कभी नहीं हारा, यह लड़ाई भी जीतूंगा: जनरल शाह
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एएमयू कुलपति ले. जनरल (सेवानिवृत्त) जमीरउद्दीन शाह ने कहा कि मैं जिंदगी में कभी नहीं हारा। सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन अल्पसंख्यक स्वरूप का मामला भी हम जीतेंगे। जनरल शाह रविवार को एएमयू पालीटेक्निक सभागार में डॉ. जाकिर हुसैन फाउंडेशन के तत्वावधान मे ‘शांति और सांप्रदयिक सौहार्द बनाए रखना : आपसी जिम्मेदारी’ं विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने लोगों से अल्पसंख्यक स्वरूप को लेकर शोर-शराबा करने से परहेज करने का आह्वान किया और कहा कि मुझ पर विश्वास करे और मुझे अपना काम करने दीजिए। इस केस को लड़ने के लिए हिंदुस्तान का सबसे अच्छा वकील चुने है। शोर शराबा से एएमयू को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि हम पहले हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट में केस हार चुके है। लेकिन उम्मीद है कि हमें कामयाबी मिलेगी। जनरल शाह ने कहा कि अमन से ही मुसलमानों की हिफाजत एवं तरक्की होगी।
मुसलमान बच्चों की बुनियाद अच्छी हो, आज इसकी जरूरत है। आज जरूरत एक-दूसरे के मजहब को समझने एवं आदर करने की है। मैंने धर्मशास्त्र के एक प्रोफेसर को अमेरिका जाकर ईसाई धर्म एवं इस्लाम में मौजूद समानता को समझने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही सर सैयद हाउस में सेंटर फॉर इंटरफेथ भी खोला जा रहा है ताकि लोग एक-दूसरे के धर्म को सही रूप में समझ सके। कुलपति ने कहा कि सेना में नौकरी के दौरान मैं अपने रेजीमेंट में अकेला मुसलमान था लेकिन एक हजार सिपाहियों को मेरे ऊपर पूरा भरोसा था।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सर सैयद पब्लिक स्कूल का नाम बदलकर सर सैयद नेशनल स्कूल कर दिया गया है। मुजफ्फरनगर में जल्द ही स्कूल शुरू होने वाला है। इसमें 50 प्रतिशत सीटें मुसलमान बच्चों के लिए आरक्षित रहेगा। शेष 50 प्रतिशत में दूसरे धर्म के बच्चे पढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि दूसरे धर्म के बच्चे पढ़ेंगे तो आपस मे दोस्ती पैदा होगी, जो जीवन भर रहेगी। बचपन में दुश्मनी का कीड़ा डाल दिया जाए तो खतरनाक ो सकता है।
उन्होंने लोगों से सर सैयद नेशनल स्कूल को दिल खोलकर सहयोग देने की अपील की। समारोह को संबोधित करते हुए इंडिया इस्लामिक कल्चर सेंटर के अध्यक्ष सिराजुद्दीन कुरैशी ने कहा कि आज मुसलमान जिस मुकाम पर है, उसके लिए हम स्वयं ही जिम्मेदार है, न कि कोई ग्रुप या राजनीतिक दल। 70 साल में हम अपनी समस्याओं का समाधान नहीं खोज पाए जबकि छोटी-छोटी कम्यूनिटी बातचीत के माध्यम से समाधान ढूढ लिए। अतिथियों का स्वागत प्रो. अनीस ए अंसारी ने की। सचिव साजिया नदीम ने फाउंडेशन की गतिविधियों से अवगत कराया।