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एएमयू छात्रों से मारपीट, हंगामा, दरोगा और सिपाही निलंबित
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रेलवे स्टेशन पर साथी छात्रों को फरक्का एक्सप्रेस ट्रेन में बैठाने पहुंचे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पांच में से तीन छात्रों की आरपीएफ दरोगा और सिपाही नेपिटाई कर दी। घटना के विरोध में बृहस्पतिवार तड़के एएमयू छात्रों ने रेलवे स्टेशन एवं अमुवि परिसर में कई घंटे तक जमकर हंगामा काटा और नारेबाजी की। कुछ छात्र बॉब-ए-सैय्यद गेट पर धरने पर बैठ गए। हंगामे की जानकारी पर प्रॉक्टोरियल टीम भी आ पहुंची। छात्र काफी ेगुस्से में दिखे। फिलहाल, त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दरोगा और सिपाही को निलंबित कर दिया गया है।
पश्चिम बंगाल के रहने वाले पांच छात्र एएमयू में पीएचडी की परीक्षा देने के बाद पांच अन्य साथियों के साथ फरक्का एक्सप्रेस से वापस घर जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर पहुंचे थे। ट्रेन रात 12. 25 बजे प्लेटफार्म पर पहुंची। भीड़ होने के कारण छात्रों को ट्रेन में चढ़ने में परेशानी हुई। किसी तरह छात्र ट्रेन में सवार हुए। आरोप है कि ट्रेन के जाने के बाद पांचों एएमयू छात्रों को ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के दरोगा प्रेमपाल और सिपाही कुलदीप ने रोक लिया और उनसे ट्रेन या प्लेटफार्म का टिकट मांगा। छात्रों ने खुद का परिचय देते हुए बताया कि वे एएमयू के छात्र हैं और अपने साथियों को ट्रेन में बैठाने आए थे।
आरोप है कि इसी बात पर आरपीएफ कर्मियों ने उनके साथ अभद्रता की और एसएस नॉर्थ में रहने वाले बीएड के छात्र सादिकुल इस्लाम, आफताब हॉल के एमए के छात्र शाहिद उल इस्लाम और एमएम हॉल के बीए के छात्र अब्दुल्ला को खींचकर थाने ले गए। जहां सादिकुल इस्लाम की डंडे से पिटाई की गई। उसके निशान छात्र की पीठ पर साफ नजर आ रहे थे। इसी बीच दो छात्र किसी तरह से स्टेशन से भागकर अमुवि परिसर में आ गए। उन्होंने यह जानकारी अन्य छात्र तथा विवि प्रशासन को दी। जिसके बाद काफी संख्या में छात्र स्टेशन पर आ गए । जिन्होंने नारेबाजी की और दोषी आरपीएफ कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा भी किया।
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उस समय प्रॉक्टर वसीम अली के नेतृत्व में प्रॉक्टोरियल टीम भी स्टेशन पर पहुंच गई। हंगामे की जानकारी मिलने पर आरपीएफ के एएससी धीरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर राजीव वर्मा, स्टेशन अधीक्षक डीके गौतम, जीआरपी इंस्पेक्टर सुबोध यादव भी आ गए। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिया। उधर, एएमयू कैंपस में भी बड़ी संख्या में छात्र बॉब - ए - सैय्यद गेट पर आ गए । वह ं गेट बंद करके धरने पर बैठ गए। अफसरों ने घटनाक्रम की हकीकत जानने के लिए स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। जिसमें आरपीएफ कर्मियों को छात्रों को धकियाते हुए पाया गया। आरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट धीरेंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले में आरोपी आरपीएफ दरोगा प्रेमपाल और सिपाही कुलदीप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उसी के बाद छात्रों का आक्रोश शांत हो सका।
एएमयू छात्रों के साथ मारपीट के प्रकरण में प्रथमदृष्ट्या दोषी पाए गए आरपीएफ के एएसआई और सिपाही को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
- डॉ. शिवम शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल
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पश्चिम बंगाल के रहने वाले पांच छात्र एएमयू में पीएचडी की परीक्षा देने के बाद पांच अन्य साथियों के साथ फरक्का एक्सप्रेस से वापस घर जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर पहुंचे थे। ट्रेन रात 12. 25 बजे प्लेटफार्म पर पहुंची। भीड़ होने के कारण छात्रों को ट्रेन में चढ़ने में परेशानी हुई। किसी तरह छात्र ट्रेन में सवार हुए। आरोप है कि ट्रेन के जाने के बाद पांचों एएमयू छात्रों को ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के दरोगा प्रेमपाल और सिपाही कुलदीप ने रोक लिया और उनसे ट्रेन या प्लेटफार्म का टिकट मांगा। छात्रों ने खुद का परिचय देते हुए बताया कि वे एएमयू के छात्र हैं और अपने साथियों को ट्रेन में बैठाने आए थे।
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आरोप है कि इसी बात पर आरपीएफ कर्मियों ने उनके साथ अभद्रता की और एसएस नॉर्थ में रहने वाले बीएड के छात्र सादिकुल इस्लाम, आफताब हॉल के एमए के छात्र शाहिद उल इस्लाम और एमएम हॉल के बीए के छात्र अब्दुल्ला को खींचकर थाने ले गए। जहां सादिकुल इस्लाम की डंडे से पिटाई की गई। उसके निशान छात्र की पीठ पर साफ नजर आ रहे थे। इसी बीच दो छात्र किसी तरह से स्टेशन से भागकर अमुवि परिसर में आ गए। उन्होंने यह जानकारी अन्य छात्र तथा विवि प्रशासन को दी। जिसके बाद काफी संख्या में छात्र स्टेशन पर आ गए । जिन्होंने नारेबाजी की और दोषी आरपीएफ कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा भी किया।
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उस समय प्रॉक्टर वसीम अली के नेतृत्व में प्रॉक्टोरियल टीम भी स्टेशन पर पहुंच गई। हंगामे की जानकारी मिलने पर आरपीएफ के एएससी धीरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर राजीव वर्मा, स्टेशन अधीक्षक डीके गौतम, जीआरपी इंस्पेक्टर सुबोध यादव भी आ गए। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिया। उधर, एएमयू कैंपस में भी बड़ी संख्या में छात्र बॉब - ए - सैय्यद गेट पर आ गए । वह ं गेट बंद करके धरने पर बैठ गए। अफसरों ने घटनाक्रम की हकीकत जानने के लिए स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। जिसमें आरपीएफ कर्मियों को छात्रों को धकियाते हुए पाया गया। आरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट धीरेंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले में आरोपी आरपीएफ दरोगा प्रेमपाल और सिपाही कुलदीप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उसी के बाद छात्रों का आक्रोश शांत हो सका।
एएमयू छात्रों के साथ मारपीट के प्रकरण में प्रथमदृष्ट्या दोषी पाए गए आरपीएफ के एएसआई और सिपाही को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
- डॉ. शिवम शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल

आरपीएफ के जवानों द्वारा पीटे जाने पर चोट दिखाते सादिकउल इस्लाम ।- फोटो : CITY OFFICE