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बदबू से बुरा हाल, पुलिस वालों की नाक पर रुमाल
अमर उजाला/ ब्यूरो
Updated Mon, 12 Sep 2016 01:32 AM IST
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बदबू से बुरा हाल, पुलिस वालों की नाक पर रुमाल
- फोटो : Dig vishal
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भुजपुरा में रविवार सुबह दो समुदायों में विवाद होने के बाद शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहुंची पुलिस को सांस लेना भारी पड़ गया। पुलिस और पीएसी के जवानों ने अपने रुमाल निकाल कर नाक पर रखे तब कहीं जाकर वह सांस ले सके। ये नई बात नहीं है इन इलाकों में पुलिस की गश्त बहुत कम होने का सबसे बड़ा कारण यही है।
इधर, बदबू में जीने को मजबूर नगला आशिक अली गांव के लोगों ने प्रधान लोकेश यादव और जिला पंचायत सदस्य के साथ प्रदर्शन किया। ग्रामीण मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों से बदबू फैलाने वालों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। लेकिन पूरा प्रशासनिक अमला उन्हें टरकता रहा। ग्रामीण अफसरों को साथ ले जाकर वो स्थान दिखाना चाहते थे जहां से बदबू आ रही है लेकिन अफसरों ने तत्काल वहां जाकर कार्रवाई करना उचित नहीं समझा। और पूरा अमला झांसा देकर वापस आ गया। हालांकि ग्रामीण चिल्ला चिल्ला कर रहे थे कि गांव के बीचोंबीच कई गोदाम बना दिए गए हैं जहां पर पशुओं की आंत और दूसरे अवशेष सूखाए जा रहे हैं। चर्बी गलाई जा रही है, जिससे सड़ांध और दुर्गंध हो रही है। प्रदर्शन करने वालों में रविंद्र यादव, भोला, नरेश, चंद्रपाल, गिर्राज, निर्मल, विजय, उमेश, अवधेश सहित कई लोग शामिल थे। इन सभी का कहना था कि जिला प्रशासन से कई बार कहने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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इधर, बदबू में जीने को मजबूर नगला आशिक अली गांव के लोगों ने प्रधान लोकेश यादव और जिला पंचायत सदस्य के साथ प्रदर्शन किया। ग्रामीण मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों से बदबू फैलाने वालों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। लेकिन पूरा प्रशासनिक अमला उन्हें टरकता रहा। ग्रामीण अफसरों को साथ ले जाकर वो स्थान दिखाना चाहते थे जहां से बदबू आ रही है लेकिन अफसरों ने तत्काल वहां जाकर कार्रवाई करना उचित नहीं समझा। और पूरा अमला झांसा देकर वापस आ गया। हालांकि ग्रामीण चिल्ला चिल्ला कर रहे थे कि गांव के बीचोंबीच कई गोदाम बना दिए गए हैं जहां पर पशुओं की आंत और दूसरे अवशेष सूखाए जा रहे हैं। चर्बी गलाई जा रही है, जिससे सड़ांध और दुर्गंध हो रही है। प्रदर्शन करने वालों में रविंद्र यादव, भोला, नरेश, चंद्रपाल, गिर्राज, निर्मल, विजय, उमेश, अवधेश सहित कई लोग शामिल थे। इन सभी का कहना था कि जिला प्रशासन से कई बार कहने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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