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अलीगढ़ में कब-क्या हुआ: जिले के अमन को पलीता लगाने की कोशिश, कई बार बने टकराव के हालात

Wed, 19 Jun 2024 10:51 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Wed, 19 Jun 2024 10:51 PM IST
सार

19 जून सुबह कपड़ा व्यापारी के परिवार पर हत्या की रिपोर्ट और गिरफ्तारी की खबर पर सुबह से ही व्यापारी व भाजपाई मामू भांजा में घटनास्थल के आसपास जमा होने लगे थे। इलाके में बाजार नहीं खुलने दिया। मामू भांजा के मुख्य चौराहे पर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया, नारेबाजी शुरू हो गई।

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Attempt to destroy the peace of Aligarh
अब्दुल करीम चौराहा ऊपरकोट पर मृतक के समर्थन में प्रदर्शन करते लोग - फोटो : संवाद

विस्तार

कई दशक से अमन की राह पर चल रहे पुराने शहर को झुलसाने की कोशिश की गई। दोनों समुदाय अलग-अलग खेमों में जरूर बंटे थे, लेकिन थे अपने-अपने इलाकों में ही। दोपहर में बाजार बंद कराती घूम रही टोली ने अब्दुल करीम चौराहे पर पहुंचकर धरना प्रदर्शन शुरू किया तो ऊपरकोट पर बाजार बंद कर घूम रहे लोग भी हरकत में आ गए। बस दोनों ओर से परस्पर विरोधी नारेबाजी व टीका टिप्पणी शुरू हो गई। अधिकारी और दोनों समुदाय के असरदार लोग आगे आए और स्थिति को संभाला।

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महापौर और अन्य भाजपा नेता
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इससे पहले 19 जून सुबह कपड़ा व्यापारी के परिवार पर हत्या की रिपोर्ट और गिरफ्तारी की खबर पर सुबह से ही व्यापारी व भाजपाई मामू भांजा में घटनास्थल के आसपास जमा होने लगे थे। इलाके में बाजार नहीं खुलने दिया। मामू भांजा के मुख्य चौराहे पर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया, नारेबाजी शुरू हो गई। इसी बीच युवाओं की टोली यहां से निकलकर रेलवे रोड और मीरूमल की प्याऊ तक पहुंच गई। वहां बाजार बंद कराकर हंगामा प्रदर्शन किया। इसके बाद यह टोली वापस मामू भांजा पर आ गई। इसी बीच वहां विधायक मुक्ता संजीव राजा, मेयर प्रशांत सिंघल, पूर्व मेयर शकुंतला भारती, भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, मानव महाजन, सुबोध स्वीटी, डा.राजीव अग्रवाल आदि पहुंच गए।
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यहां पहुंचे एडीएम सिटी व एसपी सिटी को लोगों ने साक्ष्य और वीडियो का हवाला दिया। काफी देर तक बहस व नारेबाजी होती रही। युवाओं की एक टोली रेलवे रोड की ओर जाने लगी। एडीएम सिटी व एसपी सिटी को रोकने की कोशिश की। युवाओं की टोली उन्हें धकियाते हुए अतिसंवेदनशील अब्दुल करीम चौराहे तक ले गई। रास्ते भर के बाजार बंद कराए गए। महावीरगंज का बाजार बंद कराने के बाद यह टोली अब्दुल करीम चौराहे पर धरने पर बैठ गई और नारेबाजी शुरू कर दी।

घटनाक्रम के मुख्य बिन्दु

  • सुबह से मामू भांजे इलाके में चल रहा था धरना-प्रदर्शन
  • अब्दुल करीम मोहल्ले में आमने-सामने आए दोनों समुदाय
  • शुरुआत में एडीएम-सिटी एसपी सिटी समझाते रहे, होती रही नोकझोंक
  • दोपहर में एसएसपी ने दो घंटे तक बातचीत कर किया समझाने का प्रयास
  • इसी दौरान बाजार बंद कराती घूम रही टोली पहुंच गई अब्दुल करीम तक
  • यह देखकर ऊपर कोट पर बाजार बंद कर बैठे लोगों ने भी दी प्रतिक्रिया

कांग्रेसी नेता

ये हैं व्यापारी पक्ष की मांग

  • हत्या के बजाय दुर्घटना या गैर इरादतन हत्या में दर्ज किया जाना चाहिए मुकदमा
  • मौके पर मौजूद लोगों की गिरफ्तारी का विरोध, अन्य नामजदों की न हो गिरफ्तारी
  • व्यापारी के घर में लूट के इरादे से घुसे औरगंजेब और उसके साथियों पर दर्ज हो रिपोर्ट


