{"_id":"bac50b1239d93c8685765962f3907135","slug":"amu-reservation-policy-to-be-implemented-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एएमयू में आरक्षण नीति लागू हो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एएमयू में आरक्षण नीति लागू हो
Updated Mon, 01 Feb 2016 12:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रतन प्रेम डीएवी कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का तीन दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन रविवार को संपन्न हो गया। अंतिम दिन एएमयू में आरक्षण नीति लागू करने को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया गया। इस मौके पर एबीवीपी के प्रदेश कार्यकारिणी की भी घोषणा की र्गई।
एएमयू में राष्ट्रीय आरक्षण नीति लागू करने को लेकर पास किए गए प्रस्ताव के बारे में एबीवीपी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह ने जानकारी दी। उन्हाेंने बताया कि एएमयू भारत सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय विश्वविद्यालय है। फिर भी वहां दलित, आदिवासी व पिछडे़ वर्ग के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय आरक्षण नीति के अनुसार प्रवेश तथा नौकरियों में लाभ नहीं मिल रहा है। केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में लागू आरक्षण अधिनियम के अनुसार एएमयू में भी आरक्षण दिया जाना चाहिए।
एएमयू अनुच्छेद 30 (1) की परिधि में आने वाला संस्थान नहीं है। इसलिए एएमयू के सभी पाठ्यक्रमों में संविधान के तहत एससी-एसटी व ओबीसी के छात्रों को आरक्षण इसी वर्ष से लागू किया जाए। बैकलॉग पूर्ण होने तक सभी प्रकार की नियुक्तियों पर भी रोक लगाई जाए। प्रस्ताव में कहा गया कि कोई भी अल्पसंख्यक संस्थान यूनियन लिस्ट-1 में शामिल नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
अधिवेशन के आखिरी दिन के भाषण सत्र में राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर ने कहा कि एबीवीपी का लक्ष्य भारत को विश्वगुरु बनाना है। विद्यार्थियों में देशभक्ति का भाव भरने को कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। छात्रशक्ति को राष्ट्रशक्ति बनाना एबीवीपी की नीति है। पर्यावरण और स्वदेशी पर भी अलख जगाना होगा।
इस मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा भी की र्गई। इसमें प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. पुष्पेंद्र पचौरी, डॉ. टीपी सिंह, डॉ. भूपेंद्र सिंह, डॉ. रामबाबू सिंह को सौंपी गई। प्रदेश सहमंत्री सौरभ सोमवंशी व सचिन शर्मा बनाए गए।
इस मौके पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह, क्षेत्रीय संपर्क प्रमुख सुनील वार्ष्णेय, क्षेत्रीय सहसंगठन मंत्री रमेश गढिया, प्रांत प्रमुख राकेश चतुर्वेदी, प्रांत संगठन मंत्री दीपक रिषि, प्रांत सहसंगठन मंत्री महेश राठौर, प्रदेश अध्यक्ष प्रभास्कर राय, प्रदेश मंत्री योगेंद्र वर्मा, पूर्व प्रदेश मंत्री संजीव राजा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र पचौरी, जिला संयोजक निखिल माहेश्वरी, पूर्व महानगर मंत्री राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ , संदीप चाणक्य, महानगर अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र वार्ष्णेय, महानगर उपाध्यक्ष कुश कटारा, पुनीत शर्मा, जिला सहसंयोजक धीरज चौधरी, नानक राजपूत, पूर्व प्रदेश सहमंत्री पुष्पेंद्र जादौन, सीटू चौधरी, सुमित भारद्वाज आदि पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।
विज्ञापन
एएमयू में राष्ट्रीय आरक्षण नीति लागू करने को लेकर पास किए गए प्रस्ताव के बारे में एबीवीपी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह ने जानकारी दी। उन्हाेंने बताया कि एएमयू भारत सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय विश्वविद्यालय है। फिर भी वहां दलित, आदिवासी व पिछडे़ वर्ग के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय आरक्षण नीति के अनुसार प्रवेश तथा नौकरियों में लाभ नहीं मिल रहा है। केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में लागू आरक्षण अधिनियम के अनुसार एएमयू में भी आरक्षण दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
एएमयू अनुच्छेद 30 (1) की परिधि में आने वाला संस्थान नहीं है। इसलिए एएमयू के सभी पाठ्यक्रमों में संविधान के तहत एससी-एसटी व ओबीसी के छात्रों को आरक्षण इसी वर्ष से लागू किया जाए। बैकलॉग पूर्ण होने तक सभी प्रकार की नियुक्तियों पर भी रोक लगाई जाए। प्रस्ताव में कहा गया कि कोई भी अल्पसंख्यक संस्थान यूनियन लिस्ट-1 में शामिल नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
अधिवेशन के आखिरी दिन के भाषण सत्र में राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर ने कहा कि एबीवीपी का लक्ष्य भारत को विश्वगुरु बनाना है। विद्यार्थियों में देशभक्ति का भाव भरने को कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। छात्रशक्ति को राष्ट्रशक्ति बनाना एबीवीपी की नीति है। पर्यावरण और स्वदेशी पर भी अलख जगाना होगा।
इस मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा भी की र्गई। इसमें प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. पुष्पेंद्र पचौरी, डॉ. टीपी सिंह, डॉ. भूपेंद्र सिंह, डॉ. रामबाबू सिंह को सौंपी गई। प्रदेश सहमंत्री सौरभ सोमवंशी व सचिन शर्मा बनाए गए।
इस मौके पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह, क्षेत्रीय संपर्क प्रमुख सुनील वार्ष्णेय, क्षेत्रीय सहसंगठन मंत्री रमेश गढिया, प्रांत प्रमुख राकेश चतुर्वेदी, प्रांत संगठन मंत्री दीपक रिषि, प्रांत सहसंगठन मंत्री महेश राठौर, प्रदेश अध्यक्ष प्रभास्कर राय, प्रदेश मंत्री योगेंद्र वर्मा, पूर्व प्रदेश मंत्री संजीव राजा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र पचौरी, जिला संयोजक निखिल माहेश्वरी, पूर्व महानगर मंत्री राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ , संदीप चाणक्य, महानगर अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र वार्ष्णेय, महानगर उपाध्यक्ष कुश कटारा, पुनीत शर्मा, जिला सहसंयोजक धीरज चौधरी, नानक राजपूत, पूर्व प्रदेश सहमंत्री पुष्पेंद्र जादौन, सीटू चौधरी, सुमित भारद्वाज आदि पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।