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एएमयूः छात्र-छात्राओं ने किया कक्षाओं का बहिष्कार, काला दिवस मनाया
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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध को लेकर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 15 दिसंबर 2019 को हुए बवाल को एक महीना पूरा होने पर 15 जनवरी को एएमयू छात्रों ने कक्षाओं के बहिष्कार के साथ काला दिवस के रूप में मनाया। छात्रों ने काली शर्ट, काली शेरवानी पहनी तो छात्राओं ने भी काले हिजाब और अयाबा पहन कर विरोध जताया। इसी के साथ काला मार्च भी चुंगी से लेेकर बाब-ए-सैयद तक निकाला। यहां पर छात्रों ने एक खुली परिचर्चा भी रखी गई। इस दौरान योगी, मोदी, भाजपा, अमित शाह, रक्षा मंत्री मुर्दाबाद के नारे लगे। इनसे आजादी पाने के नारे लगे। कुलपति और रजिस्ट्रार मुर्दाबाद सहित इनके इस्तीफे की मांग की गई। इसके अलावा दो मार्च और भी निकले। प्लस टू (कक्षा 11 और 12) के छात्रों ने भी विरोध मार्च निकाला और शाम को एएमयू टीचर्स एसोसिएशन ने कैंडल मार्च निकाल कर विरोध जताया।
काले परिधानों के साथ दोपहर बाद तीन बजे चुंगी गेट से ब्लैक मार्च शुरू हुआ। मार्च भौतिकविभाग, इंजीनियरिंग कॉलेज, दीनियात विभाग, आर्ट्स फैकल्टी, जन संचार विभाग होता हुआ बाब-ए-सैयद पर पहुंचा। यहां पर किशोर शायर सूफियान प्रतापगढ़ी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सभा में जोश भरा। उन्होंने कहा कि ‘झूठ बुनियाद हो जिस सरकार की, हम को इसकी अदालत नहीं चाहिए। ये जमीं कह रही आसमां कह रहा, रोके अपना हिंदुस्तान कह रहा, हिंदु मुस्लिम में जो मुल्क को बांट दे, हमको ऐसी हुकूमत नहीं चाहिए। उनकी यह पंक्तियां बहुत सराही गईं।
(मुस्लिम स्टूडेंट फेडरेशन) एमएसएफ के राष्ट्रीय सचिव शमीर एदियातियाल ने कहा किहमें मालूम है कि पिछले पांच साल में सरकार ने जगह-जगह जहर बोने का काम किया है। हिंदुस्तान के कोने -कोने में आग फैल रही है। संविधान का खून किया गया है। देश का ताना बाना बिगाड़ दिया गया है। आखिरी दम तक संघर्ष किया जाएगा।
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एमएसएफ के राष्ट्रीय सचिव अतीब खान ने कहा कि सीएए और एनआरसी सामान्य प्रक्रियानहीं है। यह जो लिस्टिंग कर रहे हैं यह हर उस आदमी को बाहर करेंगे जो इनका विरोध करेगा। चाहे वह किसी भी धर्म और जाति का हो। नागरिकता कई कागज पर निर्धारित नहीं कर सकता। कोई बाबू आफिस में बैठकर तय नहीं कर सकता।
जब तक सीएए, एनआरसी को रद नहीं करवा लिया जाएगा, तब तक संषर्घ जारी रहेगा। सभा को एमएसएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष टीपी अशरफ अली, एमएसएफ जामिया मिलिया इस्लामिया के अध्यक्ष तारिक अबरार और क्विल फाउंडेशन के फवाज शाहीन ने भी संबोधित किया। यहां पर छात्राओं ने कहा कि सीएए, एनआरसी के साथ ही 15 दिसंबर को हुई बर्बर घटना के विरोध में यह मार्च निकाला गया है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है। देश की मौजूदा सरकार भी यही काम कर रही है। जो लोग सीएए, एनआरसी, एनपीआर के नाम पर देश के मुसलमानों को डरा रहे हैं वह हार जाएंगे, लेकिन अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाएंगे।
अमुटा ने कैंडल मार्च निकाला
एएमयू टीचर्स एसोसिएशन (अमुटा) के बैनर तले भी बुधवार की शाम को कैंडल मार्च निकाला गया। सभी शिक्षक स्टाफ क्लब पर इकट्ठा हुए और पहले चुंगी गेट पहुंचे। यहां से सभी लोग कैंडल लेकर बाब-ए-सैयद तक आए और सीसीए का विरोध किया। अमुटा के सचिव प्रो. नजमुल इस्लाम के मुताबिक सीएए का शांतिपूर्वक विरोध जारी रहेगा।
वीमेंस कॉलेज के बाहर फोर्स तैनात किया
