एएमयू छात्रसंघ चुनाव: फरहान जुबैरी समेत 12 नामांकन रद्द, मुख्य चुनाव कार्यालय पर हंगामा और नारेबाजी
नामांकन रद्द किए जाने पर अध्यक्ष पद के उम्मीदवार फरहान धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि वह किसी आपराधिक मामले में दोषी नहीं हैं। आरोप लगाया कि पहले फाइनल सूची में उनका नाम था लेकिन किसी के दबाव में आकर देर रात उनका परचा खारिज कर दिया गया।
विस्तार
एएमयू छात्रसंघ चुनाव के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी फरहान जुबैरी सहित 12 प्रत्याशियों के नामांकन रद्द किए गए हैं। नामांकन रद्द होने से प्रभावित छात्रों ने शनिवार को मुख्य चुनाव कार्यालय पर खूब हंगामा किया। दरवाजा तोड़ने के का प्रयास हुआ। चुनाव अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की गई। मुख्य चुनाव अधिकारी मुर्दाबाद के नारे लगे।
मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. जावेद तालिब ने शुक्रवार शाम प्रत्याशियों की अंतिम सूची की घोषणा की। इसमें विभिन्न कारणों से कई नामांकन निरस्त किए गए थे। देर रात अध्यक्ष पद पर नामांकन दाखिल करने वाले फरहान जुबैरी का परचा भी निरस्त कर दिया गया। इसकी जानकारी शनिवार सुबह छात्रों को हुई। इसके बाद सुबह 10 बजे से शाम तक मुख्य चुनाव कार्यालय पर हंगामे की स्थिति बनी रही। पुलिस फोर्स ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया।
नामांकन रद्द किए जाने पर अध्यक्ष पद के उम्मीदवार फरहान धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि वह किसी आपराधिक मामले में दोषी नहीं हैं। आरोप लगाया कि पहले फाइनल सूची में उनका नाम था लेकिन किसी के दबाव में आकर देर रात उनका परचा खारिज कर दिया गया।
वहीं, परचा खारिज होने से आक्रोशित जीशान भाटी ने मुख्य चुनाव अधिकारी पर पक्षपात करने का आरोप लगाया। कुछ अन्य छात्रों ने यूनानी मेडिसिन संकाय के एक प्रत्याशी का नामांकन फर्जी होने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। छात्रों का आरोप है कि उक्त प्रत्याशी का पढ़ते हुए आठ वर्ष से ज्यादा हो चुके हैं। नियमों के हिसाब से उसे भी अपात्र घोषित किया जाना चाहिए।
पद, उम्मीदवार और नामांकन खारिज करने का आधार
- अध्यक्ष : फरहान जुबैरी (आपराधिक मामले में जेल जाने के कारण)।
- कैबिनेट सदस्य : उदित वार्ष्णेय, अयान किरमानी, निसार जावेद, मोहम्मद जाहिद, आदर्श चौहान, मोहम्मद हमजाह रईस, इफहम जावेद (कम उपस्थिति और नियमावली से अधिक आयु के कारण)।
- कोर्ट सदस्य : इरफान खान, गय्यूम हुसैन, जीशान भाटी और मोहम्मद सलमान (नियमावली से अधिक आयु होने के कारण)
उम्रदराज भी चले आए नामांकन करने
नामांकन करने के लिए उम्रदराज विद्यार्थी भी चले आए। कोर्ट के तीन प्रत्याशी यूनिवर्सिटी में आठ साल से ज्यादा समय से पढ़ रहे हैं, जबकि नियमानुसार उन्हें आठ साल से कम में होना चाहिए। इसी तरह कैबिनेट के तीन प्रत्याशियों की उम्र 22 साल से ज्यादा थी, जबकि चुनाव लड़ने की अधिकतम आयु 21 साल तय है।
प्रत्याशियों को क्रमांक संख्या आवंटित
एएमयू और वीमेंस कॉलेज में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कैबिनेट और एएमयू कोर्ट सदस्यों को क्रमांक संख्या आवंटित कर दिए गए हैं। प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई। क्रमांक संख्या आवंटित होने के बाद प्रत्याशियों ने प्रचार तेज कर दिया है। बैनर, फ्लैक्स, पंपलेट्स से कैंपस सज गया है। पेड़ से लेकर यूनिवर्सिटी की दीवारों पर प्रत्याशियों ने अपने नाम छाप दिए हैं।
फाइनल स्पीच के लिए लगने लगा पंडाल
यूनिन हॉल परिसर में प्रत्याशियों के फाइनल स्पीच के लिए पंडाल लगने लगा। सोमवार तक पंडाल लगने का काम पूरा हो जाएगा। फाइनल स्पीच तीन नवंबर को होगा। वहीं, वीमेंस कॉलेज में भी तीन नवंबर को फाइनल स्पीच होगा।
छह साल में 14 केस...अध्यक्ष पद की दावेदारी खत्म
अध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर हुए छात्र नेता फरहान जुबैरी का नामांकन निरस्त होने के बाद उनके पुराने आपराधिक मामलों का रिकॉर्ड चर्चा में है। वर्ष 2017 से सितंबर 2023 तक उनके खिलाफ अलग-अलग मामलों में 14 केस दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 12 केस सिविल लाइंस थाने में दर्ज बताए गए हैं।
सीएए विरोध प्रदर्शन के दाैरान हिंसा का मामला
बदायूं के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के निवासी फरहान एएमयू से एमएसडब्ल्यू में शोध कार्य कर रहे हैं। विश्वविद्यालय परिसर में विरोध-प्रदर्शनों और विवादों से जुड़े मामलों में उनका नाम पहले भी सामने आता रहा है। उनके खिलाफ दर्ज केस में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में दिसंबर 2019 में हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा से जुड़ा मामला भी शामिल है।
फ्रांस की घटना से लेकर हॉस्टल में मारपीट तक के मामले
नवंबर 2020 में फ्रांस में हुई घटना और ईसाइयों के खिलाफ कथित आपत्तिजनक व भड़काऊ बयान देने के मामले में भी फरहान के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। सितंबर 2023 में एएमयू के सुलेमान हॉल में एक दूसरे समुदाय के युवक के साथ मारपीट के प्रकरण में उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी। इस मामले में मारपीट समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई थी।