टाइम लाइन
-10:30 बजे शव पोस्टमार्टम से घर पहुंचा
-12:00 बजे शव दफन को कब्रिस्तान गया
-02:00 बजे दफन की प्रक्रिया पूरी की गई
-10:00 बजे से पहले लोग एकत्रित हुए थे
-10:30 बजे से मामू भांजा आदि बाजार बंद
-10:30 बजे से मामू भांजा इलाके में धरना शुरू
-11:00 बजे मीरूमल प्याऊ पर बाजार बंद
-12:00 बजे रेलवे रोड पर धरना शुरू किया
-01:00 बजे अब्दुल करीम चौराहे पर पहुंचे
-02:00 बजे एसएसपी के साथ भाजपाई गए
-03:00 बजे रेलवे रोड पर परिवार धरने पर
-04:00 बजे एसएसपी के यहां पर बैठक समाप्त
-05:00 बजे रेलवे रोड पर चल रहा धरना खत्म

सामने से भीड़ देख ऊपरकोट से आई प्रतिक्रिया

ऊपरकोट का बाजार पहले से ही बंद था, लोग दुकानों के आगे बैठे थे। उन्होंने जब रेलवे रोड की ओर से भीड़ आते देखी तो वे हरकत में आए और वे भी सब्जी मंडी चौराहा सीमा की ओर बढ़ने लगे। दोनों ओर से परस्पर नारेबाजी के बीच किसी ने अचानक से ऊपरकोट से दो पत्थर फेंक दिए। पुलिस दोनों ओर से लोगों को पीछे धकियाने की कोशिश करती रही। पत्थर चलने के बाद संभ्रांत लोगों को भी लगाया गया और जैसे-तैसे दोनों ओर की भीड़ को वापस किया गया।

एसएसपी से वार्ता के बाद लौटे नेताओं ने खत्म कराया धरना
मौके पर पहुंचे एसएसपी ने दो घंटे तक वार्ता की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला तो उन्हें एकांत में वार्ता करने का प्रस्ताव रखा। वार्ता के बाद धरना समाप्त कर दिया। इस घटनाक्रम के बीच एसएसपी मामू भांजा बाजार में पहुंचे। वहां उन्होंने मौका देखने के बाद धरने पर बैठे नेताओं व परिवार से करीब दो घंटे तक वार्ता की। वहां भीड़ के शोर के बीच सहमति बनती नहीं दिखी तो एसएसपी ने प्रस्ताव रखा कि कहीं एकांत में बैठकर चुनिंदा लोग वार्ता करते हैं। इस पर सभी सहमत हो गए और नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल परिवार के कुछ लोगों के साथ एसएसपी आवास पहुंचा। इस दौरान महिलाएं रेलवे रोड पर जाम लगाकर धरना दिए बैठी रहीं। 

हंगामा

युवक उनके समर्थन में नारेबाजी करते रहे। एसएसपी ने मुकदमे में धाराएं बदलने के मुद्दे पर तथ्यों की जांच व वीडियो फुटेज के आधार पर ही निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। साथ ही परिवार की ओर से तहरीर पर चोरी के इरादे से घुसने का मुकदमा दर्ज करने का भरोसा दिया। साथ में यह भी कहा कि जो लोग मारपीट में शामिल होंगे, उन्हीं पर कार्रवाई होगी। इसके बाद भाजपा और व्यापारी नेताओं ने रेलवे रोड पर आकर धरना स्थल पर जानकारी दी और धरना खत्म कराया।

ये रहे मौजूद
इस दौरान लक्ष्मी नारायण लच्छो, मनीष बूल, सुशील मित्तल, अतुल राजाजी, युवा मोर्चा अध्यक्ष अमन गुप्ता, विनय वार्ष्णेय, अमित गोस्वामी, जय यादव, गुंजित वार्ष्णेय, संजय गोयल, यश गोयल, हरिकिशन अग्रवाल, भगत सिंह भगवासिया, पीयूष सिंघल, ज्ञानेंद्र सिंह चौहान, संदेश राज, मोनू अग्रवाल, हर्षद हिंदू, विशाल देशभक्त, मोहित शर्मा, संजीव गौड़, संजय शर्मा आदि तमाम लोग मौजूद रहे।

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