पुलिस की पाठशाला: एएसपी ने छात्रों को पढ़ाया साइबर अपराध से बचने का पाठ, बताया क्या करें और क्या न करें
अलीगढ़ के डीएस इंटर कॉलेज में एएसपी अमृत जैन ने पुलिस की पाठशाला में बच्चों को साइबर काइम के बारे में पाठ पढ़ाया। एएसपी अमृत जैन बच्चों को बताया कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।
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अमर उजाला के बैनर तले डीएस इंटर कॉलेज में 14 मई को पुलिस की पाठशाला लगी। मुख्य वक्ता एएसपी अमृत जैन ने साइबर अपराध के प्रति छात्रों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि अगर थोड़ी सी सावधानी आप बरतते हैं, तो बड़ी मुसीबत से बच सकते हैं।
उन्होंने साइबर अपराध और साइबर बुलिंग के अंतर को भी बताया। इनसे कैसे बचा जाए इसकी जानकारी दी। एएसपी से छात्रों ने सवाल भी पूछे, जिनका उन्होंने जवाब भी दिया। छात्रों को लगन और मेहनत से पढ़ने के लिए प्रेरित भी किया। एएसपी अमृत जैन का प्रधानाचार्य डॉ. कौशलेंद्र यादव ने स्वागत किया। इस मौके पर उप प्रधानाचार्य राकेश गौतम, डॉ. वाईपी सिंह आदि मौजूद रहे।
क्या करें
- पासवर्ड बनाने से पहले ध्यान रखें कि वो यूनिक और कठिन हो।
- हर ऑनलाइन अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड रखें।
-सोशल मीडिया साइट्स के लिए सेकेंडरी ई-मेल एड्रेस बनाकर रखें।
-अगर कोई अकाउंट आप इस्तेमाल नहीं करते हैं तो उसे डिलीट कर दें।
- हमेशा प्रमाणिक व लाइसेंस वाले सॉफ्टवेयर का ही प्रयोग करें।
-ऑनलाइन बैंकिंग में ध्यान रखें कि आपने यूआरएल को मैन्युअली टाइप किया हो।
-अज्ञात ई-मेल में आए किसी भी अटैचमेंट को डाउनलोड करने से बचें।
-एप ऑफिशियल स्टोर गूगल प्ले स्टोर व एप्पल के फेयर एप स्टोर से लें।
क्या न करें
- अपनी किसी भी जानकारी को सोशल मीडिया पर शेयर न करें।
- ब्राउजर में सोशल मीडिया या अकाउंट में लॉग इन करते वक्त लॉग इन या रिमाइंडर मी चेक न करें।
- सोशल मीडिया साइट्स के लिए ऑफिशियल ई-मेल का इस्तेमाल न करें।
- अपनी जन्मतिथि, नाम, मोबाइल नंबर आदि का इस्तेमाल कभी पासवर्ड में न करें।
- किसी भी पॉपअप विज्ञापन पर गौर न करें।
- किसी भी असुरक्षित और फेक वेबसाइट पर जाने से बचें।
-ऑनलाइन अकाउंट्स को हमेशा लॉग आउट करें।
- क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड की जानकारी वेब ब्राउजर में जमा न करें।
-निजी और बैंकिंग ब्योरा फोन या ई-मेल या एसएमएस से शेयर न करें।
-अपनी व्यक्तिगत/ निजी तस्वीरें सार्वजनिक रूप से साझा न करें।
-शर्म, शर्मिंदगी और आत्म-दोष के कारण शिकायत दर्ज में संकोच न करें।
-साइबर धोखाधड़ी होने पर साबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।