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मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में मिले अति कुपोषित बच्चे
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अति कुपोषित बच्चा अपनी मां के साथ।
- फोटो : CITY OFFICE
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कौशल कुमार ओझा
शहरी क्षेत्र के 17 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) एवं देहात क्षेत्र के 34 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेला लगा। मेले में अति कुपोषित दो बच्चे सामने आए, जिन्हें जल्द से जल्द पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने की सलाह दी गई। दोनों बच्चों का वजन उम्र के हिसाब से बहुत कम है।
नगरीय स्वास्थ्य केंद्र, बेगमबाग में बेगमबाग की तीन वर्षीय प्रेरणा पुत्री दिनेश को लेकर परिजन पहुंचे। तीन साल की बच्ची का वजन 7 किलोग्राम था। वह अपने पैरों पर चल नहीं सकती। दिनेश कहते हैं कि बेटी को दौरे भी पड़ते हैं। खाना हजम नहीं होता है। बच्ची का शारीरिक विकास नहीं हो रहा है। पिछले साल बच्ची को जेएन मेडिकल कॉलेज स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में भी भर्ती कराया गया था। वहां वह 18 से 20 दिन रही थी। उस समय उसका वजन कुछ बढ़ा था। वहां से आने के बाद वजन नहीं बढ़ रहा है। चिकित्सकों ने बच्ची को फिर से पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने का परामर्श दिया है। परिजन भी बच्ची को भर्ती कराने को तैयार हैं। दूसरा अति कुपोषित बच्चा नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमालपुर में सामने आया। पांच साल का जरनूर पुत्र शाहनवाज जमालपुर का निवासी है। वर्तमान में उसका वजन 10 किलोग्राम है। यूपीएचसी की प्रभारी डॉ. आरफीन कहती हैं कि बच्चे को जेएन मेडिकल कॉलेज स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने का परामर्श दिया गया है। सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने बताया कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेला में सामने आने वाले अतिकुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाएगा।
रंग ला रहा है अमर उजाला का कुपोषण के खिलाफ अभियान
कुपोषण के खिलाफ अमर उजाला का अभियान रंग ला रहा है। मुख्यमंत्री आरोग्य मेला के दौरान प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा गर्भवती महिलाओं व नागरिकों को पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक किया गया। स्वास्थ्य केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पालक, मेथी, मूली, गाजर, मटर, गोभी, टमाटर, हरी मिर्च, धनिया, खीरा, प्याज, नींबू और अन्य मौसमी सब्जियों को सजाकर रखा गया था। साथ ही पौष्टिक आहार भी बनाया गया था। चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं केंद्र पर पहुंचने वालों को आहार खाने के लिए दिया गया ताकि उसकी गुणवत्ता एवं स्वाद का अहसास हो। जमालपुर की प्रभारी डॉ. आरफीन एवं बेगामबाग केंद्र पर मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निधि शर्मा एवं भगवान देवी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इससे गर्भवती महिला के साथ-साथ जन्म लेने वाला बच्चा भी स्वस्थ होगा।
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आहार के समय राष्ट्रीय ध्वज को रखे याद
सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने बताया कि भोजन के समय राष्ट्रीय ध्वज को याद रखें। केसरिया, सफेद एवं हरे रंग की सब्जी, फल एवं अन्य खाद्य पदार्थ पौष्टिक होते हैं। दूध, दही, मूली, गाजर, संतरा, पालक, लौकी आदि का सेवन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।
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शहरी क्षेत्र के 17 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) एवं देहात क्षेत्र के 34 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेला लगा। मेले में अति कुपोषित दो बच्चे सामने आए, जिन्हें जल्द से जल्द पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने की सलाह दी गई। दोनों बच्चों का वजन उम्र के हिसाब से बहुत कम है।
नगरीय स्वास्थ्य केंद्र, बेगमबाग में बेगमबाग की तीन वर्षीय प्रेरणा पुत्री दिनेश को लेकर परिजन पहुंचे। तीन साल की बच्ची का वजन 7 किलोग्राम था। वह अपने पैरों पर चल नहीं सकती। दिनेश कहते हैं कि बेटी को दौरे भी पड़ते हैं। खाना हजम नहीं होता है। बच्ची का शारीरिक विकास नहीं हो रहा है। पिछले साल बच्ची को जेएन मेडिकल कॉलेज स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में भी भर्ती कराया गया था। वहां वह 18 से 20 दिन रही थी। उस समय उसका वजन कुछ बढ़ा था। वहां से आने के बाद वजन नहीं बढ़ रहा है। चिकित्सकों ने बच्ची को फिर से पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने का परामर्श दिया है। परिजन भी बच्ची को भर्ती कराने को तैयार हैं। दूसरा अति कुपोषित बच्चा नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमालपुर में सामने आया। पांच साल का जरनूर पुत्र शाहनवाज जमालपुर का निवासी है। वर्तमान में उसका वजन 10 किलोग्राम है। यूपीएचसी की प्रभारी डॉ. आरफीन कहती हैं कि बच्चे को जेएन मेडिकल कॉलेज स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने का परामर्श दिया गया है। सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने बताया कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेला में सामने आने वाले अतिकुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाएगा।
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रंग ला रहा है अमर उजाला का कुपोषण के खिलाफ अभियान
कुपोषण के खिलाफ अमर उजाला का अभियान रंग ला रहा है। मुख्यमंत्री आरोग्य मेला के दौरान प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा गर्भवती महिलाओं व नागरिकों को पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक किया गया। स्वास्थ्य केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पालक, मेथी, मूली, गाजर, मटर, गोभी, टमाटर, हरी मिर्च, धनिया, खीरा, प्याज, नींबू और अन्य मौसमी सब्जियों को सजाकर रखा गया था। साथ ही पौष्टिक आहार भी बनाया गया था। चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं केंद्र पर पहुंचने वालों को आहार खाने के लिए दिया गया ताकि उसकी गुणवत्ता एवं स्वाद का अहसास हो। जमालपुर की प्रभारी डॉ. आरफीन एवं बेगामबाग केंद्र पर मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निधि शर्मा एवं भगवान देवी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इससे गर्भवती महिला के साथ-साथ जन्म लेने वाला बच्चा भी स्वस्थ होगा।
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आहार के समय राष्ट्रीय ध्वज को रखे याद
सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने बताया कि भोजन के समय राष्ट्रीय ध्वज को याद रखें। केसरिया, सफेद एवं हरे रंग की सब्जी, फल एवं अन्य खाद्य पदार्थ पौष्टिक होते हैं। दूध, दही, मूली, गाजर, संतरा, पालक, लौकी आदि का सेवन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।