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आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सीएम को लिखा खून से खत
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Fri, 16 Sep 2016 01:33 AM IST
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आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सीएम को लिखा खून से खत
- फोटो : amar ujala
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11 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रही हड़ताल के 14वें दिन आंगनबाड़ी वर्कर्स ने गुरुवार को जमकर तांडव मचाया। आक्रोशित कार्यकत्रियों ने डीएम कार्यालय के सामने अनूपशहर रोड को तीन घंटे तक जाम रखा तो नारेबाजी कर शासन प्रशासन को जमकर कोसा।
इस दौरान उनकी पुलिस एवं प्रशासनिक अफसरों से जमकर नोंकझोंक हुई। प्रदर्शन के दौरान दो कार्यकत्री बेहोश होकर गिर पड़ी। आंगनबाड़ी वर्कर्स के दूसरे संगठन आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं सहायिका एसोसिएशन की कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम खून से पत्र लिखे तो गांधी पार्क से रैली निकाली। इस दौरान कठपुला पर घंटों जाम लगा रहा। सैकड़ों वाहन फंस गए। बाद में आंगनबाड़ियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात कर मांगपत्र सौंपा।
चेतावनी दी कि यदि मांगे नहीं मानी गई तो 12 घंटे का चक्का जाम होगा।
नियमित करने, आंगनबाड़ियों का वेतन 25 हजार तो सहायिकाओं का 20 हजार करने समेत 11 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर चल रही आंगनबाड़ी वर्कर्स ने महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनरतले दोपहर दो बजे अचानक अनूपशहर रोड जाम कर दिया। इससे पुलिस एवं प्रशासन के अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एडीएम प्रशासन, सिटी मजिस्ट्रेट व एसपी सिटी समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
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लेकिन उनके समझाने का वर्कर्स पर कोई असर नहीं हुआ। इस दौरान जाम खुलवाने को लेकर कार्यकत्रियों और पुलिस में जमकर नोकझाेंक हुई। जाम के दौरान नारेबाजी करते करते दोकार्यकत्री बेहोश होकर भी गिर पड़ी। बाद में अफसरों के आग्रह पर वर्कर्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात कर मांगों की जानकारी दी। इससे पूर्व उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से भीख मांगने की भी कोशिश की। लेकिन अफसरों के समझाने पर मान गई।
आंगनबाड़ी नेता मृदुला सिंह, पुष्पा शर्मा, सुधा सिंह एवं सूरजमुखी ने कहा कि यदि हमारी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो इसका खामियाजा प्रशासन को भुगतना पड़ेगा। इस मौके पर जिला महासचिव मीना सिंह, राजबाला सिंह चौहान, कमलेश चौहान, भोजकुमारी, धर्मवतीदेवी, अखिलेश राघव, कमलेश शर्मा, बीनादेवी, पदमा सिंह उपस्थित थे।
इधर वर्कर्स के दूसरे संगठन आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं सहायिका एसोसिएशन के बैनरतले कार्यकत्रियों ने गांधी पार्क पर संरक्षक शिशिर शर्मा की मौजूदगी में मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखे। सभी पत्रों में वर्कर्स को नियमित करने, आंगनबाड़ियों का वेतन 25 हजार तो सहायिकाओं का 20 हजार करने समेत अन्य मांगे लिखी थी।
इसके बाद रैली की शक्ल में कलेक्ट्रेट के लिए कूच किया। इस दौरान कठपुला पर जाम लग गया। इससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई। मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट व एसीएम द्वितीय ने आंगनबाड़ियों को रोककर संरक्षक शिशिर शर्मा व वरिष्ठ पदाधिकारियों से खून से लिखे तमाम पत्र एवं ज्ञापन लिये।
