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Weather balloon: एएमयू ने छोड़ा 15वां मौसम गुब्बारा, 32 किमी की ऊंचाई पर जाकर फूटा, हरदोई में गिरा
Fri, 28 Feb 2025 11:15 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 28 Feb 2025 11:15 AM IST
सार
मौसम गुब्बारे में करीब छह मीटर की रस्सी बंधी होती है। उसके अंतिम छोर पर रोडियोसोंड उपकरण बंधा होता है, जिसकी दाहिनी ओर लगे जीपीएस से लोकेशन की जानकारी मिलती। बायीं ओर सेंसर लगा होता है, जो तापमान, आर्द्रता, दबाव, हवाओं की दिशा-गति की जानकारी एकत्र कर ट्रांसमीटर को देता।
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एएमयू में 15वां मौसम गुब्बारा छोड़ते हुए प्रो अतीक अहमद, डॉ अहमद मुज्तबा सिद्दीकी
- फोटो : संवाद
विस्तार
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) ने 27 फरवरी को 15वां मौसम गुब्बारा छाेड़ा। तेज हवा के कारण गुब्बारे की दिशा बदल गई। यह हरदोई के कस्बा शाहबाद में 32 किलोमीटर की ऊंचाई पर जाकर फूट गया। इससे पहले अब तक जितने भी गुब्बारे छोड़े गए, ज्यादातर पश्चिमी जिलों के साथ हरियाणा क्षेत्र में गिरे हैं।
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यूनिवर्सिटी के भूगोल विभाग की छत से दोपहर तीन बजे परियोजना निदेशक प्रो. अतीक अहमद, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अहमद मुज्तबा सिद्दीकी ने गुब्बारा छोड़ा। हवा का प्रवाह तेज था, इसलिए गुब्बारा दिशा बदलता रहा। प्रो. अतीक अहमद ने बताया कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से अनुमति मांगी गई थी। गुब्बारा और इसमें लगा उपकरण रेडियोसोंड शाहाबाद में गिरा। विभाग ने पहला मौसम गुब्बारा 11 जुलाई 2024 छोड़ा था।
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ऐसे मिलता है डेटा
मौसम गुब्बारे में करीब छह मीटर की रस्सी बंधी होती है। उसके अंतिम छोर पर रोडियोसोंड उपकरण बंधा होता है, जिसकी दाहिनी ओर लगे जीपीएस से लोकेशन की जानकारी मिलती। बायीं ओर सेंसर लगा होता है, जो तापमान, आर्द्रता, दबाव, हवाओं की दिशा-गति की जानकारी एकत्र कर ट्रांसमीटर को देता।
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यह ट्रांसमीटर भूगोल विभाग की छत पर लगे रिसीवर को डेटा भेजता है, जो स्क्रीन पर लगातार प्रदर्शित होता रहता है। साल में 24 गुब्बारे छोड़े जाएंगे। इन आंकड़ों से किस महीने में मौसम का तापमान, आर्द्रता, दबाव कैसा रहा और मौसम का पूर्वानुमान का पता लगाया जाएगा।