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AMU: बिना जरूरत खर्च कर दिए 40 लाख, विशेष आंतरिक ऑडिट में फंसे कई प्रोफेसर, वीसी ने बनाई जांच टीम

Tue, 17 Feb 2026 10:17 AM IST
चमन शर्मा इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ़
इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 17 Feb 2026 10:17 AM IST
सार

7,12,650 रुपये कैंटीन निर्माण में खर्च कर दिए गए। सफाई और हॉस्टल मरम्मत जैसे अस्वीकृत कार्यों में 2,63,250 रुपये खर्च किए गए। गर्ल्स हॉस्टल की रंगाई-पुताई के लिए 3,30,400 रुपये खर्च किए गए। बिना स्वीकृति वाहनों के किराये पर 16.26 लाख रुपये खर्च हुए।

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Audit report of AMU Kishanganj Centre alleges misuse of funds
एएमयू - फोटो : संवाद

विस्तार

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के किशनगंज सेंटर में विशेष आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट में निधि दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं। सेंटर में बिना जरूरत के करीब 40 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। मामले में कुलपति ने जांच टीम गठित कर दी है।

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19 फरवरी 2024 की ऑडिट रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितता, यूनिवर्सिटी की निधियों के दुरुपयोग और प्रक्रिया संबंधी खामियों के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट में सत्र 2022-23 के लिए विकास निधि 13.06 लाख रुपये थी, जिसमें से 7,12,650 रुपये कैंटीन निर्माण में खर्च कर दिए गए, जिसकी मंजूरी भी नहीं थी। जांच में सामान्य वित्तीय नियम (जीएफआर) नियमों के विरुद्ध पाया गया।
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ऑडिट रिपोर्ट में वर्ष 2020-22 में सफाई और हॉस्टल मरम्मत जैसे अस्वीकृत कार्यों में 2,63,250 रुपये खर्च किए गए। इनमें नकद भुगतान, एक ही विक्रेता को बार-बार आदेश और फर्जी बिलिंग का जिक्र है। गर्ल्स हॉस्टल की रंगाई-पुताई के लिए 3,30,400 रुपये खर्च किए गए, जिसमें मानक के अनुरूप प्रक्रिया नहीं अपनाई गई।

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गेस्ट हाउस किराये और बिजली बिल में दोहरी भुगतान की स्थिति सामने आई, जबकि 2014 से किराये में बिजली शामिल थी। कर्मचारियों द्वारा टीए/डीए लेने के बावजूद यूनिवर्सिटी द्वारा किराया और होटल भुगतान किए जाने से लगभग 11.56 लाख रुपये का अतिरिक्त भार पड़ा। बिना स्वीकृति वाहनों के किराये पर 16.26 लाख रुपये खर्च हुए, जबकि निदेशकों ने साथ में ट्रांसपोर्ट अलाउंस भी लिया। बैंक से 16,10,823 रुपये नकद निकासी कर भुगतान किए गए, टीडीएस लागू नहीं किया गया।

बैंक ब्याज मद से 2,80,819 रुपये बिना अनुमति खर्च कर दिए गए। 1.50 लाख रुपये के अग्रिम बिल समायोजित नहीं हुए। बिजली बिल देरी से जमा होने पर 50,654 रुपये जुर्माना लगा। ऑडिट रिपोर्ट में स्टॉक रजिस्टर (उत्तर पुस्तिकाएं, उपभोग सामग्री, स्थायी संपत्ति, पुस्तकालय की पुस्तकें) अधूरे या अप्रमाणित पाए गए। ऑडिट में संभावित गबन और संस्थागत स्तर पर वित्तीय नियंत्रण की कमी बताई गई है।

ये हैं जांच टीम में
यूनिवर्सिटी के कुलसचिव प्रो. आसिम जफर के अनुसार मामले में कुलपति प्रो. नईमा खातून ने जांच टीम गठित की है। टीम के चेयरमैन हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. अब्दुल अलीम और सदस्य गणित विभाग के सेवानिवृत्त प्रो. मोहम्मद अशरफ बनाए गए हैं। टीम को निर्देशित किया गया है कि वह कुल वित्तीय नुकसान का आकलन करें ।

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