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अलीगढ़ः रेल यात्रियों को सौगात, स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ियां हुईं शुरू
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अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ियों का लोकार्पण करते सांसद सतीश गौतम।
- फोटो : CITY OFFICE
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रेलवे ने यात्रियों को एक और सौगात दी है। स्टेशन पहुंचने वाले बुजुर्ग, दिव्यांग यात्रियों को सीढ़ियां चढ़ने के झंझट से अब मुक्ति मिलेगी। स्टेशन के प्लेटफार्म व दो व सात पर स्वचालित सीढ़ियों की सुविधा मिलेगी। सांसद सतीश गौतम ने शुक्रवार को समारोह के मध्य स्वचालित सीढ़ियों का फीता काटकर लोकार्पण किया।
इस मौके पर सांसद ने कहा कि अलीगढ़ स्टेशन विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जल्द ही नई बिल्डिंग का उद्घाटन होगा। स्टेशन को ए श्रेणी से ए-वन में लाने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ स्टेशन पर हावड़ा राजधानी व कानपुर-दिल्ली शताब्दी का जल्द ठहराव होगा। इसके लिए उन्होंने रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा है। सांसद सतीश गौतम ने कहा कि अलीगढ़- हाथरस के बीच मेंडू के पास करीब डेढ़ किलोमीटर की रेलवे लाइन को मथुरा लाइन से जोड़ा जाएगा। रेल मंत्रालय ने कार्ययोजना तैयार कर ली है।
रेलवे लाइन से जुड़ जाने पर कासगंज, हाथरस, मथुरा, भरतपुर राजस्थान जाने का रास्ता भी सुगम होगा। इससे अलीगढ़ के साथ ही आगरा व अन्य जिलों के ताला, हार्डवेयर आदि से जुड़े कारोबारियों को एक शहर से दूसरे शहरों में जाने में आसानी होगी। दक्षिण भारत के लिए भी नई ट्रेन चलवाने का प्रयास किया जा रहा है। रेल पटरियों के बीच में रंगीन लाइटिंग युक्त फुब्बारे लगवाए जाएंगे।
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कोल विधायक अनिल पाराशर ने कानपुर-दिल्ली शताब्दी व राजधानी के स्टॉपेज की मांग रखी। उन्होंने बताया कि पूरे सेक्शन में अब कोई मानवरहित क्रासिंग नहीं रह गई है। मुसेपुर जलाल में अंडरपास व चिरौलिया पर बड़े ओवर ब्रिज का निर्माण कराया गया है। समारोह में शहर विधायक संजीव राजा, महानगर अध्यक्ष डॉ. विवेक सारस्वत, भाजयुमो के महानगर अध्यक्ष अमन गुप्ता, डीटीएम टूंडला संजय कुमार ने भी अपने विचार रखे।
अभी एक महीने तक चलेगा ट्रायल
चेन्नई की कंपनी जॉनसन ने स्वचालित सीढ़ियों का करीब दो करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कराया है। 102 स्टेप को मिलाकर बनाई गई सीढ़ियों में प्रत्येक स्टेप की क्षमता 60 किलो वजन की है। इसे बनाने का काम मार्च 2021 तक पूरा होना था, लेकिन कोविड संक्रमण के चलते काम पूरा होने में देरी हुई। कंपनी इन सीढ़ियों को एक माह तक ट्रायल रन पर रखेगी। पहले दिन इन स्वचालित सीढ़ियों को लेकर यात्रियों में खुशी का माहौल दिखाई पड़ा।
उद्घाटन से पहले ही एस्केलेटर की केबिल गायब
