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एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई को मिलेगा थाने का दर्जा

Fri, 21 May 2021 12:22 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 21 May 2021 12:22 AM IST
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Anti human trafficking unit will get the status of police station
जिले में लापता बच्चों की बरामदगी को एसएसपी कलानिधि नैथानी ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिला स्तर पर संचालित एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई को अब थाने का दर्जा दिया जाएगा। इस थाने द्वारा ऑपरेशन खुशी चलाकर लापता बच्चे बरामद करने का ऑपरेशन चलाया जाएगा। साथ में प्रत्येक थाने में इस ऑपरेशन के लिए एक एसआई को नोडल अफसर बनाया जाएगा। यह निर्देश एसएसपी ने बृहस्पतिवार को पुलिस की विभिन्न शाखाओं के निरीक्षण के दौरान दिए। इस दौरान देहात के लिए दो फील्ड यूनिट भी बनाने के निर्देश दिए।
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एसएसपी ने बृहस्पतिवार को क्राइम ब्रांच, डीसीआरबी, फील्ड यूनिट, सीसीटीएनएस, सर्विलांस सेल का निरीक्षण किया। उन्होंने दस्तावेज देखे और लंबित मामलों की समीक्षा कर उनके निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान सबसे महत्वपूर्ण निर्णय एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई को थाने का दर्जा देने, उसके लिए भवन, स्टाफ, संसाधन आदि तत्काल मुहैया कराकर बहुत जल्द थाना शुरू कराए जाने का लिया गया और उन्होंने इस संबंध में जरूरी निर्देश दिए। इसके अलावा देहात के लिए दो अलग से फील्ड यूनिट बनाकर तहसील के थानों में तैनात करने के निर्देश दिए। ताकि फॉरेंसिक टीम जल्दी घटनास्थल पर पहुंच सके। इस मौके पर एसपी यातायात सतीश चन्द्र, एसपी क्राइम राजेश कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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--ये भी महत्वपूर्ण निर्णय और निर्देश--
- प्रत्येक थाने में माह में 2 गैंग पंजीकृत हों, 10 गैंगेस्टर बनें, 40-40 गैंगेस्टर निरुद्ध हों।
- नारकोटिक्स और जाली करेंसी के प्रकरणों में भी हिस्ट्रीशीट खोलने और निगरानी के निर्देश।
- जिपनेट के माध्यम से खोये व बरामद वाहनों की सूची जल्द से जल्द अपलोड कराई जाए।
- प्रत्येक थाने में फोरेंसिक प्रशिक्षण नारकोटिक्स, जहर व विस्फोटकों के बारे में दिया जाए।
- थानों को शीशियां (वॉयल), बॉडी बैग, पैकिंग व सीलिंग उपकरण दिए जाएं। ताकि वे फोरेंसिक टीम के आने तक जरूरी साक्ष्य जुटा सकें।
- विधि प्रयोगशालाओं में लंबित जांच आख्या/रिजल्ट एक सप्ताह में एकत्रित कर विवेचनाओं में दिए जाएं।
- जेल में निरुद्ध टॉप-10 अपराधियों के मुलाकातियों की निगरानी हो। उनके संदिग्ध व्यक्ति व वाहनों की चेकिंग हो। इस समय 8 टॉप-10 जेल में हैं।
- सर्विलांस शाखा को लंबित मामलों में तेजी से निस्तारण के निर्देश। हालांकि 4 माह में 68 अपराध खोले, 206 गिरफ्तारी।
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