होने वाली है। त्योहारी सीजन में लोग अपने लिए घर भी बुक कराएंगे। अभी लोग जानकारी कर रहे हैं। पसंद कर रहे हैं और देख रहे हैं। साइट की पूरी जानकारी कर रहे हैं।
-परमजीत सिंह, जादौन इंफ्राटैक
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बीते कुछ दिनों से बाजार में सुधार हो रहा है। बाकी पैसों की कमी का रोना तो हर वक्त होता है। ये कभी खत्म नहीं होगा। जितना मिलता है, उतनी ही कमी बताई जाती है। लगातार नये प्रोजेक्ट में लोग जानकारी कर रहे हैं। अब बुकिंग भी शुरू हो रही है। औसत परिवार वाले अपनी जरूरत के अनुसार खरीददारी कर रहे हैं।
-अर्जुन सिंह फकीरा, जादौन इंफ्राटैक
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इन दिनों कारोबार में एक थोड़ा सा अंतर आया है। यह कुछ दिनों के लिए है, ये बहुत जल्द ही दुरुस्त हो जाएगा। मैं मानता हूं कि खुद की समीक्षा और प्रबंधन से हम यहां से आगे के लक्ष्य पूरे करेंगे। बाजार में मांग पहले के अनुसार ही है बस उसका स्वरूप बदल रहा है। मांग पूरी करने के स्रोत भी बढ़ रहे हैं।
-नितिन घुटी, 112 साल की बुढ़िया की घुटी।
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परिवर्तन अगर अगर बार बार हो तो इसका असर समझने में ही बहुत वक्त लगता है। इन दिनों कारोबार की स्थिति कुछ ऐसी ही है, लेकिन धीरे-धीरे सिस्टम सुधर रहा है। अब इसका फायदा आने वाले वक्त में मिलने की उम्मीद है। हम सभी आशावादी हैं इसलिए हम हरेक परिस्थिति में डटे रहते हैं।
-सौरभ बालजीवन, बाल जीवन घुट्टी
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कंपनियों ने अपने कारोबारी लक्ष्य बढ़ा दिए हैं। ये लक्ष्य अगर 85 फीसदी तक पूरे हो जाएं तो कहा जाता है कि 15 फीसदी का नुकसान हुआ है। इसी तरह से इन दिनों एक चलन है नुकसान बताने का। कोई ये नहीं कहता कि 85 फीसदी कारोबार हुआ। मन में घाटा होता है हकीकत में हीं होता है। बाजार में सब कुछ पहले की तरह ही है।
-अमित अग्रवाल, तनिष्क शो रूम
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अमर उजाला की ओर से समृद्धि संवाद एक अच्छी पहल है। जिसमें हम एक जगह आने वाले त्योहारी सीजन की तैयारियों के बारे में भी जान रहे हैं। बाजार आशावान है और इस दीपावली सीजन में हम उम्मीद से बेहतर कारोबार करेंगे। हम सभी इस ओर प्रयासरत है। बाजार में ग्राहकों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है।
-मनित अग्रवाल, सोनी ज्वैलर्स
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बाजार ठीक हो रहा है। त्योहारी सीजन में मांग और बढ़ जाएगी। नवरात्रि से इसका असर दिखेगा। सरकार को टैक्स ढांचे को और सरल बनाना चाहिए और टैक्स कम कर उसमें एकरूपता रखनी चाहिए ताकि कोई भी आसानी से अपने टैक्स आदि का मामला सुलझा सके। ऐसा होने से कारोबार और सरल हो पाएगा।
-वीरेंद्र सिंघल, इंदू गोल्ड डायमंड सेंटर प्वाइंट
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बाजार में अब एक नंबर की नगदी का चलन तेजी से बढ़ रहा है। नंबर दो का पैसा कहीं भी खर्च करने पर पकड़ा जा रहा है। एक दो साल में इसी एक नंबर की दम पर भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से उभरेगी। ये बहुत अच्छा संकेत है। त्योहारी सीजन में बेहतर मांग और आपूर्ति होने से बहुत कुछ बदल जाएगा।
-डॉ. एके तोमर, अर्थशास्त्र विभाग डीएस कालेज के पूर्व अध्यक्ष
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भारतीय अर्थव्यवस्था बचत करने की प्रवृत्ति पर आधारित है, इसलिए इसमें विदेशी अर्थव्यवस्था पर हुए असर का बहुत प्रभाव नहीं पड़ता है। जीडीपी का आंकड़ा कम हुआ है तो ये आगे बढ़ेगा। बदलाव हो रहा है जिसका असर हुआ है। रेरा की वजह से प्रापर्टी खरीददारी बहुत पारदर्शी हुई है।
-विधु मोहन, रिटायर लीड बैंक मैनेजर
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भारतीय अर्थव्यवस्था त्योहारों पर आधारित है। हर मौसम में कई कई त्योहार इसको संजीवनी देते हैं। दीपावली में पूरा बाजार भरा मिलेगा। इस वक्त लोग पहले जरूरत की चीजें खरीद रहे हैं और बाद में अपने शौक पर ध्यान दे रहे हैं। आरबीआई से मिले 1.76 लाख करोड़ रुपये भी अभी चीजों को सकारात्मक करेंगे।
-अतुल सिंह, केनरा बैंक
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नोटबंदी, जीएसटी और रेरा की शर्तों के बीच बाजार ने तेजी से खुद को संभाला है। अब हमारा सिस्टम एक नंबर की ओर आगे बढ़ रहा है। इसकी रफ्तार भी बहुत अच्छी है। त्योहारी सीजन में अभी बाजार और गुलजार हो जाएगा। इसके बाद हर महीने के साथ ये तेजी बढ़ती जाएगी। हम सभी इसी तैयारी में लगे हैं।

-विजय कुमार, सीए एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष
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चीन और अमेरिका की व्यापारिक प्रतिद्वंदता के कारण कुछ असर हुआ है जिसे वैश्विक स्तर पर मंदी का नाम दिया जा रहा है। भारत में अभी तक इसका असर नहीं है। यहां पर अभी भी स्थितियां पूर्ववत है। जरूरत की सभी चीजें पहले की तरह ही खरीदी जा रही है। त्योहारों से इसका संजीवनी मिलेगी।
-डॉ.सुनील चौहान, अर्थशास्त्र शिक्षक, आईआईएमटी

Batter planning, quality and supply the first choice of customers

Batter planning, quality and supply the first choice of customers- फोटो : CITY OFFICE

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