इस मौके पर गीता मौर्य, ममता रानी , स्वेता रानी शर्मा, विमला देवी, रजनीश चौधरी, मधुबाला पुंढीर, ममता वर्मा, रामवती, अनीता शडर्मा, सरोज गोस्वामी, शशी शर्मा, सर्वेश देवी, रश्मि शर्मा, शिलेश ,रामा देवी रीना शर्मा, कल्पना परमार, नागेश देवी, सुषमा अग्रवाल, उषा देवी, वीना देवी, आदि उपस्थित रहीं।
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इस दौरान उनकी पुलिस एवं प्रशासनिक अफसरों से जमकर नोंकझोंक हुई। प्रदर्शन के दौरान दो कार्यकत्री बेहोश होकर गिर पड़ी। आंगनबाड़ी वर्कर्स के दूसरे संगठन आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं सहायिका एसोसिएशन की कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम खून से पत्र लिखे तो गांधी पार्क से रैली निकाली। इस दौरान कठपुला पर घंटों जाम लगा रहा। सैकड़ों वाहन फंस गए। बाद में आंगनबाड़ियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात कर मांगपत्र सौंपा।
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चेतावनी दी कि यदि मांगे नहीं मानी गई तो 12 घंटे का चक्का जाम होगा।
नियमित करने, आंगनबाड़ियों का वेतन 25 हजार तो सहायिकाओं का 20 हजार करने समेत 11 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर चल रही आंगनबाड़ी वर्कर्स ने महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनरतले दोपहर दो बजे अचानक अनूपशहर रोड जाम कर दिया। इससे पुलिस एवं प्रशासन के अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एडीएम प्रशासन, सिटी मजिस्ट्रेट व एसपी सिटी समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
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लेकिन उनके समझाने का वर्कर्स पर कोई असर नहीं हुआ। इस दौरान जाम खुलवाने को लेकर कार्यकत्रियों और पुलिस में जमकर नोकझाेंक हुई। जाम के दौरान नारेबाजी करते करते दोकार्यकत्री बेहोश होकर भी गिर पड़ी। बाद में अफसरों के आग्रह पर वर्कर्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात कर मांगों की जानकारी दी। इससे पूर्व उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से भीख मांगने की भी कोशिश की। लेकिन अफसरों के समझाने पर मान गई।
आंगनबाड़ी नेता मृदुला सिंह, पुष्पा शर्मा, सुधा सिंह एवं सूरजमुखी ने कहा कि यदि हमारी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो इसका खामियाजा प्रशासन को भुगतना पड़ेगा। इस मौके पर जिला महासचिव मीना सिंह, राजबाला सिंह चौहान, कमलेश चौहान, भोजकुमारी, धर्मवतीदेवी, अखिलेश राघव, कमलेश शर्मा, बीनादेवी, पदमा सिंह उपस्थित थे।
इधर वर्कर्स के दूसरे संगठन आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं सहायिका एसोसिएशन के बैनरतले कार्यकत्रियों ने गांधी पार्क पर संरक्षक शिशिर शर्मा की मौजूदगी में मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखे। सभी पत्रों में वर्कर्स को नियमित करने, आंगनबाड़ियों का वेतन 25 हजार तो सहायिकाओं का 20 हजार करने समेत अन्य मांगे लिखी थी।
इसके बाद रैली की शक्ल में कलेक्ट्रेट के लिए कूच किया। इस दौरान कठपुला पर जाम लग गया। इससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई। मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट व एसीएम द्वितीय ने आंगनबाड़ियों को रोककर संरक्षक शिशिर शर्मा व वरिष्ठ पदाधिकारियों से खून से लिखे तमाम पत्र एवं ज्ञापन लिये।
इस मौके पर गीता मौर्य, ममता रानी , स्वेता रानी शर्मा, विमला देवी, रजनीश चौधरी, मधुबाला पुंढीर, ममता वर्मा, रामवती, अनीता शडर्मा, सरोज गोस्वामी, शशी शर्मा, सर्वेश देवी, रश्मि शर्मा, शिलेश ,रामा देवी रीना शर्मा, कल्पना परमार, नागेश देवी, सुषमा अग्रवाल, उषा देवी, वीना देवी, आदि उपस्थित रहीं।