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एएमयू छात्रों ने स्मृति ईरानी का पुतला फूंका
अमर उजाला ब्यूरो/ अलीगढ़।
Updated Sun, 07 Feb 2016 02:07 AM IST
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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ शनिवार को एएमयू छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष शहजाद आलम बरनी के नेतृत्व में छात्रों ने स्मृति ईरानी का यूनिवर्सिटी सर्किल पर पुतला फूंका।
प्रदर्शनकारी हैदराबाद विश्वविद्यालय में दलित छात्र वेमुला की सुनियोजित हत्या का विरोध कर रहे थे। छात्रों की मांग की थी कि दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कठघरे में खड़ा किया जाए। इसके साथ ही राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी प्रेषित किया।
शहजाद आलम बरनी ने कहा कि केंद्र सरकार छात्र विरोधी, दलित विरोधी और अल्पसंख्यक विरोधी सरकार है जो आरएसएस जैसे संगठनों के हाथों में खेल रही है। रोहित प्रकरण में मानव संसाधन विकास मंत्री का रवैया गैर जिम्मेदाराना रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी शिक्षा के स्तर पर भी सवाल उठते रहे हैं।
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वह उच्च शैक्षिक स्तर वाले शोध छात्रों की समस्याओं को समझने में नाकाम साबित हुई हैं। उन्हें तुरंत ही इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर छात्रों की मांगों के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई गई तो भविष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंकने से भी गुरेज नहीं किया जाएगा।
अंग्रेजी विभाग के शोध छात्र शाजली ने कहा कि हम एक स्वतंत्र भारत में रह रहे हैं और जब तक रोहित को इंसाफ नहीं मिल जाता हम आंदोलन करते रहेंगे।
इस अवसर पर छात्र नेता हैदर अली, मोहम्मद आजम, मो. अरीब, मो. आमिर, सलमान किदवई, आतिफ खान, राकिब खान, मोहम्मद आतिफ , मुजाहिद रज़ा, बबलू, मोहम्मद माज, आसिफ तुर्क, मोहम्मद अशरफ, तबरेज आलम, मोहम्मद मुज़म्मिल, मोहम्मद इमरान खान, गुड्डू, मो. फुरकान, फैजान खान आदि मौजूद थे।
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प्रदर्शनकारी हैदराबाद विश्वविद्यालय में दलित छात्र वेमुला की सुनियोजित हत्या का विरोध कर रहे थे। छात्रों की मांग की थी कि दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कठघरे में खड़ा किया जाए। इसके साथ ही राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी प्रेषित किया।
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शहजाद आलम बरनी ने कहा कि केंद्र सरकार छात्र विरोधी, दलित विरोधी और अल्पसंख्यक विरोधी सरकार है जो आरएसएस जैसे संगठनों के हाथों में खेल रही है। रोहित प्रकरण में मानव संसाधन विकास मंत्री का रवैया गैर जिम्मेदाराना रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी शिक्षा के स्तर पर भी सवाल उठते रहे हैं।
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वह उच्च शैक्षिक स्तर वाले शोध छात्रों की समस्याओं को समझने में नाकाम साबित हुई हैं। उन्हें तुरंत ही इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर छात्रों की मांगों के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई गई तो भविष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंकने से भी गुरेज नहीं किया जाएगा।
अंग्रेजी विभाग के शोध छात्र शाजली ने कहा कि हम एक स्वतंत्र भारत में रह रहे हैं और जब तक रोहित को इंसाफ नहीं मिल जाता हम आंदोलन करते रहेंगे।
इस अवसर पर छात्र नेता हैदर अली, मोहम्मद आजम, मो. अरीब, मो. आमिर, सलमान किदवई, आतिफ खान, राकिब खान, मोहम्मद आतिफ , मुजाहिद रज़ा, बबलू, मोहम्मद माज, आसिफ तुर्क, मोहम्मद अशरफ, तबरेज आलम, मोहम्मद मुज़म्मिल, मोहम्मद इमरान खान, गुड्डू, मो. फुरकान, फैजान खान आदि मौजूद थे।