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मरहम बना आयुष्मान, आपरेशन के बाद जिंदगी बनी आसान

Thu, 19 Sep 2019 08:44 PM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Published by: राजेश सिंह Updated Thu, 19 Sep 2019 08:44 PM IST
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Ayushman became the ointment, life became easy after the operation
राज कुमारी - फोटो : Dig Vishal
कुछ महीने पहले घर पर ही गिर जाने से कूल्हे की हड्डी टूट जाने के बाद सासनी गेट की एडीए कालोनी की रहने वाली राजकुमारी वर्मा की जिंदगी चारपाई तक सिमट गई थी, लेकिन दो वर्ष पहले आयुष्मान भारत योजना के तहत बने गोल्ड कार्ड ने राजकुमारी को अपने पैरों पर खड़ा कर दिया। आर्थिक रूप से बेहद कमजोर राजकुमारी के कूल्हे का आपरेशन हुआ और वह भी पूरी तरह नि:शुल्क।  
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राजकुमारी के पति श्याम सुंदर कहते हैं कि वह परचून की छोटी सी दुकान चलाते हैं, जिससे घर की गुजर बसर किसी तरह हो पाती है। जब उनकी पत्नी के साथ दुर्घटना हुई तो सभी ने एक मात्र विकल्प कूल्हे का आपरेशन और उसमें रॉड डालना बताया था। इसमें जितना खर्चा आ रहा था वह परिवार की सामर्थ्य से बाहर था, लेकिन दो वर्ष पहले बना गोल्ड कार्ड परिवार के पास था।
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इसकी मदद से एटा चुंगी स्थित सुखसागर हास्पिटल में पूरी तरह कैशलेस इलाज मिला। जुलाई महीने में राजकुमारी का आपरेशन हो गया। उम्र अधिक होने के कारण आपरेशन जटिल था, लेकिन वह कामयाब रहा और अब राजकुमारी अपने पैरों पर चल फिर रही हैं। इस तरह आयुष्मान योजना ने राजकुमारी को न सिर्फ फिर से अपने पैरों पर खड़ा कर दिया, बल्कि परिवार को आर्थिक संकट से भी बचा लिया। 
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मरीज का तो हुआ काम आसान, पर अटक रहा भुगतान
राजकुमारी का आपरेशन करने वाले सुखसागर हास्पिटल के डॉ. जीके सिंह कहते हैं गोल्ड कार्ड के बाद वह चयनित हास्पिटल मरीज का पूरी तरह कैशलेस इलाज कर रहे हैं, लेकिन अब इलाज के बाद सरकार पक्ष की ओर से भुगतान की प्रक्रिया में अड़चनें डाली जाने लगी हैं। जब तक लोकसभा चुनाव नहीं हुए थे तब तक तो इलाज करने वाले संबंधित नर्सिंग होमों को भुगतान को लेकर कोई दिक्कत नहीं आ रही थी, लेकिन अब कुछ महीनों से देखा जा रहा है कि भुगतान से पहले कई तरह के ‘आब्जेक्शन’ खड़े कर देते हैं जिन्हें बाद में स्पष्ट किया जाता है। उसके बाद भुगतान होता है। 



हम चाहते हैं जल्द से जल्द सभी पात्र लोगों का गोल्डन कार्ड जारी हो जाए। गुरुवार को भी अतरौली के सरकारी स्कूलों में गोल्डन कार्ड के लिए जागरूकता कार्यक्रम किए गए हैं। जहां तक भुगतान की बात है तो कुछ दस्तावेज क्रास चेक करने की जरूरत होती है तब प्रक्रिया थोड़ा रुकती है, लेकिन यह काम का एक हिस्सा है।
- डॉ. खान चंद, एसीएमओ, नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत योजना
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