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पर्यावरण का संरक्षक है बरगद का पेड़
Fri, 22 May 2020 08:25 PM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Fri, 22 May 2020 08:25 PM IST
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वट की पूजा करके सुहाग के लिए आशीर्वाद मांगती महिलाएं।
- फोटो : neeraj
बरगद का पेड़ धार्मिक आस्थाओं के साथ-साथ पर्यावरण के संरक्षण और उसको साफ सुथरा बनाए रखने में भी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को वट सावित्री व्रत के दिन एक मामले में इन दिनों जिला कारागार में बंदी पर्यावरणविद सुबोध नंदन शर्मा ने कारागार परिसर में एक बरगद के पेड़ लगाया। यह संयोग ही है कि शुक्रवार को ही जैव विविधता दिवस भी था।
बरगद का पेड़ पीपल के पेड़ की तरह वातावरण में सबसे अधिक मात्रा में ऑक्सीजन छोड़ता है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वाइल्ड लाइफ साइंस डिपार्टमेंट के प्रोफेसर अफीफुल्ला भी मानते हैं कि बरगद व पीपल जैसे फाइकस श्रेणी के पेड़ पर्यावरण में संतुलन बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी हैं। प्रोफेसर अफीफुल्ला कहते हैं कि पहले प्रकृति को संरक्षित करने के लिए चिकित्सीय गुणों वाले पेड़ पौधों को धार्मिक आस्था से जोड़ दिया करते थे, जिससे मनुष्य उन्हें नुकसान न पहुंचाए।
बरगद के पेड़ की विशेषता यह है कि इसमें पूरी की पूरी जैव विविधता पनप सकती है। इसमें चींटी से लेकर अलग-अलग प्रकार के पक्षी अपना बसेरा बना लेते हैं। इसके अलावा बरगद के पेड़ और इसकी पत्तियोें में कार्बन डाइऑक्साइड को सूखने की सबसे ज्यादा क्षमता होती है। यह ऑक्सीजन भी सबसे अधिक उत्सर्जित करते हैं। इसलिए मनुष्यों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं।
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बरगद का पेड़ पीपल के पेड़ की तरह वातावरण में सबसे अधिक मात्रा में ऑक्सीजन छोड़ता है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वाइल्ड लाइफ साइंस डिपार्टमेंट के प्रोफेसर अफीफुल्ला भी मानते हैं कि बरगद व पीपल जैसे फाइकस श्रेणी के पेड़ पर्यावरण में संतुलन बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी हैं। प्रोफेसर अफीफुल्ला कहते हैं कि पहले प्रकृति को संरक्षित करने के लिए चिकित्सीय गुणों वाले पेड़ पौधों को धार्मिक आस्था से जोड़ दिया करते थे, जिससे मनुष्य उन्हें नुकसान न पहुंचाए।
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बरगद के पेड़ की विशेषता यह है कि इसमें पूरी की पूरी जैव विविधता पनप सकती है। इसमें चींटी से लेकर अलग-अलग प्रकार के पक्षी अपना बसेरा बना लेते हैं। इसके अलावा बरगद के पेड़ और इसकी पत्तियोें में कार्बन डाइऑक्साइड को सूखने की सबसे ज्यादा क्षमता होती है। यह ऑक्सीजन भी सबसे अधिक उत्सर्जित करते हैं। इसलिए मनुष्यों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं।
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