फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   AMU Minority issue

अल्पसंख्यक स्वरूप पर केंद्र के रुख से एएमयू में भूचाल

Wed, 13 Jan 2016 01:42 AM IST
अलीगढ़
अलीगढ़ Updated Wed, 13 Jan 2016 01:42 AM IST
विज्ञापन
AMU Minority issue

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अल्पसंख्यक स्वरूप के मामले में केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में जाहिर किए गए रुख से एएमयू में भारी नाराजगी है। नाराज शिक्षक एवं छात्र नेताओं ने जरूरत पड़ने पर कड़ा रुख अपनाने की भी चेतावनी दी है। कई केंद्र सरकार के रवैये को राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर अल्पसंख्यक विरोधी होने का आरोप लगाया है।

विज्ञापन

मालूम हो कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप के मामले को लेकर सुनवाई शुरू हुई। इसमें केंद्र सरकार ने एएमयू का अल्पसंख्यक दर्जा समाप्त करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली यूपीए सरकार की याचिका को वापस लेने का आग्रह किया है। 

विज्ञापन

सरकार का कहना है कि धर्मनिरपेक्ष सरकार किसी धर्म विशेष के संस्थान को पोषण नहीं कर सकती। अगली सुनवाई 4 अप्रैल को है। मंगलवार को कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने आनन-फानन में यूनिवर्सिटी कोर्ट, एग्जीक्यूटिव काउंसिल, एकेडमिक काउंसिल और विश्वविद्यालय के अन्य संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की।  

विज्ञापन
विज्ञापन

बैठक में श्री शाह एवं सह कुलपति सैयद अहमद अली ने कहा कि उन्हें देश की न्याय व्यवस्था पर आस्था है। उन्होंने इस केस की पुख्ता तैयारी कर रखी है और 4 अप्रैल को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से एएमयू का पक्ष रखा जाएगा। बैठक में मौजूद शिक्षक एवं कर्मचारी नेताओं ने एक स्वर में कुलपति को भरोसा दिलाया कि वे इस मसले पर एक हैं। 


इस बारे में नाराजगी जताते हुए इंडियन हिस्ट्री कांग्रेस के सचिव एवं एएमयू के प्रोफेसर इशरत आलम ने कहा कि भाजपा सरकार से कोई उम्मीद नहीं करनी चाहिए। इस पार्टी का हमेशा एएमयू के प्रति विरोधी रुख रहा है। नई सरकार अपनी पुरानी नीति पर चल रही है। एएमयू के छात्र नेता लियाकत अली का कहना है कि यदि एएमयू को अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान का दर्जा नहीं दिया जा सकता तो फिर जामिया मिल्लिया एवं सेंट स्टीफेंस कॉलेज को कैसे यह दर्जा मिला हुआ है। एएमयू में पांचों वक्ता की अजान होती है। 


यूनिवर्सिटी खुलने पर हो सकते हैं विरोध प्रदर्शन ः विश्वविद्यालय प्रशासन को लगता है कि यूनिवर्सिटी खुलने के बाद केंद्र के खिलाफ विरोधी-प्रदर्शन का दौर शुरू हो सकता है। इसके मद्देनजर कई जरूरी आदेश दिए गए हैं। 


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed