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दुनिया का श्रेष्ठतम कर्म है यज्ञ
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महरावल नगरिया आर्य समाज में प्रवचन देते ब्रह्मा आचार्य विश्वमित्र वेद्यार्थी।
- फोटो : CITY OFFICE
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आर्य समाज महरावल नगरिया में आयोजित तीन दिवसीय महायज्ञ महोत्सव का समापन सोमवार को हो गया है। इस महोत्सव में यज्ञ पर चर्चा करते हुए आचार्य विश्वमित्र विद्यार्थी ने बताया कि यज्ञ दुनिया का श्रेष्ठतम कर्म है।
दोपहर की सभा में पूजा शब्द पर प्रकाश डाला गया। बताया गया कि परमात्मा की पूजा हमें किस प्रकार करनी चाहिए। पूजा जीवन के लिए परम आवश्यक है तथा सब प्राणियों में मनुष्य ही परमात्मा की पूजा कर सकता है। इसीलिए मनुष्य सर्वश्रेष्ठ है। देव नारायण भारद्वाज ने बताया कि अब तक दुनिया में जितने भी महापुरुष हुए हैं। वह सब बौद्धिक बल से ही आगे बढ़े हैं।
इसीलिए हमें बुद्धि की पवित्रता बनाए रखनी चाहिए। बहन प्रवेश आर्या ने गृहस्थ में नारी के महत्व को लेकर गीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर भूदेव मुनि, सुभाष आर्य, योगेश आर्य, पंकज आर्य, एडवोकेट मुकेश कुमार सैनी, इंजीनियर लटूरी सिंह, शेर सिंह आर्य, रामकिशन शर्मा आदि मौजूद रहे।
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दोपहर की सभा में पूजा शब्द पर प्रकाश डाला गया। बताया गया कि परमात्मा की पूजा हमें किस प्रकार करनी चाहिए। पूजा जीवन के लिए परम आवश्यक है तथा सब प्राणियों में मनुष्य ही परमात्मा की पूजा कर सकता है। इसीलिए मनुष्य सर्वश्रेष्ठ है। देव नारायण भारद्वाज ने बताया कि अब तक दुनिया में जितने भी महापुरुष हुए हैं। वह सब बौद्धिक बल से ही आगे बढ़े हैं।
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इसीलिए हमें बुद्धि की पवित्रता बनाए रखनी चाहिए। बहन प्रवेश आर्या ने गृहस्थ में नारी के महत्व को लेकर गीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर भूदेव मुनि, सुभाष आर्य, योगेश आर्य, पंकज आर्य, एडवोकेट मुकेश कुमार सैनी, इंजीनियर लटूरी सिंह, शेर सिंह आर्य, रामकिशन शर्मा आदि मौजूद रहे।
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