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एएमयू की जमीन ट्रस्ट को देना गलत
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Mon, 02 Nov 2015 02:04 AM IST
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एएमयू की जमीन को सर सैयद एजूकेशन फाउंडेशन को देने की तैयारी का विरोध शुरू हो गया है। रविवार को एएमयू के पूर्व कुलपति एवं चांसलर का चुनाव लड़ चुके महमूद उर रहमान ने इसका जोरदार विरोध किया।
मैरिस रोड स्थित होटल पामट्री में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि कुलपति ने मुजफ्फरनगर के जौला गांव में यूनिवर्सिटी की 12 बीघा जमीन अपने ही ट्रस्ट सर सैयद एजूकेशन फाउंडेशन के नाम करने का प्रस्ताव एग्जीक्यूटिव काउंसिल से पास करा लिया है और अब हबीब हॉल के सामने 9000 वर्ग मीटर जमीन मुंबई के एक निजी बिल्डर को देने जा रहे हैं। उन्होंने अफसोस व्यक्त करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी में गेस्ट हाउस की नहीं, बल्कि शैक्षिक वातावरण बनाने की दरकार है।
उन्होंने कहा कि 7 नवंबर को प्रस्तावित ईसी की बैठक में यूनिवर्सिटी की 9000 वर्ग मीटर जमीन प्राइवेट बिल्डर को देने से संबंधित प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी शिक्षा के लिए बनी है न कि पैसा कमाने के लिए। यूनिवर्सिटी की जमीन को किसी को देना यूनिवर्सिटी के साथ नाइंसाफी है। उन्होंने अमुटा सचिव मुस्तफा जैदी के निलंबन पर भी सवाल उठाए और कहा कि किसी तरह की समस्या है तो बातचीत कर उसका हल निकाला जा सकता है। शिक्षक को निलंबन करना सही नहीं है। एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष शहजाद आलम बरनी मौजूद थे।
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मैरिस रोड स्थित होटल पामट्री में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि कुलपति ने मुजफ्फरनगर के जौला गांव में यूनिवर्सिटी की 12 बीघा जमीन अपने ही ट्रस्ट सर सैयद एजूकेशन फाउंडेशन के नाम करने का प्रस्ताव एग्जीक्यूटिव काउंसिल से पास करा लिया है और अब हबीब हॉल के सामने 9000 वर्ग मीटर जमीन मुंबई के एक निजी बिल्डर को देने जा रहे हैं। उन्होंने अफसोस व्यक्त करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी में गेस्ट हाउस की नहीं, बल्कि शैक्षिक वातावरण बनाने की दरकार है।
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उन्होंने कहा कि 7 नवंबर को प्रस्तावित ईसी की बैठक में यूनिवर्सिटी की 9000 वर्ग मीटर जमीन प्राइवेट बिल्डर को देने से संबंधित प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी शिक्षा के लिए बनी है न कि पैसा कमाने के लिए। यूनिवर्सिटी की जमीन को किसी को देना यूनिवर्सिटी के साथ नाइंसाफी है। उन्होंने अमुटा सचिव मुस्तफा जैदी के निलंबन पर भी सवाल उठाए और कहा कि किसी तरह की समस्या है तो बातचीत कर उसका हल निकाला जा सकता है। शिक्षक को निलंबन करना सही नहीं है। एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष शहजाद आलम बरनी मौजूद थे।
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