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प्राचीन मूर्तियां पुलिस ले गई थाने

Tue, 17 May 2016 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 17 May 2016 01:41 AM IST
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Ancient sculptures took police station
मूर्तियां - फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
अमर उजाला में सोमवार के अंक में ‘खेत से निकली दुर्लभ प्राचीन मूर्तियां लेकर भागे ग्रामीण’ खबर छपने के बाद पुलिस प्रशासन से लेकर तमाम मीडियाकर्मियों का देर शाम तक किशोर का नगला (छोटी उकावली) गांव में जमावड़ा लगा रहा। सूचना होने के बावजूद भी जिला मुुख्यालय तथा तहसील मुख्यालय से किसी भी अधिकारी ने मौके पर पहुंचना उचित नहीं समझा। एसडीएम कोल रामसूरत पांडेय ने कहा कि एसओ अकराबाद ने मौके पर पहुंच कर मूर्तियों को कब्जे में लिया है। अकराबाद थाने पहुंची इन मूर्तियों को अब अलीगढ़ भेजा जाएगा। जहां प्रशासन के निर्देश पर जांच कमेटी इनकी जांच करेगी। इस बाबत पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से बात करने का भी प्रयास शुरू हो गया है।
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इधर, ग्रामीणों में इस बात का रोष था कि इतनी प्राचीन दुर्लभ प्राचीन मूर्तियों के निकलने के वावजूद भी प्रशासन ने गांव का रुख तक नहीं किया ताकि ये पता चल सकतो कि मूर्तियां किस युग की हैं..? खेत स्वामी पुष्पेंद्र सिंह उर्फ भूरा और उनके बडे़ भाई जयपाल सिंह का कहना है कि यदि पुरातत्व विभाग की टीम यहां जांच करती है और उसमें मंदिर के अवशेष मिलते हैं तो वह यहां प्रशासन की मद्द से मंदिर बनवाने को भी तैयार हैं। जिसमें उन मूर्तियों को प्राण प्रतिष्ठित कर दोबारा से पूजा अर्चना हो सके।
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जब पुलिसकर्मी खेतस्वामी के घर मूर्ति लेने पहुंचे तो 85 बर्षीय उनकी मां केलादेवी ने उनको आगे बढ़ने से रोक दिया। केला देवी का कहना था कि अब वह मूर्तियों की सुबह शाम सेवा कर रही हैं, इन्हीं में उनके प्राण बस गये हैं। पुलिसकर्मियों के सामने वो हाथ जोड़कर यही बोलती रहीं कि बाबूजी जान ले लो पर मूर्तियों को मत ले जाओ। हालांकि उनके दोनों बेटों ने मां को दिलासा देकर कमरे में बिठा दिया तथा मूर्तियां पुलिस के सुपुर्द कर दीं। इसी दौरान शाम को मौके पर पहुंचे एएसपी अमित कुमार को जब पता लगा कि लेखपाल के अलावा तहसील स्तर से भी कोई अधिकारी गांव नहीं पहुंचा तो उन्होंने वहां मौजूद एसओ अमित यादव को मूर्तियाें के साथ थाने रवाना कर दिया। साथ ही मूिर्तयों के अलावा बाकी देखरेख का जिम्मा लेखपाल को सौंपने के आदेश दे दिये। इस पर एसआई साबिर अली तथा लेखपाल रामप्रकाश शर्मा में नोंकझोंक हो गई। लेखपाल ने एसडीएम कोल से एसओ अकराबाद की बात कराई लेकिन एसओ ने भी एएसपी का आदेश बताकर उनसे ही बात करने को कहा। इधर, मीडियाकर्मियाें के सामने जब भट्टा मजदूर तथा खेत स्वामी ने फावड़ा चलाया तो एक छोटी सी मूर्ति और सामने आई जोकि धड़ के रूप में थी।
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