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निरीक्षण के समय बच्चों की छुट्टी, प्रध्ाानाचार्य निलंबित
अमर उजाला/ ब्यूरो
Updated Wed, 27 Jul 2016 01:49 AM IST
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निरीक्षण के समय बच्चों की छुट्टी, प्रध्ाानाचार्य निलंबित
- फोटो : महीपाल सिंह
प्रदेश विधानमंडल की महिला एवं बाल विकास संबंधी संयुक्त समिति ने मंगलवार को जब जिले के परिषदीय स्कूलों का निरीक्षण किया तो सच्चाई सामने आई। एक स्कूल में बच्चे नहीं थे तो एक स्कूल में खाने में गड़बड़झाला मिला। बच्चे समिति के सभापति को हिंदी तक पढ़कर नहीं सुना सके। समिति के निरीक्षण के चलते खलबली मची रही।
प्राथमिक विद्यालय रुस्तमपुर में समिति को निरीक्षण के समय एक भी बच्चा नहीं दिखाई दिया। वहां प्रधानाध्यापिका ने निरीक्षण के समय तक बच्चों की छुट्टी कर दी थी। प्रधानाध्यापिका कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सकीं। विद्यालय के प्रवेश द्वार पर ही गड्ढा था, जिससे बच्चों के साथ कोई भी अप्रिय घटना हो सकती थी।
विद्यालय के अंदर व बाहर काफी गंदगी थी। समिति ने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका को निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही अन्य अध्यापकों को दूरस्थ विकास खंड में प्रशासनिक आधार पर ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बढ़ौली फतेह खां में नामांकित 109 में से 89 बच्चे उपस्थित पाए गए।
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सभी बच्चे एक साथ मौजूद थे। पूछताछ में रसोइया ने बताया कि उसने 150 बच्चों का खाना बनाया है, जबकि वहां 89 बच्चे मौजूद थे। इसमें भी गड़बड़ी पाई गई। समिति ने वहां की प्रधानाध्यापिका को निलंबित करने व दो अनुदेशकों का अनुबंध समाप्त करने के निर्देश दिए।
इसी गांव के प्राथमिक विद्यालय में बच्चे बरामदे में बैठे थे। सभापति ने जब बच्चों से हिंदी की पुस्तक पढ़वाई तो वह हिंदी नहीं पढ़ सके। संख्या ज्यादा होने पर कार्यरत अध्यापकों को दूर ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। प्राथमिक विद्यालय मुकुंदपुर में नामांकित 77 बच्चों में से 23 बच्चे स्कूल में मिले। विद्यालय में गंदगी व्याप्त थी और पानी भरा था। इस पर चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के अंदर स्थिति न सुधरी तो प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया जाए।
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प्राथमिक विद्यालय रुस्तमपुर में समिति को निरीक्षण के समय एक भी बच्चा नहीं दिखाई दिया। वहां प्रधानाध्यापिका ने निरीक्षण के समय तक बच्चों की छुट्टी कर दी थी। प्रधानाध्यापिका कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सकीं। विद्यालय के प्रवेश द्वार पर ही गड्ढा था, जिससे बच्चों के साथ कोई भी अप्रिय घटना हो सकती थी।
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विद्यालय के अंदर व बाहर काफी गंदगी थी। समिति ने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका को निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही अन्य अध्यापकों को दूरस्थ विकास खंड में प्रशासनिक आधार पर ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बढ़ौली फतेह खां में नामांकित 109 में से 89 बच्चे उपस्थित पाए गए।
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सभी बच्चे एक साथ मौजूद थे। पूछताछ में रसोइया ने बताया कि उसने 150 बच्चों का खाना बनाया है, जबकि वहां 89 बच्चे मौजूद थे। इसमें भी गड़बड़ी पाई गई। समिति ने वहां की प्रधानाध्यापिका को निलंबित करने व दो अनुदेशकों का अनुबंध समाप्त करने के निर्देश दिए।
इसी गांव के प्राथमिक विद्यालय में बच्चे बरामदे में बैठे थे। सभापति ने जब बच्चों से हिंदी की पुस्तक पढ़वाई तो वह हिंदी नहीं पढ़ सके। संख्या ज्यादा होने पर कार्यरत अध्यापकों को दूर ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। प्राथमिक विद्यालय मुकुंदपुर में नामांकित 77 बच्चों में से 23 बच्चे स्कूल में मिले। विद्यालय में गंदगी व्याप्त थी और पानी भरा था। इस पर चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के अंदर स्थिति न सुधरी तो प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया जाए।