खुलासा: फर्जी दस्तावेजों से ऋण कराकर बैंकों को लगाया तीन करोड़ का चूना, आरोपी को भेजा जेल
वाकये की जानकारी पिछले वर्ष मई में हुई। निजी क्षेत्र की आधार हाउसिंग फाइनेंस बैंक ने अनूपशहर रोड क्वार्सी के जिकरुर्रहमान के नाम से 24 लाख का हाउसिंग ऋण दिया। इसी तरह शुभम फाइनेंस ने 29 लाख का ऋण दिया। ऋण देने के कुछ दिन बाद ही उसकी मासिक किस्त आना बंद हो गया।
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फर्जी दस्तावेजों से ऋण कराकर बैंकों से धोखाधड़ी के खेल का क्वार्सी पुलिस ने खुलासा किया है। आरोपी ने निजी क्षेत्र की हाउसिंग फाइनेंस बैंकों को तीन करोड़ से ज्यादा का चूना लगाया है। उसने फर्जी दस्तावेजों के सहारे लोगों के ऋण कराकर रुपये अपने पास रख लिया। पुलिस ने 11 फरवरी को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
वाकये की जानकारी पिछले वर्ष मई में हुई। निजी क्षेत्र की आधार हाउसिंग फाइनेंस बैंक ने अनूपशहर रोड क्वार्सी के जिकरुर्रहमान के नाम से 24 लाख का हाउसिंग ऋण दिया। इसी तरह शुभम फाइनेंस ने 29 लाख का ऋण दिया। ऋण देने के कुछ दिन बाद ही उसकी मासिक किस्त आना बंद हो गया। बैंक स्टाफ ने जिकरुर्रहमान से संपर्क किया तो पहले वह टहलाने लगा।
बाद में जब दबाव बनाया तो उसने सराय सुल्तानी सासनी गेट के अब्दुल कदीर व उसके साथी मो. जाहिद के नाम बताए। कहा कि ऋण दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कदीर ने कराए थे। इससे पहले एक ऋण 29 लाख रुपये का वह करा चुका है। इस पर दोनों बैंकों ने छानबीन शुरू की। जिकरुर्रहमान की ओर से इन दोनों पर क्वार्सी में मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमे की कई माह तक जांच चली। जिसके आधार पर फर्जीवाड़े के साक्ष्य एकत्रित किए। इसी आधार पर मंगलवार को कदीर को जेल भेजा गया।
जांच में यह हुआ खुलासा
पुलिस की जांच में उजागर हुआ कि कदीर पूर्व में खुद बैंकों से ऋण कराने की एजेंसी चलाता था। वह इसके लिए किसी भी प्रॉपर्टी के दो तीन दशक से अधिक पुराने फर्जी दस्तावेज बनाता था, जिसमें उसका स्वामी अपने परिचित ग्राहक को बना देता था। निजी क्षेत्र की बैंक जब जांच करती तो पुराना रिकॉर्ड ऑनलाइन न होने के कारण उसी व्यक्ति को प्रॉपर्टी का स्वामी मान लेती। कदीर का ग्राहक से वायदा होता था कि वह ऋण की आधी या उससे अधिक रकम लेगा और किस्त भी ग्राहक को नहीं देनी पड़ेगी। अब तक जांच में उसने आधार, शुभम व एक अन्य बैंक के करीब 20 ग्राहकों को तीन करोड़ से अधिक ऋण कराना उजागर हुआ है। अधिकांश ग्राहक मुस्लिम आबादी वाले हैं।
कदीर के फर्जीवाड़े की जांच में अब तक दो दर्जन से अधिक फर्जी तरह से ऋण लेना सामने आया है। बहुत से लोगों के रुपये भी फर्जीवाड़ा कर ठगे हैं। इसके विषय में जो भी शिकायतें आ रही हैं, उन्हें एक ही मुकदमे में उसी विवेचक को देना तय किया है। फिलहाल साक्ष्य मिलने पर जेल भेजा गया है। -अभय पांडेय, सीओ तृतीय