स्टेशन के सिविल लाइंस साइड गेट पर बनाई गईं स्वचालित सीढ़ियों के उद्घाटन से पहले ही सीढ़ियों को बिजली आपूर्ति देने वाली केबिल गायब हो गई। इसके चलते इस साइड की सीढ़ियों का उद्घाटन टालते हुए मालगोदाम साइड की सीढ़ियों का लोकार्पण किया गया। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार नई केबिल के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। कोल विधायक अनिल पाराशर ने भी सिविल लाइंस साइड की सीढ़ियों का संचालन न होने व आस-पास गंदगी होने पर नाराजगी जताते हुए पर्याप्त साफ-सफाई रखने की मांग की है।
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इस मौके पर सांसद ने कहा कि अलीगढ़ स्टेशन विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जल्द ही नई बिल्डिंग का उद्घाटन होगा। स्टेशन को ए श्रेणी से ए-वन में लाने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ स्टेशन पर हावड़ा राजधानी व कानपुर-दिल्ली शताब्दी का जल्द ठहराव होगा। इसके लिए उन्होंने रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा है। सांसद सतीश गौतम ने कहा कि अलीगढ़- हाथरस के बीच मेंडू के पास करीब डेढ़ किलोमीटर की रेलवे लाइन को मथुरा लाइन से जोड़ा जाएगा। रेल मंत्रालय ने कार्ययोजना तैयार कर ली है।
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रेलवे लाइन से जुड़ जाने पर कासगंज, हाथरस, मथुरा, भरतपुर राजस्थान जाने का रास्ता भी सुगम होगा। इससे अलीगढ़ के साथ ही आगरा व अन्य जिलों के ताला, हार्डवेयर आदि से जुड़े कारोबारियों को एक शहर से दूसरे शहरों में जाने में आसानी होगी। दक्षिण भारत के लिए भी नई ट्रेन चलवाने का प्रयास किया जा रहा है। रेल पटरियों के बीच में रंगीन लाइटिंग युक्त फुब्बारे लगवाए जाएंगे।
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कोल विधायक अनिल पाराशर ने कानपुर-दिल्ली शताब्दी व राजधानी के स्टॉपेज की मांग रखी। उन्होंने बताया कि पूरे सेक्शन में अब कोई मानवरहित क्रासिंग नहीं रह गई है। मुसेपुर जलाल में अंडरपास व चिरौलिया पर बड़े ओवर ब्रिज का निर्माण कराया गया है। समारोह में शहर विधायक संजीव राजा, महानगर अध्यक्ष डॉ. विवेक सारस्वत, भाजयुमो के महानगर अध्यक्ष अमन गुप्ता, डीटीएम टूंडला संजय कुमार ने भी अपने विचार रखे।
अभी एक महीने तक चलेगा ट्रायल
चेन्नई की कंपनी जॉनसन ने स्वचालित सीढ़ियों का करीब दो करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कराया है। 102 स्टेप को मिलाकर बनाई गई सीढ़ियों में प्रत्येक स्टेप की क्षमता 60 किलो वजन की है। इसे बनाने का काम मार्च 2021 तक पूरा होना था, लेकिन कोविड संक्रमण के चलते काम पूरा होने में देरी हुई। कंपनी इन सीढ़ियों को एक माह तक ट्रायल रन पर रखेगी। पहले दिन इन स्वचालित सीढ़ियों को लेकर यात्रियों में खुशी का माहौल दिखाई पड़ा।
उद्घाटन से पहले ही एस्केलेटर की केबिल गायब
स्टेशन के सिविल लाइंस साइड गेट पर बनाई गईं स्वचालित सीढ़ियों के उद्घाटन से पहले ही सीढ़ियों को बिजली आपूर्ति देने वाली केबिल गायब हो गई। इसके चलते इस साइड की सीढ़ियों का उद्घाटन टालते हुए मालगोदाम साइड की सीढ़ियों का लोकार्पण किया गया। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार नई केबिल के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। कोल विधायक अनिल पाराशर ने भी सिविल लाइंस साइड की सीढ़ियों का संचालन न होने व आस-पास गंदगी होने पर नाराजगी जताते हुए पर्याप्त साफ-सफाई रखने की मांग की है।