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Mahavir Jayanti: एएमयू में है 9वीं ईस्वी का स्वामी महावीर का स्तूप, जो है चारों दिशाओं में एक जैसा
Thu, 10 Apr 2025 02:01 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Thu, 10 Apr 2025 02:01 PM IST
सार
एएमयू के संग्रहालय में रखा स्तूप 1.59 मीटर ऊंचे और 0.63 मीटर चौड़ा है। स्तूप में स्वामी महावीर की मूर्ति बनी है। यह स्तूप चारों दिशाओं में एक जैसी है। इसे देखने के लिए देश-दुनिया से लोग आते हैं।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मूसा डकारी संग्रहालय में रखास्वामी महावीर का स्तूप
- फोटो : स्वयं
विस्तार
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के मूसा डाकरी संग्रहालय में 9वीं ईस्वी का महावीर स्वामी का दुर्लभ स्तूप संग्रहालय की शोभा बढ़ा रहा है। यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैयद को ऐतिहासिक वस्तुओं को संग्रह करने का शौक था।
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संग्रहालय में रखा स्तूप आकर्षण का केंद्र है। 1.59 मीटर ऊंचे और 0.63 मीटर चौड़े स्तूप में स्वामी महावीर की मूर्ति बनी है। यह स्तूप चारों दिशाओं में एक जैसी है। इसे देखने के लिए देश-दुनिया से लोग आते हैं। एएमयू के उर्दू एकेडमी के पूर्व निदेशक डॉ. राहत अबरार ने बताया कि सर सैयद की पुरातत्व में गहरी दिलचस्पी थी। उन्होंने दिल्ली पर जो प्राचीन इमारतें थीं, उन पर किताबें भी लिखी थीं। इस पर एडनबर्ग यूनिवर्सिटी ने उन्हें डाक्टरेट की उपाधि भी दी थी।
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उन्होंने कहा कि सर सैयद को जो भी दुर्लभ चीजें मिलती थीं, उसे अपने संग्रहालय में रखवा देते और कहते कि यह उनकी राष्ट्र धरोहर है, जिसकी रक्षा की जानी चाहिए। डॉ. राहत अबरार ने कहा कि बहुत समय तक यह स्तूप कुलपति लॉज के दरवाजे पर लगा था। तत्कालीन कुलपति महमूदुर्रहमान ने दरवाजे से स्तूप को निकालकर इतिहास विभाग के पुरातत्व विभाग को सौंप दिया। बाद में यह स्तूप मूसा डाकरी संग्रहालय में रखवा दिया गया।
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