अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के एक असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ क्वार्सी थाने में दहेज उत्पीड़न और पत्नी को सरेराह तीन तलाक देने का मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोप है कि शादी से पहले उसे एमटेक कराने की बात तय हुई, मगर पढ़ाना तो दूर, पत्नी को दहेज के लिए तंग किया जाने लगा, जब उसने एतराज जताया तो बात तीन तलाक तक पहुंच गई। पुलिस ने प्रोफेसर पति व अन्य ससुरालियों पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
इकरा कॉलोनी पूल हाउस निवासी फरहीन इजहार की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे के अनुसार, उसका निकाह 9 नवंबर 2021 को एएमयू के कंप्यूटर इंजीनियरिंग संकाय में असिस्टेंट प्रोफेसर असद मोहम्मद के साथ हुआ। शादी से पहले उसे एमटेक कराना तय हुआ था, मगर शादी के बाद ससुराल पक्ष मुकर गया और उससे दहेज में दस लाख रुपये, जमीन या फ्लैट मांगने लगे। इस दौरान तरह - तरह के आरोप लगाकर तंग किया जाने लगा और 14 फरवरी को मायके छोड़ गए। मजबूरी में महिला ने अदालत की शरण लेते हुए घरेलू हिंसा और खर्चा वाद दायर कर दिया, जिसका नोटिस ससुराल में पहुंचा। इससे ससुराली और बिफर गए। आरोप है कि छह मई की सुबह वह निजामी पुलिया के पास से अपनी बहन - बहनोई संग जा रही थी। तभी पति उसे सरे राह तीन तलाक बोलकर चला गया। इस मामले में पति के अलावा जेठ आलम, ननदोई अनस, सास - ससुर पर मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें फोन पर धमकी देने का भी आरोप है। इंस्पेक्टर क्वार्सी ने बताया कि दहेज उत्पीड़न व मुस्लिम विवाह अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।