एएमयू: अगले सेमेस्टर में प्रमोट होंगे सभी छात्र, अगस्त से शुरू होगी प्रवेश प्रक्रिया
शैक्षिक सत्र 2020-21 को पटरी पर लाने के लिए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने कवायद शुरू कर दी है। मौजूदा छात्रों और प्रवेश लेने वाले नए छात्रों के लिए क्रमश: एक अगस्त और एक सितंबर से प्रक्रिया शुरू होगी। विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश से संबंधित परीक्षाएं जुलाई और अगस्त में होंगी ताकि सभी प्रक्रियाएं 31 अगस्त तक पूरी हो जाएं।
यह निर्णय कुलपति प्रो. तारिक मंसूर की अध्यक्षता में विभिन्न संकायों के डीन और अन्य अधिकारियों की बैठक में लिया गया। इसके अलावा यह भी निर्णय लिया गया कि बीच के सेमेस्टर के सभी छात्रों को अगले सेमेस्टर में प्रमोट कर दिया जाएगा।
इन छात्रों की लैब परीक्षा सहित अन्य परीक्षाएं सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए ऑफलाइन कराई जाएंगी। साथ ही जो छात्र किसी विषय में फेल हो जाते हैं या अनुपस्थित रहते हैं तो उन्हें भी अगले वर्ष में प्रमोट किया जाएगा। हालांकि, उन्हें विषय की परीक्षा पास करनी होगी।
इस अवसर पर ऑनलाइन टीचिंग, यूनिवर्सिटी परीक्षाओं के आयोजन और शैक्षिक सत्र 2019-20 व 2020-21 के अकेडमिक कैलेंडर पर भी चर्चा की गई। बैठक में कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने इस बात पर जोर दिया कि कोविड-19 के कारण पैदा होने वाली विशेष परिस्थितियों में छात्रों के शैक्षिक भविष्य को सुरक्षित रखना आवश्यक है।
आनलाइन टीचिंग को मजबूत करने के लिए संबंधित शिक्षकों द्वारा ई-कंटेंट, ई-लैब परीक्षण तैयार करने और उन्हें वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्णय लिया। आनलाइन टीचिंग में आईसीटी और अन्य सुविधाओं का भरपूर उपयोग किया जाएगा। पाठ्यक्रम का 25 प्रतिशत भाग आनलाइन टीचिंग और 75 प्रतिशत भाग अन्य माध्यम (फेस टू फेस) से पूरा किया जाएगा। साथ ही हर छात्र को एक शिक्षक सलाहकार भी उपलब्ध कराया जाएगा।
परीक्षा नियंत्रक मुजीबुल्लाह जुबेरी ने बताया कि आनलाइन टीचिंग 31 मई तक जारी रहेगी। एक से 15 जून के बीच प्रोजेक्ट वर्क, असाइनमेंट, ई-लैब आदि को पूरा किया जाएगा। लॉकडाउन की अवधि में सभी छात्रों को उपस्थित माना जाएगा।
विभिन्न कोर्सों के टर्मिनल सेमेस्टर, अंतिम वर्ष में सम सेमेस्टर 2019-20 के छात्रों की परीक्षाएं एक जुलाई से ऑफलाइन तरीके से होंगी और इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा। कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए थ्योरी और लैब परीक्षा का मूल्यांकन इंटरनल परीक्षक द्वारा किया जाएगा।
इसके अलावा शोध छात्रों के संबंध में यह निर्णय लिया गया कि लॉकडाउन की अवधि में उन्हें उपस्थित माना जाएगा। पीएचडी (सत्र 2019-20) में प्रवेश के लिए जून व जुलाई 2020 के ऑर्डिनेंस के अनुसार प्रस्तुतीकरण तथा साक्षात्कार कराया जाएगा। अभ्यर्थियों को 10-15 दिन का नोटिस दिया जाएगा।