बुधवार को सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान ही विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचना मिली कि वीमेंस कॉलेज से छात्राएं कैंपस की ओर बढ़ सकती हैं। इसको गंभीरता से लेते हुए अमिर निशा पर महिला पुलिस कर्मियों का दस्ता भेज दिया गया। साथ ही लाल डिग्गी पर भी बैरीकेडिंग कर दी गई। यहां पर बैरीकेड लगाते हुए वीमेंस कालेज की ओर आने वाले रास्ते रोक दिए गए।
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काले परिधानों के साथ दोपहर बाद तीन बजे चुंगी गेट से ब्लैक मार्च शुरू हुआ। मार्च भौतिकविभाग, इंजीनियरिंग कॉलेज, दीनियात विभाग, आर्ट्स फैकल्टी, जन संचार विभाग होता हुआ बाब-ए-सैयद पर पहुंचा। यहां पर किशोर शायर सूफियान प्रतापगढ़ी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सभा में जोश भरा। उन्होंने कहा कि ‘झूठ बुनियाद हो जिस सरकार की, हम को इसकी अदालत नहीं चाहिए। ये जमीं कह रही आसमां कह रहा, रोके अपना हिंदुस्तान कह रहा, हिंदु मुस्लिम में जो मुल्क को बांट दे, हमको ऐसी हुकूमत नहीं चाहिए। उनकी यह पंक्तियां बहुत सराही गईं।
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(मुस्लिम स्टूडेंट फेडरेशन) एमएसएफ के राष्ट्रीय सचिव शमीर एदियातियाल ने कहा किहमें मालूम है कि पिछले पांच साल में सरकार ने जगह-जगह जहर बोने का काम किया है। हिंदुस्तान के कोने -कोने में आग फैल रही है। संविधान का खून किया गया है। देश का ताना बाना बिगाड़ दिया गया है। आखिरी दम तक संघर्ष किया जाएगा।
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एमएसएफ के राष्ट्रीय सचिव अतीब खान ने कहा कि सीएए और एनआरसी सामान्य प्रक्रियानहीं है। यह जो लिस्टिंग कर रहे हैं यह हर उस आदमी को बाहर करेंगे जो इनका विरोध करेगा। चाहे वह किसी भी धर्म और जाति का हो। नागरिकता कई कागज पर निर्धारित नहीं कर सकता। कोई बाबू आफिस में बैठकर तय नहीं कर सकता।
जब तक सीएए, एनआरसी को रद नहीं करवा लिया जाएगा, तब तक संषर्घ जारी रहेगा। सभा को एमएसएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष टीपी अशरफ अली, एमएसएफ जामिया मिलिया इस्लामिया के अध्यक्ष तारिक अबरार और क्विल फाउंडेशन के फवाज शाहीन ने भी संबोधित किया। यहां पर छात्राओं ने कहा कि सीएए, एनआरसी के साथ ही 15 दिसंबर को हुई बर्बर घटना के विरोध में यह मार्च निकाला गया है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है। देश की मौजूदा सरकार भी यही काम कर रही है। जो लोग सीएए, एनआरसी, एनपीआर के नाम पर देश के मुसलमानों को डरा रहे हैं वह हार जाएंगे, लेकिन अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाएंगे।
अमुटा ने कैंडल मार्च निकाला
एएमयू टीचर्स एसोसिएशन (अमुटा) के बैनर तले भी बुधवार की शाम को कैंडल मार्च निकाला गया। सभी शिक्षक स्टाफ क्लब पर इकट्ठा हुए और पहले चुंगी गेट पहुंचे। यहां से सभी लोग कैंडल लेकर बाब-ए-सैयद तक आए और सीसीए का विरोध किया। अमुटा के सचिव प्रो. नजमुल इस्लाम के मुताबिक सीएए का शांतिपूर्वक विरोध जारी रहेगा।
वीमेंस कॉलेज के बाहर फोर्स तैनात किया
बुधवार को सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान ही विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचना मिली कि वीमेंस कॉलेज से छात्राएं कैंपस की ओर बढ़ सकती हैं। इसको गंभीरता से लेते हुए अमिर निशा पर महिला पुलिस कर्मियों का दस्ता भेज दिया गया। साथ ही लाल डिग्गी पर भी बैरीकेडिंग कर दी गई। यहां पर बैरीकेड लगाते हुए वीमेंस कालेज की ओर आने वाले रास्ते रोक दिए गए।

नागरिकता कानून संशोधन बिल के विरोध में अमुवि से कैण्डल मार्च निकालते छात्र-छात्राएं।- फोटो : CITY OFFICE